सिंचाई विभाग के अधिकारियों का अनाधिकृत मंडी से मामला सेट, जेब भारी

लखनऊ पारा थाना क्षेत्र अंतर्गत तिकुनिया चौराहे के पास नहर किनारे सिंचाई विभाग की जमीन पर अनाधिकृत रूप से मौरंग, बालू और ईंट की दुकानें सजी हैं। इस काम को करने का संरक्षण खुद विभाग के अधिकारी दे रखे हैं।

अधिकारियों की मिलीभगत के कारण लंबे समय से ये खेल फल फूल रहा है और इस खेल से सिंचाई विभाग के अधिकारियों को मोटी रकम की प्राप्ति हो होती है जिसके कारण अधिकारी अपनी दोनों आंखों पर पट्टी बांध लेते हैं।

आपको बता दें पुराने पारा थाने के समाने पिंक बूथ से लेकर ओवरब्रिज तक सिंचाई विभाग की मेहरबानी से अवैध अतिक्रमण सजा हुआ है। जहां से अधिकारियों को मनचाहा शुल्क प्राप्त होता रहता है जिसके कारण लंबे समय से अनाधिकृत अतिक्रमण फैला हुआ।

सिंचाई विभाग और नगर निगम एक दूसरे के साथ पत्राचार पत्राचार खेलता है क्योंकि अधिकारियों को कार्यवाही को टालते रहना है और मोटी रकम से अपनी जेब भरनी है।
इन्वेस्टर्स समिट के बाद कार्यवाही की बात कहकर अधिशाषी अभियन्ता ने मीडिया से अपना पल्ला झाड़ लिया था लेकिन लगातार सुविधा शुल्क मिलते रहने के कारण मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
अब देखना है कि अधिकारी इस अनाधिकृत मंडी पर क्या कार्यवाही करेंगे या फिर ले देकर रफा दफा कर देंगे?








