UPCM ने कहा प्लास्टिक, पाॅलीथीन के उपयोग को रोकने के लिए जनजागरूकता आवश्यक

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने शास्त्री भवन में प्लास्टिक और पाॅलीथीन के प्रयोग पर प्रतिबन्ध, वृक्षारोपण की तैयारियों और लाभार्थीपरक योजनाओं के तहत वंचित लोगों के सर्वेक्षण के सम्बन्ध में वीडियो काॅन्फ्रेन्सिंग की। उन्होंने वीडियो काॅन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से समस्त मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों, नगर आयुक्तों, समस्त विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा पूरे राज्य में प्लास्टिक तथा पाॅलीथीन को बैन करने का निर्णय लिया गया है। सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जनपदों में प्लास्टिक, पाॅलीथीन, थर्मोकोल इत्यादि से निर्मित कप, ग्लास, प्लेटों इत्यादि के उपयोग को प्रतिबन्धित करना सुनिश्चित करें।

UPCM ने कहा कि प्लास्टिक और पाॅलीथीन के उपयोग पर चरणबद्ध ढंग से बैन लगाया जाएगा। आगामी 15 जुलाई, 2018 से 50 माइक्राॅन के पाॅलीबैग के इस्तेमाल को प्रतिबन्धित किया जाएगा। उसके पश्चात् 15 अगस्त, 2018 से प्लास्टिक, थर्मोकोल इत्यादि से निर्मित कप, ग्लास, प्लेटों इत्यादि के उपयोग को प्रतिबन्धित किया जाएगा, जबकि 02 अक्टूबर, 2018 से सभी डिस्पोजेबल पाॅलीबैग्स के उपयोग को बैन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन की सफलता के लिए प्लास्टिक, पाॅलीथीन इत्यादि का उपयोग बैन किया जाना आवश्यक है।

UPCM प्लास्टिक और पाॅलीथीन के प्रयोग पर प्रतिबन्ध, वृक्षारोपण की तैयारियों और लाभार्थीपरक योजनाओं के तहत वंचित लोगों के सर्वेक्षण के सम्बन्ध में वीडियो काॅन्फ्रेन्सिंग करते हुए
UPCM प्लास्टिक और पाॅलीथीन के प्रयोग पर प्रतिबन्ध, वृक्षारोपण की तैयारियों और लाभार्थीपरक योजनाओं के तहत वंचित लोगों के सर्वेक्षण के सम्बन्ध में वीडियो काॅन्फ्रेन्सिंग करते हुए

UPCM ने कहा कि प्लास्टिक, पाॅलीथीन और थर्मोकोल से निर्मित पाॅलीबैग, कप, प्लेट, ग्लास इत्यादि के इस्तेमाल से व्यापक स्तर पर प्रदूषण फैलता है। चूंकि प्लास्टिक, पाॅलीथीन से निर्मित पाॅलीबैग, कप, प्लेट, ग्लास इत्यादि नष्ट नहीं होते हैं, ऐसे में यह नालों, सीवरों इत्यादि में जमा होकर पानी के निकास को रोकने का काम करते हैं। प्लास्टिक, पाॅलीथीन के उपयोग को रोकने के लिए जनजागरूकता आवश्यक है। इसमें जनता की भागीदारी से साथ-साथ व्यापारियों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाए। सभी को प्लास्टिक और पाॅलीथीन के उपयोग को रोकने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्हें इससे होने वाले पर्यावरण प्रदूषण के विषय में विस्तृत जानकारी दी जाए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जागरूकता आने पर लोग स्वयं भी प्लास्टिक और पाॅलीथीन से बनी वस्तुओं के उपयोग को छोड़ देंगे।

UPCM ने कहा कि प्लास्टिक, पाॅलीथीन और थर्मोकोल से निर्मित पाॅलीबैग, कप, प्लेट, ग्लास इत्यादि चूंकि उपयोग के बाद फेंक दिए जाते हैं, ऐसे में यह नदियों, तालाबों, कुंओं इत्यादि को बुरी तरह से प्रदूषित करते हैं। इनसे जानवरों को भी नुकसान होता है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से अपने-अपने जिले में प्लास्टिक और पाॅलीथीन के बैन के विषय में लोगों को जागरूक करते हुए इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस विषय में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

UPCM ने सभी जिलाधिकारियों को पूरे प्रदेश में 15 अगस्त, 2018 के दिन वृक्षारोपण कार्यक्रम में व्यापक स्तर पर जनसहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण का 09 करोड़ का लक्ष्य पाने के लिए प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका, नगर निगम, विकास प्राधिकरण में वृक्षारोपण कराया जाए। राज्य स्तरीय और अन्य विभागों को भी इस कार्य में शामिल किया जाए। जनपद स्तर पर मुख्यालय और विकास खण्ड में वृक्षारोपण कराया जाए। इसके अलावा, समस्त स्कूल, काॅलेज, कार्यालय परिसर में भी वृक्षारोपण कराया जाए।

UPCM ने कहा कि वृक्षारोपण के इस पुनीत कार्य में कृषकों, स्वयंसेवी संस्थाओं, विद्यार्थियों इत्यादि की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, समस्त जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों को भी वृक्षारोपण कार्यक्रम में प्रतिभाग के लिए आमंत्रित किया जाए। इस अभियान के विषय में जागरूकता लाने के लिए प्रभात फेरी निकालने के अलावा नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जाए। व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जन सन्देश देने के लिए इलेक्ट्राॅनिक व प्रिण्ट मीडिया और सोशल मीडिया में माध्यम से प्रचार सुनिश्चित किया जाए।

UPCM ने कहा कि पेड़ हमारे अस्तित्व के लिए अत्यन्त आवश्यक हैं। ऐसे में हमें इनकी रक्षा करनी होगी तथा वनावरण को बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त, 2018 के दिन प्रदेश के सभी विभाग मिलकर वृहद स्तर पर वृक्षारोपण करवाना सुनिश्चित करें। सभी विभागों के लिए वृक्षारोपण के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। ऐसे में सभी विभागों को इन्हें हर हाल में प्राप्त करना होगा। उन्होंने गंगा हरीतिमा अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि नदियों के किनारे वृक्षारोपण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि रोपित किए गए पौधों की देख-रेख और रक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जाए।

UPCM ने वर्तमान में संचालित लाभार्थीपरक एवं कल्याणकारी योजनाओं के अन्तर्गत पात्र एवं छूटे हुए/वंचित लाभार्थियों के लिए निर्देश दिए कि निराश्रित महिलाओं को पेंशन वितरण, वृद्धावस्था/किसान पेंशन, दिव्यांगजन, अन्त्योदय राशन कार्ड, पात्र गृहस्थी राशन कार्ड, मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के सम्बन्ध में प्रभावी सर्वेक्षण किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जो लोग इन योजनाओं से वंचित रह गए हैं, उनकी सूची बनाकर शासन को उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें भी लाभान्वित किया जा सके।

UPCM ने कहा कि अगस्त के अन्तिम सप्ताह में आयुष्मान भारत योजना का क्रियान्वयन सम्भावित है। इसके तहत लाभान्वित किए जाने वाले निर्धारित परिवारों की संख्या के उपरान्त बचे हुए परिवारों की सर्वेक्षण कराकर सूची बनाई जाए, ताकि उन्हें भी लाभान्वित किया जा सके। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को सर्वे का कार्य प्रभावी ढंग से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में बड़ी संख्या में लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया था। अब उन्हें सभी लाभ वर्तमान सरकार मुहैया कराएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सर्वे का कार्य 15 अगस्त, 2018 तक अवश्य पूर्ण कर लिया जाए।

UPCM ने फरवरी 2018 में आयोजित ‘UP-इन्वेस्टर्स समिट-2018’ का जिक्र करते हुए कहा कि इसके तहत मिले प्रस्तावों में से 60 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शिलान्यास आगामी 29 जुलाई, 2018 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राजधानी लखनऊ में किया जाएगा। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में इस कार्यक्रम की लाइव स्ट्रीमिंग और लाइव टेलीकास्ट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार एक साथ इतने बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है। ऐसे में लोगों को इसके विषय में विस्तृत जानकारी दी जानी चाहिए।

UPCM फरवरी 2018 में आयोजित ‘UP-इन्वेस्टर्स समिट-2018’ का जिक्र करते हुए
UPCM फरवरी 2018 में आयोजित ‘UP-इन्वेस्टर्स समिट-2018’ का जिक्र करते हुए

इस अवसर पर प्रमुख सचिव नगर विकास ने प्लास्टिक और पाॅलीथीन बैन के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में जानकारी दी। प्रमुख सचिव वन ने वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों के विषय में विस्तार से बताया। प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास ने लाभार्थीपरक योजनाओं के वंचितों के लिए कराए जाने वाले सर्वे के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी।

मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय ने वीडियो काॅन्फ्रेन्सिंग का संचालन करते हुए सभी मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों, नगर आयुक्तों, समस्त विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों में शासन की मंशा के अनुरूप प्लास्टिक और पाॅलीथीन को चरणबद्ध ढंग से प्रतिबन्धित करना सुनिश्चित करें। इसके अलावा, उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को वृक्षारोपण के लिए निर्धारित लक्ष्यों को हर हाल में पूरा करने के लिए कहा। उन्होंने लाभार्थीपरक योजनाओं के तहत करवाए जाने वाले सर्वे को तेजी से पूरा करने के लिए कहा। साथ ही, 29 जुलाई, 2018 को प्रधानमंत्री जी द्वारा किए जाने वाले शिलान्यास कार्यक्रम को भी सफल बनाने के लिए कहा।

वीडियो काॅन्फ्रेन्सिंग के दौरान UPCM ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों के जिलाधिकारियों से प्लास्टिक और पाॅलीथीन के प्रयोग पर प्रतिबन्ध, वृक्षारोपण की तैयारियों तथा लाभार्थीपरक योजनाओं के तहत वंचित लोगों के सर्वेक्षण के सम्बन्ध में सीधे जानकारी प्राप्त की।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल सहित सम्बन्धित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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