UPCM ने लखनऊ में सहकारिता सम्मेलन को सम्बोधित किया

लखनऊ (23 फरवरी, 2019)।
UPCM NEWS, सहकारिता सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय, UPCM, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं लोकसभा चुनाव प्रभारी जे.पी. नड्डा, सह प्रभारी गोवर्धन झडफिया ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का स्वागत किया।

कार्यक्रम के पूर्व बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर की प्रतिमा पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं लोकसभा चुनाव प्रभारी जे.पी. नड्डा, सह प्रभारी गोवर्धन झडफिया, UPCM, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्रनाथ पाण्डेय ने पुष्पाजंलि अर्पित कर नमन किया।

महेंद्र नाथ पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प है किसानों की आय को दोगुना करने का आज हम सब संकल्प ले, सहकारिता के माध्यम से उस संकल्प को पूरा करने के लिए जीजान लगा देंगे। सहकारी क्षेत्र के माध्यम से किसानों की बेहतरी के लिए काफी कार्य किये जा सकते है। केन्द्र में मोदी और प्रदेश में UPCM की सरकारों ने किसानों की बेहतरी के लिये बहुत काम किये है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री गोविन्द बल्लभ पन्त ने सहकारिता और किसानों के लिए काम शुरू किया था। परन्तु उसके बाद की कांग्रेस, सपा, बसपा, की सरकारों ने सहकारिता आंदोलन को समाप्त किया और परिवारवाद तक सीमित कर दिया।
भारतीय जनता पार्टी ने पुनः इस आंदोलन को जीवित किया है। हम इसे जनता के बीच ले जाये और उनकी सहभागिता सुनिश्चित करे़। सहकारिता के माध्यम से साधन सहकारी समितियों के जरिये जनता के बीच काम करिये। लोकसभा के चुनाव में जनता का पूर्ण समर्थन आपके माध्यम से प्राप्त हो ऐसी योजना बनाकर सरकार के किये हुए कार्यो को लेकर जनता के बीच जाये।

UPCM ने सहकारिता सम्मेलन में बोलते हुए कहा कि सहकारिता एक आंदोलन है जिसके माध्यम से जीवन में व्यापक परिवर्तन किया जा सकता है। नये भारत के निर्णय का प्रधानमंत्री मोदी का संकल्प हम सहकारिता में साधन सहकारी समिति के माध्यम से साकार कर सकते है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था पूरी तरह से सहकारिता पर निर्भर है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने 1982 में एक बूथ अध्यक्ष के दायित्व से अपना कार्य प्रारम्भ किया था। अमित शाह जी ने सहकारिता के क्षेत्र में बहुत कार्य किया है आज भी कर रहे है। एक को-आपरेटिव बैंक के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया है। उत्तर प्रदेश में 23 महीनों के शासन में हमने किसानों की दशा में परिवर्तन लाने का प्रयास किया है।

UPCM ने कहा कि पिछली सरकारों में विकास, किसान, नौजवान, सुशासन जनता की सेवा की बजाय परिवार की सेवा करी जाती थी। 30 सहकारी बैंको की मान्यता रिजर्व बैंक ने खत्म कर दी थी। 23 महीने की भाजपा सरकार ने सुशासन के आधार पर आज हम 16 बैंकों में स्थिति सामान्य पर ले आये हैं जिसकी हमें प्रसन्नता है। शेष बैंकों को भी पुर्नजीवित करने का प्रयास किया जा रहा है। गेहूॅ खरीद की नीति बनाई गयी। हमने जब शासन में देखा तो अमित शाह को बताया यहां कोई खरीद नहीं होती है। अमित शाह ने कहा अन्य भाजपा सरकारों का काम देखिये। हमने फिर एक टीम छत्तीसगढ़ भेजी और फिर हमने उत्तर प्रदेश में किसानों से सीधी खरीद का निर्णय लेकर सेंटर खुलवाये, बिचैलियों को हटाकर किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया गया। 2017 में 37 लाख टन गेहूॅ की खरीद की गई, 2018 में 53 लाख गेहूॅ खरीदा गया। वहीं धान 42 लाख और 47 लाख टन हम खरीद चुके है।

UPCM ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सहकारिता को बदनाम किया गया था। लोगों के जीवन में खुशहाली लाने में सहकारिता एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 70 से 80 प्रतिशत लोग कृषि पर निर्भर है। किसानों के जीवन में बदलाव हुआ है। सहकारिता आंदोलन लोगों के स्वालम्बन का कारण बना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नये भारत के निर्माण की नींव रखी है। किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य है।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं उत्तर प्रदेश लोकसभा चुनाव प्रभारी जे.पी. नड्डा, सह प्रभारी गोवर्धन झडफिया, उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा, राज्यमंत्री उपेन्द्र तिवारी, प्रदेश उपाध्यक्ष सुधीर हलवासिया, सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक आर.पी. जी, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष गोबिन्द पाण्डेय, चेयरमैन यूपीसीएलडीएफ विरेन्द्र तिवारी, मनीष साहनी। इसके आलावा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, पैक्स, जिला व प्रदेश स्तरीय सभी संस्थाओं के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष संचालक गण, एवं सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश क्षेत्र व जिले के संयोजक, सहसंयोजक आदि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महामंत्री और सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रभारी विद्यासागर सोनकर ने किया।








