UP_Dy_CM ने सरकार की स्टार्ट-अप नीति और इलेक्ट्रानिक्स नीति में प्रस्तावित संशोधनों के सम्बन्ध में बैठक की

उत्तर प्रदेश।
UP_Dy_CM डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में प्रदेश सरकार की स्टार्ट-अप नीति और इलेक्ट्रानिक्स नीति में प्रस्तावित संशोधनों के सम्बन्ध में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। वर्तमान प्रदेश सरकार के गठन के पश्चात ‘‘उ.प्र. इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण नीति-2017’’ और ‘‘उ.प्र. सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्टार्ट-अप-नीति-2017’’ घोषित की गई थी। नीतियों के अन्तर्गत निवेशकों को अनुमन्य किए जाने वाले ‘‘वित्तीय प्रोत्साहनों को प्रथमबार रोजगार सृजन से सम्बद्ध’’ किया गया है।

उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण नीति-2017 के अन्तर्गत नोयडा, ग्रेटर नोयडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र को ‘‘ इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिंग जोन (ई.एम.जेड)’’ घोषित किया गया है। इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण का विस्तार सम्पूर्ण राज्य में करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा नीति में संशोधन किये जाने पर विचार किया जा रहा है। नीति के अन्तर्गत अनुमन्य वित्तीय प्रोत्साहनों को और अधिक तर्कसंगत बनाये जाने पर विचार किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 2500 एकड़ से अधिक क्षेत्र में इलेक्ट्रानिक सिटी की स्थापना भी विचाराधीन है।

प्रदेश सरकार की स्टार्ट-अप नीति-2017 में प्रस्तावित संशोधनों के अन्तर्गत युवाओं में उद्यमिता की भावना उत्पन्न करने के लिए विद्यालय/विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में स्टार्ट-अप नवप्रवर्तन और उद्यमिता पर पाठ्यक्रम सम्मिलित किये जाने पर विचार किया गया।

प्रदेश स्थित विश्वविद्यालयों को इस कार्यक्रम से जोड कर उन्हें इस नीति के तहत पंजीकृत विद्यार्थी स्टार्ट-अप दलों को अनुग्रह अंक देने और उपस्थिति में शिथिलता प्रदान करने हेतु भी प्रोत्साहित किया जाना प्रस्तावित है।

प्रस्तावित संशोधनों में मान्यता प्राप्त इन्क्यूबेटर्स में महिला संस्थापकों/ सह-संस्थापकों वाले स्टार्ट-अप्स को वरीयता के आधार पर सीटें आवंटित किये जाने का भी प्रस्ताव है। महिलाओं/दिव्यांगजन/ट्राॅसजेन्डर्स द्वारा स्थापित/सह-स्थापित स्टार्ट-अप्स अथवा 50 प्रतिशत अथवा अधिक महिला/दिव्यांगजन कर्मियों वाले स्टार्ट-अप्स अथवा पूर्वान्चल एवं बुन्देलखण्ड क्षेत्रों के विकास के लिए पूर्वान्चल/बुन्देलखण्ड क्षेत्र में पंजीकृत कार्यालय परिचालन वाले स्टार्ट-अप्स हेतु अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन भी प्रस्तावित किया गया है।

बैठक में अपर मुख्य सचिव आईटी एवं इलेक्ट्राॅनिक्स आलोक सिन्हा, विशेष सचिव आईटी एवं इलेक्ट्राॅनिक्स कुमार प्रशान्त सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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