UPCM ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रमज़ान की तैयारियों की जानकारी ली

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने शास्त्री भवन में आयोजित वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गेहूं खरीद, खाद्यान्न वितरण, खनन और रमज़ान की तैयारियों के सम्बन्ध में जिलाधिकारियों, मण्डलायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, पुलिस उपमहानिरीक्षकों, पुलिस महानिरीक्षकों तथा अपर पुलिस महानिदेशक से जानकारी प्राप्त करते हुए उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

UPCM ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए कटिबद्ध है और उनकी आय बढ़ाने की दिशा में सक्रिय प्रयास कर रही है। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य का निर्धारण करते हुए किसानों की उपज की लगातार खरीद की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष किसानों से गेहूं की खरीद के लिए 1735 रुपए प्रति कुन्तल का मूल्य निर्धारित किया गया है।

UPCM ने कहा कि गेहूं की खरीद के सिलसिले में कई जनपदों जैसे-शाहजहांपुर, लखीमपुर, पीलीभीत, गोण्डा, बस्ती, सिद्धार्थनगर से शिकायतें मिली हैं। उन्होंने सभी जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जनपदों में स्थापित किए गए गेहूं क्रय केन्द्रों का स्वयं दौरा कर सुनिश्चित करें कि किसानों के गेहूं की खरीद हर हाल में की जाए। उन्होंने बिचैलियों पर सख्ती से लगाम लगाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के गेहूं की खरीद करने के लिए कटिबद्ध है।

UPCM ने कहा कि सभी जिलाधिकारियों को गेहूं की खरीद सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत रुचि लेनी होगी। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को गेहूं खरीद के सम्बन्ध में प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को खरीदे गए गेहूं का प्रभावी भण्डारण भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गेहूं की तौल इलेक्ट्राॅनिक कांटों पर की जाए और खरीद के लिए टोकन की व्यवस्था भी की जाए ताकि किसानों को कोई दिक्कत न हो। खरीद केन्द्रों पर किसानों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए।

UPCM ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के दौरान सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के सभी लाभार्थियों की आधार संख्या को डाटाबेस में त्वरित गति से फीड कराकर सीड कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह कार्य जून, 2018 तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि पी.डी.एस. के तहत ई-पाॅस मशीनों के माध्यम से खाद्यान्न वितरण के लिए आधार फीडिंग आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि नये राशन कार्ड बिना आधार के जारी न किए जाएं। साथ ही, आधार की सीडिंग हर हाल में करवायी जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को पी.डी.एस. के तहत वितरित किए जाने वाले खाद्यान्न की कालाबाजारी रोकने तथा इसमें लिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने पी.डी.एस. को चुस्त-दुरुस्त बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीबों के खाद्यान्न की कालाबाजारी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी।

UPCM ने प्रदेश में खनन की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि खनिजों को सुलभ मूल्य पर लोगों को उपलब्ध कराने के लिए खनन क्षेत्रों की ई-नीलामी की कार्रवाई में तेजी लायी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि बालू और मौरंग के लम्बित लेटर आॅफ इन्टेण्ट के सम्बन्ध में शीघ्र कार्रवाई की जाए। साथ ही, शेष क्षेत्रों पर ई-नीलामी की कार्रवाई शीघ्र पूर्ण की जाए। उन्होंने विभिन्न जनपदों से अवैध खनन के सम्बन्ध में आ रही शिकायतों पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए इन पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

UPCM ने जनपद सोनभद्र, बांदा, झांसी, गोण्डा और फैजाबाद से खनन के सम्बन्ध में मिल रही शिकातयों के मद्देनजर इन जनपदों के जिलाधिकारियों को अवैध खनन रोकने के लिए गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स के माध्यम से इसे रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को लेटर आॅफ इन्टेन्ट के सम्बन्ध में मिल रही शिकायतों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने बस्ती जनपद से बड़ी संख्या में मिल रही शिकायतों के सम्बन्ध में मण्डलायुक्त बस्ती को मामले की जांच कराकर दो दिन में रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारी सोनभद्र से खनन के पट्टे जारी करने में हो रही देरी के सम्बन्ध में भी जानकारी ली और इन्हें शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए।

UPCM ने झांसी, हमीरपुर, बांदा, फतेहपुर, बाराबंकी, गोण्डा, फैजाबाद जनपदों के जिलाधिकारियों से भी उनके जनपदों में खनन की स्थिति के सम्बन्ध में जानकारी ली। उन्होंने जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को खनन क्षेत्रों का सम्मिलित निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 01 जुलाई से 30 सितम्बर तक बालू तथा मौरंग के क्षेत्रों में खनन प्रतिबंधित रहता है। ऐसे में, इन खनिजों का पर्याप्त भण्डारण सुनिश्चित किया जाए। इनके मूल्यों की भी माॅनीटरिंग की जाए ताकि इन्हें स्थिर रखा जा सके।

रमज़ान के मद्देनजर की गई तैयारियों के सम्बन्ध में UPCM ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के दौरान जानकारी ली। इस अवसर पर प्रमुख सचिव गृह ने मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया कि रमज़ान के दौरान शांति व्यवस्था के सम्बन्ध में पुलिस विभाग द्वारा व्यापक तैयारी की गई है। सभी पुलिस अधीक्षकों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को अपने-अपने जनपदों में शांति समिति की बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। जिला प्रशासन के साथ-साथ पुलिस प्रशासन को सभी सावधानियां बरतने के निर्देश दिए गए हैं ताकि रमज़ान का महीना सौहार्दपूर्ण वातावरण में साम्प्रदायिक सद्भाव के साथ सम्पन्न हो।

UPCM ने बदायूं, रामपुर, सम्भल, मेरठ, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, बरेली, आजमगढ़, मऊ तथा अलीगढ़ जनपदों के जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों से रमज़ान के लिए की गई तैयारियों के विषय में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अपने-अपने जनपदों के संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर लें तथा लोगों को त्योहारों और पर्वों को सौहार्दपूर्ण वातावरण में साम्प्रदायिक सद्भाव बनाए रखते हुए मनाने के लिए प्रेरित करें।

UPCM ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे रमज़ान के मद्देनजर अपने-अपने जनपदों में सुचारु रूप से विद्युत आपूर्ति तथा पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करें। साथ ही, सभी धार्मिक स्थलों तथा आयोजन स्थलों पर समुचित प्रकाश, मार्ग प्रकाश, पेयजल तथा सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करें। आवश्यकतानुसार टैªफिक डायवर्जन के भी प्रबन्ध कर लिए जाएं ताकि यातायात अवरुद्ध न हो। उन्होंने आवश्यकतानुसार CCTV कैमरे और ड्रोन कैमरे के प्रबन्ध के भी निर्देश दिए। उन्होंने फुट पेट्रोलिंग के भी निर्देश दिए। साथ ही, कण्ट्रोल रूम स्थापित करने तथा असामाजिक तत्वों पर निगाह रखने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों को भलीभांति तथा सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने के लिए सभी समुदायों के लोगों से संवाद भी स्थापित किया जाए।

UPCM ने पुलिस अधीक्षकों/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को अपने-अपने जनपदों में कानून-व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने जनपदों में लूटपाट, डकैती तथा रेप जैसी घटनाओं को रोकने की दिशा में कार्य करें। उन्होंने कहा कि डायल-100 के वाहनों का उपयोग निरन्तर पेट्रोलिंग के लिए किया जाए, ताकि ऐसी घटनाओं पर लगाम लगायी जा सके। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को अपने-अपने जनपदों में व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को अपने संस्थानों में कर्मचारी रखने से पहले उनका पुलिस वेरिफिकेशन कराने के लिए प्रेरित किया जाए।

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