नये उद्योगों की स्थापना करने वालों को मिलेगी CFTRI में विभिन्न छोटे बड़े प्रोजेक्ट की ट्रेनिंग

लखनऊ 01 सितम्बर 2022
लखनऊ को औधोगिक ज़िला बनाने की दिशा में लगातार ज़िला प्रशासन द्वारा प्रयास किये जा रहे है। जिसके क्रम में आज ज़िलाधिकारी सूर्य पाल गंगवार द्वारा देवा रोड स्थित केंद्रीय खाद्य प्रौधोगिक अनुसंधान संस्थान संसाधन केंद्र(CFTRI) में नवीन उद्योगों की स्थापना करने वाले उद्यमियों को उनके सम्बंधित उद्योग के बारे में ट्रेंनिग/टेक्निकल सपोर्ट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। ज़िलाधिकारी द्वारा बताया गया कि CFTRI में फ्लोर मिल, राइस मिल, बेकरी, केन मेकिंग, दोना पत्तल मेकिंग, कोल्ड स्टोरेज सहित विभिन्न प्रकार के छोटे बड़े प्रोजेक्ट की ट्रेनिंग/टेक्निकल सपोर्ट उपलब्ध कराया जाएगा। CFTRI के हेड डॉ पी0पी0 गोथवाल ने बताया कि नवीन उद्योगों की स्थापना हेतु ज़िला प्रशासन को पूरा सहयोग दिया जाएगा।
उक्त के बाद ज़िलाधिकारी द्वारा संस्थान के ट्रेनिंग एरिया का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में ट्रेनिंग एरिया में फ्लोर मिल, ड्रायर यूनिट, हाइड्रोलिक प्रेस फ्रूट जूसर, बॉटल क्लीनिंग व ड्रायर यूनिट, सेमी ऑटोमेटिक मिनी दाल मिल, केन मेकिंग मशीन, ऑटोमेटिक पोटैटो पीलिंग मशीन, कोल्ड स्टोरेज आदि सहित अन्य विभिन्न प्रकार के यूनिट स्थापित मिले।
उक्त के पश्चात ज़िलाधिकारी द्वारा धावा, गोयला व उत्तर धौना औद्योगिक क्षेत्र पहुँच कर उद्योगपतियों से संवाद किया गया। ज़िलाधिकारी द्वारा उद्योगपतियों को क्षमता बढ़ाने व नये उद्योगों की स्थापना करने हेतु प्रोत्साहित किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि लखनऊ के विकास का रास्ता उद्योग और व्यापार पर टिका है इसलिए लखनऊ का जिला प्रशासन पारदर्शी ढंग से कार्य करेगा और उद्यमियों के सभी विषयों में उसके साथ कंधा मिला कर खड़ा होगा। बैठक में उपस्थित सभी उद्यमियों के साथ उद्योगों को बढ़ावा देने से सम्बंधित विषयों पर गहन विचार विमर्श किया गया। बैठक में ज़्यादातर टाटा मोटर्स के वेंडर उपस्थित रहे। जिनको ज़िलाधिकारी द्वारा अपना प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के सम्बन्ध ज़िलाधिकारी द्वारा बताया गया कि औद्योगिक संगठन के पदाधिकारी भूमि की आवश्यकता के सम्बन्ध में अपनी आख्या प्रस्तुत करें तथा ग्रामीण क्षेत्र में अपने स्तर से भूमि क्रय करते हुए औद्योगिकरण को बढ़ावा दें। ज़िलाधिकारी द्वारा आश्वस्त किया गया कि उद्योग स्थापित करने में जिला प्रशासन का पूर्ण सहयोग सुनिश्चित किया जायेगा तथा यथावश्यक एनओसी तथा भूमि प्रयोजन संसोधन समयबद्ध रूप से उपलब्ध करायी जायेगी। साथ ही ज़िलाधिकारी द्वारा उद्यमियों से अपेक्षा की गई के वह नवीन उद्योगों की स्थापना हेतु प्रोजेक्ट की कास्ट और कितनी भूमि की आवश्यकता है और किस क्षेत्र में है इससे सम्बंधित प्रस्ताव उपलब्ध कराए। ताकि जिला प्रशासन द्वारा नवीन औद्योगिक क्षेत्रों/पार्कों को उद्यमियों की सुविधा के अनुसार चिन्हित किया सके।
बैठक में ज़िलाधिकारी द्वारा लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्रों में 15000 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम इकाईयां स्थापित करने के महत्वांकाक्षी योजना से अवगत कराया गया तथा उद्यमियों से अपेक्षा की गयी कि इस अभियान में वह पूर्ण सहयोग करेंगे तथा इस कार्य को अपनाते हुए मेन्टर/इसपान्सर के रूप में सहयोग प्रदान करेंगे। उद्यमियों को वर्तमान में आ रही समस्याओं की जानकारी जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने की अपेक्षा की गयी तथा वर्तमान में जो उद्योग स्थापित हैं उनको किन एन्सीलरी तथा को-मेकर इकाईयों तथा उत्पाद की आवश्यकता होगी इस हेतु सूची उपलब्ध कराने की अपेक्षा की गयी।
उक्त के बाद ज़िलाधिकारी द्वारा धावा, गोयला व उत्तर धौना औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण भी किया गया। जी0एम0 डी0आई0सी0 द्वारा बताया गया कि उक्त औद्योगिक क्षेत्र प्राइवेट है परंतु औद्योगिककरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इन तीनो क्षेत्रों में जिला उद्योग बन्धु समिति के माध्यम से पहुँच मार्ग, जल निकासी के लिए नालियां व मार्ग प्रकाश सहित अन्य विकास कार्य कराए जा रहे है।
उक्त निरीक्षण में मुख्य विकास अधिकारी रिया केजरीवाल, हेड CFTRI पी0पी0 गोथवाल, जी0एम0 डी0आई0सी0 मनोज कुमार चौरसिया, अभिनव कपूर वाइस चेयरमैन आई0आई0ए0, रजनेश शेठी RAKO पेंट्स, श्री भरत खन्ना निदेशक स्टेलियन ऑटो सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।








