सावन में छाई प्रवर्तन जोन 3 में अवैध निर्माणों की हरियाली

रिपोर्ट : ऋषि कुमार शर्मा।
सावन का पावन माह आते ही अवैध निर्माण रिमझिम बारिश की आड़ में चोरी छिपे बनना शुरू हो गए हैं। इसमें कोई नई बात नहीं है कि ये अवैध निर्माणों की हरियाली सावन में छाई है। यह तो हर मौसम में जारी रहता है।

खास बात है कि एलडीए के प्रवर्तन जोन 3 में अवैध निर्माण की हरियाली इस कदर हावी होती जा रही है कि जोनल भी अपनी कुर्सी नहीं बचा पा रहे हैं।
नोटिस कटाओ निर्माण कराओ का फंडा
प्रवर्तन जोन 3 में दर्जनों अवैध निर्माणों की नोटिस काट दी गई। लेकिन उच्च अधिकारी AC Room में बैठकर अपनी लुटिया खुद डुबो रहे हैं। उच्च अधिकारियों के संरक्षण में ही नोटिस काट दिए गए अवैध निर्माण को पूरा करने का ठेका निचले स्तर के अधिकारी ले लेते हैं और उजूल फिजूल रिपोर्ट बनाकर निर्माण पूरा करवा देते हैं।

जांच हुई तो नपेंगे कई अधिकारी
एलडीए सचिव से फोन के माध्यम से कई बार जानकारी लेनी चाही तो उनका फोन Busy हुआ या फिर बेचारे सचिव साहब बीमारी से ग्रस्त रहे। सच यही है कि लखनऊ विकास प्राधिकरण में एक अलग ही तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है।
सहायक अभियंता भंग करते हैं शिकायतों की गोपनीयता
जानकारी मुताबिक जोन 3 के सहायक अभियंता मोहन यादव अवैध निर्माण के खिलाफ की गई आईजीआरएस की शिकायत की जानकारी निर्माणकर्ता को साझा करते हैं। जोकि नियम विरुद्ध है और विभाग की गोपनीयता से खिलवाड़ भी है।
जोनल का फोन रहता है स्विच ऑफ
जब भी प्रवर्तन जोन 3 के जोनल अधिकारी को कॉल किया जा है तो उनका फोन हमेशा स्विच ऑफ रहता है। अब सोचने वाली बात है कि जब अधिकारी फोन ऑफ रखते हैं तो जनता की बता/समस्या क्या सुनते होंगे?
कृष्णा नगर क्षेत्र में अवैध निर्माण का भरमार
कृष्णा नगर क्षेत्र में अवैध निर्माण की भरमार सी है लेकिन खास बात है कि जहां निर्माणकर्ता ने डील की तो दिल से दिल मिल जाते हैं। नहीं तो सुपरवाइजर नोटिस चस्पा कर देता। बात यहां नहीं रुकती हैं अब नोटिस के बाद भी निर्माणकर्ता निर्माण जारी रखना चाहता है तो एक नपा तुला सुविधा शुल्क बताया जाता है जिसे पूरा करना टारगेट है। टारगेट पूरा नहीं किया तो निर्माण सील या फिर ध्वस्तीकरण के आदेश जारी कर एलडीए अपनी खुन्नस निकाल लेता है।








