UPCM ने शास्त्री भवन में नियोजन विभाग की समीक्षा बैठक की

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने शास्त्री भवन में नियोजन विभाग के तहत बुन्देलखण्ड पैकेज, त्वरित आर्थिक विकास योजना, बाॅर्डर एरिया डेवलपमेण्ट प्रोग्राम, आकांक्षात्मक जनपदों का रूपान्तरण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में आधार परियोजना, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के सम्बन्ध में भी समीक्षा की।
UPCM ने बुन्देलखण्ड पैकेज की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि वहां की आवश्यकतानुसार परियोजनाएं बनाई जाएं। विभिन्न विभागों द्वारा वहां पर अभी तक जो कार्य किए गए हैं, उनका मूल्यांकन करते हुए भविष्य की योजनाएं बनाई जाएं। उन्होंने कहा कि योजनाएं व्यावहारिक हों और वह सिर्फ सरकारी अनुदान तक सीमित न रहकर जनसहभागिता के आधार पर संचालित की जाएं। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं का उपयोगिता प्रमाण-पत्र लम्बित है, उन्हें शीघ्र उपलब्ध कराया जाए।
UPCM ने कहा कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र में हर घर और खेत तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। स्प्रिंकलर और ड्रिप इरीगेशन सिस्टम को बढ़ावा दिए जाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि चेक डैमों के निर्माण में तेजी लायी जाए। उन्होंने पेयजल परियोजनाओं, निजी नलकूपों के ऊर्जीकरण, सामुदायिक नलकूपों के निर्माण सहित सिंचाई, कृषि, लघु सिंचाई, दुग्ध विकास, उद्यान, पशुधन आदि विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति का विवरण लेते हुए जनसाधारण को इन योजनाओं से लाभान्वित किए जाने के निर्देश दिए। UPCM ने त्वरित आर्थिक विकास योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि जनपदों में विकास कार्यों को त्वरित गति से क्रियान्वित किए जाने के लिए यह आवश्यक है कि निर्णय की प्रक्रिया में तेजी लायी जाए। योजनाओं के अन्तर्गत किए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता की जांच की जाए।

UPCM ने बाॅर्डर एरिया डेवलपमेण्ड प्रोग्राम की समीक्षा करते हुए नेपाल के सीमावर्ती 07 जनपदों-बहराइच, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, खीरी, पीलीभीत एवं महराजगंज जनपदों की विशेष आवश्यकताओं के मद्देनजर योजनाओं के निर्माण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क, विद्यालय भवन, चिकित्सालय, सी.सी. रोड व नाली निर्माण, शौचालय निर्माण, आंगनबाड़ी केन्द्र, पेयजल, सामुदायिक केन्द्र, सोलर पम्प और सोलर स्ट्रीट लाइट सम्बन्धी व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त किया जाए।
UPCM ने आधार परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश में सभी को इस योजना से आच्छादित किया जाए। बेसिक शिक्षा, बाल विकास एवं पुष्टाहार और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग इस सम्बन्ध में अपने निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री जी को इस सम्बन्ध में बताया गया कि प्रदेश में लगभग 2.47 करोड़ की जनसंख्या को आधार योजना से जोड़ा जाना शेष है, जिसमें अधिकांश संख्या छोटे बच्चों व नवजात शिशुओं की है।
UPCM ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के सम्बन्ध में निर्देश दिए कि विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को इससे लाभान्वित करते हुए उनका डिजिटाइजेशन और आधार लिंकेज सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक विभाग का जेम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित किया जाए। DBT के माध्यम से छात्रवृत्ति की पहली किश्त 02 अक्टूबर और दूसरी किश्त 26 जनवरी तक दी जानी सुनिश्चित की जाए।
UPCM ने प्रदेश के 08 आकांक्षात्मक जनपदों-चित्रकूट, सोनभद्र, चन्दौली, श्रावस्ती, बहराइच, फतेहपुर, सिद्धार्थनगर तथा बलरामपुर के सम्बन्ध में समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि नीति आयोग के विभिन्न मानकों के आधार पर इन जनपदों में विकास कार्यक्रमों एवं योजनाओं के माध्यम से युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए इनका रूपान्तरण किया जाए। उन्होंने कहा कि 10 सितम्बर, 2018 के बाद वे इन जनपदों के दौरों पर निकलेंगे। उसके पूर्व इन जनपदों के प्रभारी मंत्री और अधिकारी जनपदों का भ्रमण करें। उन्होंने इन जनपदों में प्राथमिकता के आधार पर अधिकारियों व कर्मचारियों की तैनाती, शिक्षकों व चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।
UPCM ने कहा कि इन जनपदों में मातृ एवं शिशु कल्याण और पोषण से सम्बन्धित सभी कार्यक्रमों व योजनाओं के कार्यान्वयन की गहन समीक्षा की जाए। स्वास्थ्य मेलों का आयोजन कराया जाए, स्कूली बच्चों को पाठ्य-पुस्तक, यूनीफाॅर्म वितरण तत्काल सुनिश्चित करते हुए स्कूलों में अवस्थापना सम्बन्धी कमियों को तत्काल दूर किया जाए। कौशल विकास सम्बन्धी कार्यक्रमों को संचालित किए जाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि गांवों में सम्पर्क मार्गों व सड़कों के निर्माण की सुदृढ़ व्यवस्था की जाए।
UPCM ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला, सौभाग्य, जन-धन, जीवन ज्योति बीमा और मुद्रा योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने नियोजन विभाग को प्रत्येक 15 दिनों के अन्तराल पर समीक्षा किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इन जनपदों की रैंकिंग में सुधार लाने के सकारात्मक प्रयास किए जाएं।
इस अवसर पर प्रभारी मुख्य सचिव संजय अग्रवाल, अपर मुख्य सचिव नियोजन दीपक त्रिवेदी, कृषि उत्पादन आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा डाॅ. प्रभात कुमार, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास अनुराग श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रशान्त त्रिवेदी सहित सभी सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।








