UPCM ने गोरखपुर में शहीद बंधु सिंह डिग्री काॅलेज के भवन का लोकार्पण किया

गोरखपुर (18 फरवरी, 2019)।
UPCM
ने जनपद गोरखपुर में सरदार नगर विकास खण्ड अन्तर्गत ग्राम करमहा में शहीद बंधु सिंह डिग्री काॅलेज के भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने अमर शहीद बाबू बंधु सिंह की प्रतिमा का अनावरण भी किया।

UPCM ने कहा कि अंग्रेजों के लिए बाबू बंधु सिंह दहशत के पर्याय थे। वर्ष 1857 के समर में गोरखपुर का नेतृत्व करते हुए बाबू बंधु सिंह ने अंग्रेजों के सामने जो चुनौती पैदा की उससे अंग्रेज अधिकारियों के छक्के छूट गये। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में बर्बर अंग्रेज हुकूमत के खिलाफ मध्य व उत्तर भारत में भड़के सशक्त जन विद्रोही समर के नायक बाबू बंधु सिंह अपनी अनूठी शैली के कारण फिरंगियों में दहशत और भय का पर्याय बन गये थे। बाबू बंधु सिंह चौरी-चौरा क्षेत्र डुमरी के निवासी थे।

UPCM ने कहा कि बाबू बंधु सिंह ने गुलामी को कभी स्वीकार नहीं किया। देश की स्वाधीनता के लिए अपने प्राणों की बाजी लगाने के लिए हुतात्माओं ने सर्वस्य न्यौछावर कर विदेशी शासकों का मुकाबला किया और हंसते-हंसते फांसी पर चढ़ गये। यह देशभक्त वीरगति को प्राप्त हो गए, लेकिन गुलामी स्वीकार नहीं की। UPCM ने अमर शहीद बंधु सिंह की प्रतिमा की स्थापना एवं उनके नाम महाविद्यालय के संचालन के लिए संस्थापक को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरुषों के योगदान को शिक्षण संस्थाओं के पाठ्यक्रमों का हिस्सा बनाया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को उनके आदर्शों से प्रेरणा मिल सके।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सांसद कमलेश पासवान ने कहा कि क्षेत्र वासियों को उच्च शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से इस महाविद्यालय की स्थापना की गयी है। अमर शहीद बंधु सिंह के नाम पर यह महाविद्यालय संचालित है जिसके लिए प्रबंध तन्त्र बधाई के पात्र है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्राणि विज्ञान विभाग के पूर्व अध्यक्ष डाॅ. डी.के. सिंह ने बताया कि वर्ष 1857 के क्रांति में गोरखपुर मण्डल के जिन लोगों ने अंग्रेजों के खिलाफ आन्दोलन किया था, उसमें बाबू बंधु सिंह अग्रणी थे।

इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, गोरखपुर के महापौर सीता राम जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण और शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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