भारत की ऋषि परम्परा ने योग के माध्यम से समाज व धर्म को जोड़ने का कार्य किया : सीएम योगी

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 10वें अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर यहां राजभवन में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने योगाभ्यास कार्यक्रम में शामिल योग साधकों, प्रशिक्षुओं सहित समस्त प्रदेशवासियों को अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि 10वें अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस-2024 की थीम ‘स्वयं और समाज के लिए योग’ का उद्देश्य योग को एक वैश्विक आंदोलन के रूप में फैलाना तथा सामाजिक स्वास्थ्य समस्याओं और जनकल्याण के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में श्रीनगर में 10वें अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य योगाभ्यास कार्यक्रम सम्पन्न हो रहा है। प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र संघ में इस बात के लिए लोगों को नई प्रेरणा दी कि वास्तव में अगर विश्व कल्याण का मार्ग प्रशस्त करना है तो केवल योग से हम इसको आगे बढ़ा सकते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस हमें अपनी ऋषि परम्परा की विरासत पर गर्व करने की प्रेरणा देता है। योग जीरो बजट वाला दुनिया का सबसे पहला हेल्थ इंश्योरेंस है। योग स्वास्थ्य व कल्याण का समग्र दृष्टिकोण है, जो स्वस्थ और संतुलित जीवन शैली को प्रोत्साहित करता है। हमारी भारतीय आयुष पद्धति सम्पूर्ण आरोग्यता के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है, जिसकी ओर पूरी दुनिया आकर्षित हो रही है। संपूर्ण आरोग्यता प्रदान करने की दिशा में योग की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है।

राज्यपाल ने कहा कि राजभवन द्वारा विकसित वेबपोर्टल में प्रतिदिन योग करने संबंधी शपथ का अभियान 14 जून, 2024 से 18 जून, 2024 तक चला। इसमें प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों, सम्बद्ध महाविद्यालयों तथा अन्य लोगों द्वारा भी नामांकन कर प्रतिभाग किया गया। इस अभियान में कुल 26,22,467 प्रतिभागियों द्वारा प्रतिभाग कर शपथ ली गयी और यह एक विश्व रिकार्ड बन गया है।

राज्यपाल ने कहा कि बढ़ते हुए तापमान का दुष्प्रभाव सभी के जीवन पर पड़ रहा है। इस समस्या से निपटने का सर्वोत्म उपाय है पौधारोपण है। उन्होंने सभी से आग्रह करते हुए कहा कि अधिक से अधिक पौधारोपण करें तथा रोपित पौधों की नियमित देखरेख करें। प्रधानमंत्री द्वारा ‘एक पौधा मां के नाम’ अभियान प्रारम्भ किया गया है। सभी लोग अपने प्रिय लोगों के नाम एवं स्मृति में पौधा रोपित करें और उसकी देखभाल भी करें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि योग एक सम्पूर्ण विधा है, जो हमें शारीरिक और मानसिक रूप से एकजुट करता है। भारत की ऋषि परम्परा ने अपनी दूरदृष्टि का परिचय देते हुए योग के माध्यम से समाज व धर्म को जोड़ने का कार्य किया। भारत की ऋषि परम्परा ने धर्म के माध्यम से सांसारिक उत्कर्ष, खुशहाली, ईज ऑफ लिविंग व मोक्ष प्राप्ति के लिए हमें मार्ग दिखाए हैं। योग भी हम सबको इस परम्परा के साथ जोड़ने का कार्य करता है। अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस हम सभी भारतवासियों को अपनी विरासत का स्मरण करने और भारत की ऋषि परम्परा के प्रति श्रद्धावनत होने का अवसर प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों व विजन का परिणाम है कि आज दुनिया के लगभग 200 देश अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस केे माध्यम से भारत की इस विरासत से जुड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री जी आज स्वयं भारत के मुकुट कश्मीर में श्रीनगर स्थित डल झील पर हजारों योग साधकों के साथ सामूहिक योग कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। 10वें अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘स्वयं और सबके लिए योग’ के साथ आज पूरे देश और दुनिया में योग कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। इसमें जाति, क्षेत्र, भाषा, देश व काल का भेद नहीं है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से हम सब सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में जुड़े हैं। प्रधानमंत्री जी ने योग को बढ़ावा देकर मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया है। अपने पूर्वजों, अपनी परम्परा व विरासत के प्रति इससे बड़ा सम्मान दूसरा नहीं हो सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ’शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्’ अर्थात शरीर ही सारे कर्तव्यों को पूरा करने का एक मात्र साधन है। अतः शरीर का स्वस्थ रहना अति आवश्यक है। एक स्वस्थ मस्तिष्क एक स्वस्थ शरीर में ही सम्भव है, जो योग साधना से प्राप्त किया जा सकता है। हर उम्र के व्यक्ति के लिए योग की अलग-अलग विधाएं हैं। व्यक्ति योग की क्रियाओं, विधाओं का अभ्यास करके शारीरिक व मानसिक रूप से अपने को स्वस्थ रख सकता है। व्यक्ति, समाज और राष्ट्र अगर स्वस्थ है, तो वह अपने आप ही समुन्नत व सशक्त हो सकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि लोग नियमित दिनचर्या में योगाभ्यास को शामिल करें तथा स्वस्थ और दीर्घ जीवन की दिशा में आगे बढ़ें।

इससे पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को तुलसी का पौधा और आयुष पत्रिका भेंट की।

इस अवसर पर अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी, अपर मुख्य सचिव राज्यपाल सुधीर एम0 बोबडे, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव आयुष लीना जौहरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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