UP_Dy_CM संत कबीर जयंती के अवसर पर PWD के विश्वेश्वरैया प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए

उत्तर प्रदेश।
UP_Dy_CM डाॅ. दिनेश शर्मा ने संत कबीर जयंती के अवसर पर लोक निर्माण विभाग के विश्वेश्वरैया प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त किये।

उन्होंने कबीरदास का एक संस्मरण सुनाते हुये बताया कि उन्हें ज्ञान प्राप्त करने की इच्छा हुई तो वे गुरू की खोज करने लगे। उन दिनों काशी के स्वामी रामानन्द की प्रसिद्धि चारों ओर फैली हुई थी। कबीरदास जी उनके पास गए और उनसे गुरू ज्ञान देने की प्रार्थना की। स्वामी रामानन्द ने उन्हें शिष्य बनाना अस्वीकार कर दिया। कबीरदास अपनी धुन के पक्के थे। उन्हें पता था कि, स्वामी जी नित्य प्रातः गंगा स्नान के लिए जाते हैं। एक दिन उसी मार्ग पर वे गंगाघाट की सीढ़ियों पर लेट गए। प्रातः जब हमेशा की तरह स्वामी रामानन्द जी गंगा स्नान के लिए गए तो उनका पैर कबीरदास की छाती पर पड़ गया । उनके मुख से अकस्मात् निकला ‘राम राम‘ कहो भाई। कबीरदास जी की दीक्षा हो गई और यही वाक्य उनका गुरूमंत्र बन गया और वे जीवन भर राम की उपासना करते रहे।
UP_Dy_CM डाॅ. दिनेश शर्मा ने कहा कि भारत ऋषि एवं कृषि का देश है। यहां के संतों ने पूरे विश्व को प्रेरणा दी है। उन्होंने कहा कि कबीरदास युग प्रवर्तक, समाज सुधारक और निगुर्ण ईश्वर भक्त थे। कबीर दास ने समाज में व्याप्त आडम्बर और भ्रान्तियों को दूर करने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि ऐसा माना जाता है कि कबीरदास जी ने कहीं से भी विधिवत शिक्षा ग्रहण नहीं की थी और उन्हें अक्षर ज्ञान भी नहीं था। फिर भी उनकी रचनाओं का भाव इतना सशक्त था कि समाज पर उसकी अमिट छाप पड़ी। यद्यपि कबीर जी पर कई विचारधाराओं का प्रभाव पड़ा फिर भी कबीरदास जी का अपना मौलिक दर्शन है।

UP_Dy_CM ने कहा कि कबीरदास जहां-जहां रहे, वहां उन्होंने पूरे समाज को अपनी विचारधारा से सुगंधित किया। उन्होंने कहा कि UPCM के कुशल नेतृत्व एवं निर्देशन में राज्य सरकार साहित्य, संगीत एवं कला के क्षेत्र का समग्र विकास करने के लिये निरन्तर प्रयासरत है।
इस कार्यक्रम में चिकित्सा एवं प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशुतोष टण्डन, परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वतंत्र देव सिंह, ग्राम्य विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ. महेन्द्र सिंह, लखनऊ की मेयर श्रीमती संयुक्ता भाटिया, अध्यक्ष, अनु.जा./ज.जाति आयोग बृजलाल आदि ने शिरकत की।






