वाराणसी में स्मार्ट सिटी के तहत 259.43 करोड़ की 15 परियोजनाएं पूर्ण : योगी

वाराणसी (31 अक्टूबर, 2020)।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज वाराणसी के सर्किट हाउस सभागार में जनपद के विकास एवं निर्माण परियोजनाओं की प्रगति तथा कानून व्यवस्था की समीक्षा की। साथ ही, उन्होंने जनपद में कोविड-19 से बचाव एवं नियंत्रण तथा चिकित्सा व्यवस्था की भी समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वाराणसी में बड़ी संख्या में देश व दुनिया से लोग आते हैं। यहां विकास के कार्य तेजी से हुए हैं। शुद्ध पेयजल हेतु हर घर नल योजना संचालित की गई है। उन्होंने ग्रामीण विद्युतीकरण कार्य को व्यवस्थित किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इसकी थर्ड पार्टी समीक्षा होगी। पंचकोसी परिक्रमा मार्ग सहित सभी धर्म स्थलों, धर्मशालाओं के सुदृढ़ीकरण व पुनरुद्धार की कार्यवाही की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा हो और वे काशी के विकास से परिचित हों। वाराणसी में बड़े पैमाने पर आर0ओ0बी0 व पुल बन रहे हैं। इनमें सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जाए। पी0डब्ल्यू0डी0, जल निगम, विद्युत आदि समस्त विभाग गुणवत्ता, समयबद्धता व पारदर्शिता के साथ कार्य करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग के दिशा-निर्देशों के क्रम में सेवापुरी में हो रहे कार्यों को ‘सेवापुरी मॉडल’ के रूप में प्रत्येक विधानसभा के एक ब्लॉक में जनप्रतिनिधिगण अपने पर्यवेक्षण में लागू कराएं। सेवापुरी में केन्द्र सरकार की योजनाओं को अच्छे से लागू किया गया है। राज्य सरकार की योजनाओं को भी इसी प्रकार प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। ग्राम पंचायत भवनों को ग्राम सचिवालय के रूप में विकसित किया जाए। इसे ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ें, गांव के समस्त कार्य, गतिविधि को यहीं से संचालित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वाराणसी का प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में देश में प्रथम स्थान पर होना गौरव की बात है। संस्कृति, धर्म, अध्यात्म व शिक्षा की नगरी काशी अब विकास के लिए भी प्रेरणादायी बन रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप वाराणसी में विकास के कीर्तिमान स्थापित हो रहे हैं। वाराणसी में विकास की 9259.7 करोड़ रुपए की 136 प्रमुख परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। काशी विश्वनाथ काॅरीडोर अद्भुत एवं अकल्पनीय होगा। कोरोना काल में विषम परिस्थिति में वाराणसी में व्यापक सेवा कार्य, चिकित्सा व्यवस्थाएं, सामाजिक सहायता के कार्य हुए, जिसका अच्छा सन्देश गया। कोरोना की विभीषिका के बाद वाराणसी में पुनः पर्यटन, व्यापारिक व औद्योगिक गतिविधियां तेजी से बढ़ने लगी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है। इसके प्रति सजग रहें। वैक्सीन आने तक सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क जरूरी है। उन्होंने कहा कि कोविड नियंत्रण के सम्बन्ध में जनपद में अच्छा कार्य हुआ है। रिकवरी दर को और बेहतर किया जाए। कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग तेज करें, ट्रीटमेण्ट प्रभावी हो, इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेण्टर प्रभावी रहे। सर्विलांस सिस्टम पूरी तरह सक्रिय रहें। उन्होंने कहा कि जो गांव नगर निगम में शामिल हुए हैं, उनके लिए नगर निगम में धनराशि की व्यवस्था की जा रही है। इससे नगर निगम द्वारा वहां बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
मण्डलायुक्त एवं जिलाधिकारी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विकास एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं के साथ-साथ कोरोना चिकित्सा व्यवस्था के सम्बन्ध में अवगत कराया। उन्होंने बताया कि जनपद वाराणसी का कोरोना संक्रमित का रिकवरी रेट 91.4 फीसदी है। कोरोना पॉजिटिव मरीजों की चिकित्सा हेतु 1462 बेड उपलब्ध हैं। राज्य सरकार, स्टेट फाइनेंस कमिशन व नेशनल हेल्थ मिशन द्वारा बी0एच0यू0 व जनपद के स्वास्थ्य विभाग को 11.38 करोड़ रुपए कोरोना से बचाव व चिकित्सकीय की व्यवस्थाओं हेतु उपलब्ध कराए गए हैं।
कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों व माफियाओं पर प्रभावी कार्रवाई हो। काशी रेंज की सीमा बिहार व अन्य राज्यों से जुड़ती है, इसलिए विशेष सतर्कता बरतें। गांवों में विवादों को बढ़ने न दिया जाए। अपराधी तत्वों के असलहे निरस्त करने की कार्यवाही हो। अपराधी व माफियाओं पर प्रभावी कार्रवाई जारी रहे, इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। वाराणसी में गैंगस्टर एक्ट के तहत अच्छी कार्रवाई हुई है, इसे और तेज किया जाए। माफियाओं की अवैध सम्पत्ति के जब्तीकरण व ध्वस्तीकरण की कार्यवाही जारी रहे। इसमें आने वाला खर्चा सम्बन्धित व्यक्ति से वसूला जाए। महिलाओं व धर्म गुरुओं पर दुव्र्यवहार का यदि कोई प्रकरण संज्ञान में आता है, तो तत्काल प्रभावी कार्रवाई करें। सोशल मीडिया पर नजर रखी जाए। अफवाह या उकसाने वाली खबरों पर कार्यवाही हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सुरक्षा, सम्मान व स्वावलम्बन हेतु ‘मिशन शक्ति’ अभियान संचालित है। इसमें जागरूकता का बड़ी भूमिका है। ‘मिशन शक्ति’ अभियान के सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित विभाग अपने-अपने स्तर पर समीक्षा करें। महिला सुरक्षा के दृष्टिगत पेशेवर अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई की जाए। ऐसे अपराधियों के पोस्टर चैराहे पर लगेंगे। कोर्ट में अच्छी पैरवी कर अपराधियों, माफियाओं को न्यायालय से दण्डित कराने की कार्रवाई करायी जाए। अपराधी को कानून का भय हो। चार्ज शीट समय पर दाखिल हो। पर्व-त्योहारों पर विशेष सावधानी रखी जाए। पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगातार कार्यरत रहें, जिसके माध्यम से कोविड से बचाव, महिला सुरक्षा व सड़क सुरक्षा के सम्बन्ध में सन्देश प्रसारित किए जाएं।
इस अवसर पर अपर पुलिस महानिदेशक ने जोन तथा एस0एस0पी0 ने जनपद में कानून व्यवस्था, अपराधियों एवं माफियाओं के विरुद्ध कार्यवाही के सम्बन्ध में प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि व्यापारिक संस्थाओं, जहां व्यापारिक लेन-देन होता है जैसे-सर्राफा मार्केट आदि पर त्योहारों के दृष्टिगत 200 पुलिसकर्मी असलहों सहित तैनात किए गए हैं। वाराणसी में ‘मिशन शक्ति’ अभियान के सम्बन्ध में एक सप्ताह में 76,500 महिलाओं को जागरूक किया गया। 759 लोगों पर एण्टी रोमियो टीम द्वारा कार्यवाही की गई है। माफियाओं की करोड़ों रुपए की सम्पत्ति जब्त की गई।

बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि जनपद में 9259.71 करोड़ रुपए की 136 प्रमुख परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। इसमें से 401.93 करोड़ रुपए की 26 परियोजनाएं अन्तिम चरण में हैं, जो शीघ्र ही पूर्ण हो जाएंगी। 7.74 करोड़ रुपए की 02 परियोजनाएं माह नवम्बर एवं 915.39 करोड़ रुपए की 25 परियोजनाएं इसी वर्ष माह दिसम्बर तक पूर्ण हो जाएंगी। जबकि 3396.26 करोड़ रुपए की 39 परियोजनाएं अगले वर्ष माह मार्च, 1827.94 करोड़ रुपए की 39 परियोजनाएं दिसम्बर, 2021 तथा 2710.46 करोड़ रुपए की 05 परियोजनाएं दिसम्बर 2021 के बाद पूर्ण हो जाएंगी।
मुख्यमंत्री योगी को अवगत कराया गया कि अब तक पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं में बी0एच0यू0 में 45 करोड़ रुपए लागत का 100 बेडेड एम0सी0एच0 विंग, 60.63 करोड़ रुपए से 80 अध्यापकों के आवास, 29.63 करोड़ रुपए से रीजनल आॅर्थोलाॅजी विंग, 19 करोड़ रुपए के गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के विभिन्न कार्य, सेवापुरी ब्लाॅक में वृहद गौ संरक्षण केन्द्र, केन्द्रीय कारागार की बाउण्ड्री वाॅल, एयरपोर्ट पर यात्री निवास ब्रिज, 18.46 करोड़ रुपए से श्री लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल रामनगर का अपग्रेडेशन, सीड स्टोर निर्माण, आई0पी0डी0एस0 फेस-2 के 118.20 करोड़ रुपए के विद्युत के कार्य, राजकीय बालिका पॉलीटेक्निक में बिल्डिंग निर्माण, 8.75 करोड़ रुपए से स्पोट्र्स स्टेडियम में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास कार्य, सारनाथ में लाइट एण्ड साउण्ड शो, पंडित दीनदयाल अस्पताल में 50 बेडेड महिला विंग निर्माण, शहर के 21 रोड जंक्शन के विकास कार्य, वाराणसी शहर मे 23 करोड़ रुपए से स्मार्ट लाइटिंग कार्य, साधन सहकारी समिति कपसेठी में 100 मीट्रिक टन गोदाम निर्माण, 108 सामुदायिक शौचालय, 105 आंगनबाड़ी केन्द्र, ग्राम पंचायतों में बने 101 गौशालाओं आदि कार्य पूर्ण हो चुके हैं। अवशेष निर्माणाधीन कार्यों को समय-सीमा व गुणवत्ता के साथ चरणबद्ध रूप में पूर्ण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि 804 करोड़ रुपए लागत की सुल्तानपुर-वाराणसी के फोरलेन चौड़ीकरण राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना तथा 785 करोड़ रुपए की फोरलेन चैड़ीकरण घाघरा ब्रिज-वाराणसी सेक्शन परियोजना के कार्य इसी वित्तीय वर्ष के अन्त तक पूर्ण हो जाएंगे। वाराणसी-गाजीपुर फोरलेन चैड़ीकरण सड़क, जिसकी परियोजना लागत 868.50 करोड़ रुपए है, मार्च, 2021 तक पूर्ण हो जाएगी। वाराणसी के रिंग रोड फेज-2 की 1354.67 करोड़ रुपए की परियोजना पर तेजी से कार्य हो रहा है, जिसे अगले वित्तीय वर्ष के अंत तक पूर्ण कर लिया जाएगा। राजमार्गों का चैड़ीकरण वाराणसी की रोड कनेक्टिविटी में मील के पत्थर साबित होंगे। पंचकोसी परिक्रमा मार्ग, भिखारीपुर तिराहे से एन0एच0-2 तक चैड़ीकरण, कैण्ट से पड़ाव मार्ग का चैड़ीकरण सम्बन्धी 144 करोड़ रुपए की तीनों परियोजनाएं माह दिसम्बर, 2020 तक पूर्ण हो जाएंगी। कपसेठी पर आर0ओ0बी0 व कालिकाधाम पर वरुणा नदी सेतु माह जून, 2021 तक बन जाएंगे, जो भदोही आगमन को बड़ी सहूलियत देंगे।
वाराणसी-गाजीपुर मार्ग पर आर0ओ0बी0, वरुणा पर कोनिया-सलारपुर सेतु अगले 4 माह में पूर्ण हो जाएंगे। लहरतारा-फुलवरिया मार्ग पर दो आर0ओ0बी0, एक वरुणा नदी पर पुल तथा फोरलेन सड़क निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है, जिसका 40 फीसदी कार्य पूर्ण हो चुका है। यह परियोजना अगले वर्ष माह दिसम्बर, 2021 तक पूर्ण हो जाएगी। कुकिंग गैस पाइपलाइन से घरों में सप्लाई हेतु क्रियान्वित 345 करोड़ रुपए की परियोजना में 50 फीसदी कार्य पूर्ण हो चुका है। 21,360 घरों में जी0आई0 पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर का कार्य पूर्ण हो चुका है। बेहतर विद्युतीकरण व्यवस्था हेतु नगवा व अलईपुर में विद्युत सब स्टेशन निर्माण हो रहा है। शहर की समस्त शेष ओवरहेड लाइनों को भूमिगत केबल में परिवर्तित करने एवं आधुनिकीकरण करने की कार्य योजना पर कार्य किया जा रहा है।
शहर में सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित कराए जाने हेतु वाहन पार्किंग की बेहतर सुविधा के लिए गोदौलिया पर दो पहिया वाहन पार्किंग, सर्किट हाउस के पास विशाल भूमिगत पार्किंग, बेनियाबाग में बड़ी भूमिगत पार्किंग, टाउनहॉल के पास पार्किंग स्थल तेजी से निर्माणाधीन है। बेहतर चिकित्सा व्यवस्था की दृष्टि से वाराणसी पूर्वी उत्तर प्रदेश सहित इससे जुड़े प्रदेशों के लिए चिकित्सा का हब बन गया है। बी0एच0यू0 में चिकित्सा विंग के विस्तारीकरण, मौलाना साद ट्रामा सेण्टर व कैंसर इंस्टीट्यूट के विस्तारीकरण के अलावा विभिन्न राजकीय व मण्डलीय चिकित्सालयों सहित ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा व्यवस्था का विस्तार व नवीनतम टेक्नोलॉजी युक्त बनाया जा रहा है। काशी के प्रसिद्ध गंगा घाटों को सुदृढ़ीकरण कराकर पर्यटकों के लिए आकर्षण बनाया जा रहा है। गंगा जी की स्वच्छता, निर्मलता व अविरलता हेतु विभिन्न एस0टी0पी0 का निर्माण, ट्रांस वरुणा सीवरेज, हाउस सीवरेज का एस0टी0पी0 से कनेक्शन आदि पर योजनाएं लागू की गई हैं।
वाराणसी में केन्द्र व राज्य सरकार के संयुक्त क्रियान्वयन से वृहद स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास हुआ है। इसके फलस्वरुप वाराणसी कई क्षेत्रों पूर्वी उत्तर प्रदेश सहित यहां से जुड़े अन्य प्रदेशों के लिए स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी, कृषि एवं हैण्डलूम उत्पाद व पर्यटन के क्षेत्र में हब बन रहा है। आज बनारस देश-दुनिया के नक्शे पर देश-विदेश के पर्यटकों को प्रमुखता से आकर्षित करता है। काशी विश्वनाथ धाम निर्माण परियोजना काशी की पौराणिकता, धार्मिकता एवं आध्यात्मिकता को संजोए हुए आधुनिकता एवं नवीनता का अनुपम, भव्य सुविधायुक्त धाम होगा। प्रधानमंत्री जी का माँ गंगा एवं काशी विश्वनाथ जी के प्रति अगाध विश्वास व आस्था से उनकी मंशा के अनुरूप बन रहे यह धाम विश्व की समस्त भारतवंशियों सहित विदेशियों के लिए आकर्षण का केन्द्र बनेगा। यह पर्यटन की दृष्टि से भी आकर्षक, मनमोहक व उत्कृष्ट होगा। काशी विश्वनाथ धाम परियोजना में नक्काशीदार व चमकदार पत्थर सजने लगे हैं। इस परियोजना को अगस्त, 2021 तक पूर्ण करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है।
स्मार्ट सिटी के तहत वाराणसी की रैंकिंग बेहतर है। 259.43 करोड़ रुपए की 15 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। स्मार्ट सिटी में शहर में 519.40 करोड़ रुपए की 22 परियोजनाएं एवं 51.52 करोड़ रुपए की 04 परियोजनाएं कन्वर्जेस के कार्य की प्रगति पर है। 87.36 करोड़ रुपए की 02 परियोजनाओं के कार्यों हेतु टेण्डर प्रक्रिया की जा रही है। इसके अतिरिक्त 60 करोड़ रुपए की 02 परियोजनाएं अन्य विभाग की भी टेण्डर प्रक्रिया जारी है। डॉक्टर सम्पूर्णानन्द स्पोट्र्स स्टेडियम में 22 करोड़ रुपए से फर्नीचर एवं खेल उपकरण व्यवस्था परियोजना का भी टेण्डर प्रक्रिया की जा रही है।
स्मार्ट सिटी में किए जा रहे प्रमुख कार्यों में नगर के बीचो-बीच मछोदरी में स्मार्ट स्कूल का 14.21 करोड़ रुपए से निर्माण कराया जा रहा है, जो अगले 03 माह में तैयार हो जाएगा। गंगा जी के 84 घाटों पर एकरूपता से सूचना पट्ट लगाए जाने का निर्माण कार्य इसी वर्ष के अन्त तक हो जाएगा। पाण्डेयपुर, चकरा, सोनभद्र, नदेसर एवं चितईपुर के तालाबों का 15.40 करोड़ रुपए से विकास एवं सौन्दर्यीकरण कार्य जनवरी, 2021 तक हो जाएगा। इसी के साथ चार पार्कों का सुन्दरीकरण भी होगा। रीडेवलपमेण्ट ऑफ़ वाॅर्ड ऑफ़ ओल्ड काशी के कालभैरव, कामेश्वर महादेव, राजमन्दिर, जंगमबाड़ी एवं दशाश्वमेध वाॅर्ड का 75.73 करोड़ रुपए का कार्य जुलाई, 2021 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। शहर के 720 स्थलों पर 128 करोड रुपए की एडवांस सर्विलांस कैमरा स्थापना की परियोजना माह मार्च, 2021 तक पूर्ण हो जाएगी। स्मार्ट सिटी मिशन में दशाश्वमेध घाट के पुनर्विकास, खिड़कियां घाट के पुनर्विकास के कार्य प्रारम्भ हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त इलेक्ट्रिकल स्काडा, विद्युत बस स्टेशन चार्जिंग स्टेशन स्थापना आदि कार्य हेतु टेण्डर प्रक्रिया की जा रही है।
बैठक में जनप्रतिनिधियों से सुझाव लिए गए और उनके द्वारा बताए कार्यों को क्रियान्वित करने हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को मुख्यमंत्री जी ने निर्देशित किया।
इस अवसर पर पर्यटन, संस्कृति, धर्मार्थ कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ0 नीलकंठ तिवारी, स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क, पंजीयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।








