#UPCM योगी ने जनपद एटा में विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा की

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद एटा के कलेक्ट्रेट सभागार में आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि समीक्षा बैठक को केवल समीक्षा तक सीमित न रखते हुए जनपद से सम्बन्धित समस्याओं के बारे में शासन को अवगत कराया जाए। यदि फिर भी समस्या हल नहीं होती है, तो मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराएं। आई0जी0आर0एस0 एवं सी0एम0 हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों को मेरिट के आधार पर शिकायतकर्ता के संतुष्ट होने के उपरान्त ही निस्तारित समझा जाए।
मुख्यमंत्री योगी ने जनपद एटा में संचालित विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं- प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, गोवंश संरक्षण, जल जीवन मिशन, अमृत सरोवर योजना, कोविड-19 एवं लम्पी वैक्सीनेशन, स्वामित्व योजना, निःशुल्क स्मार्ट फोन/टैबलेट वितरण, रोजगार सृजन के बारे में अधिकारियों से विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से अधिक से अधिक वेण्डर्स को जोड़ने के लिये शिविर लगाये जाएं। जनपद एटा में निवेश को प्रोत्साहित करने के कार्य किये जाएं।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जनपद एटा में पर्यटन की अपार सम्भावनाएं हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये हर सम्भव प्रयास किए जाएं। धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का समुचित विकास किया जाए। उन्होंने पर्यावरण एवं जल संरक्षण की दिशा में कराए जा रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त करते हुए कहा कि नदियों को उनके वास्तविक स्वरूप में लौटाने के लिए मनरेगा से कार्य कराए जाएं। नदियों को अविरल एवं निर्मल बनाए रखने के लिए कोई कोर-कसर बाकी न रखी जाए। कचरा एवं गंदगी नदियों में न डाली जाए। इस कार्य को अभियान के तौर पर लिया जाए। औद्योगिक इकाइयां अपने कचरे एवं गंदे पानी के निस्तारण के लिए ई0टी0पी0 संयंत्र स्थापित करना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार की पुरोनिधानित जल जीवन मिशन एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसमें समयबद्धता व गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। निराश्रित गो-आश्रय स्थलों का प्रभावी ढंग से संचालन हो। गोशालाओं में हरा चारा, भूसा, दाना-पानी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध रहे। सड़कों पर गोवंश न हों। नस्ल सुधार के साथ ही गोवंश संरक्षण की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। गोवंश को  प्राकृतिक खेती से जोड़ने के कार्य को आगे बढ़ाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रदेश में निःशुल्क टैबलेट/स्मार्टफोन वितरित किए जा रहे हैं। विद्यालयों में शैक्षणिक कार्य के साथ नवाचार भी कराए जाएं। उन्होंने रोजगार सृजन की दिशा में रोजगार मेलों का आयोजन करने तथा उद्योग स्थापना के लिए अधिक से अधिक ऋण वितरित कराए जाने के निर्देश दिए। नवीन औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए निवेश को अधिकाधिक प्रोत्साहन दिया जाए। उन्होंने अर्थव्यवस्था में सुधार लाने के लिए निकायों को आत्मनिर्भर बनाए जाने के साथ ही राजस्व संग्रह में तेजी लाने एवं जी0एस0टी0 की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाउडस्पीकर के सम्बन्ध में जो कार्यवाही की गयी है, ध्यान रखें कि उतारे गये लाउडस्पीकर पुनः न लगें। थाना स्तर पर इसकी समीक्षा की जाए तथा लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाए। अवैध टैक्सी एवं बस स्टैण्ड संचालित न हों। जनता को राहत पहुंचाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। आपदा के समय प्रदेश सरकार सभी पीड़ितों व प्रभावितों के साथ खड़ी है। बेमौसम हुई बरसात से फसलों के नुकसान का सर्वे राजस्व एवं कृषि विभाग संयुक्त रूप से करें।
इस अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री अजीत पाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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