हरदोई विधायक माधवेन्द्र प्रताप सिंह रानू ने नहर की पुनर्स्थापना के कार्य का शुभारंभ किया

हरदोई।
सदियों पहले जिस प्रकार भगीरथ गंगा को स्वर्ग से धरती पर लाये थे, ठीक उसी प्रकार विधायक माधवेन्द्र प्रताप सिंह रानू भी क्षेत्र के किसानों के लिए भगीरथ के रूप में सामने आए हैं, जिन्होंने शारदा नहर के पानी को बरवन व सवायजपुर रजवाहा के टेल तक पानी पहुंचाने का संकल्प लिया हैं, और शुक्रवार को इसके पहले चरण की शुरुआत हो गई हैं। पाली-भरखनी मार्ग पर स्थित नहर कोठी पर सिंचाई विभाग द्वारा बरवन व सवायजपुर रजवाहा के आंतरिक सेक्शन के पुनर्स्थापना के कार्य का फीता काटकर शुभारंभ किया।
इस दौरान विधायक माधवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि सवायजपुर-बरवन रजवाहा पिछले 40 सालों से सूखा पड़ा हुआ हैं, इस क्षेत्र के दर्जनों गांव के हजारों किसानों की उम्मीदें भी नहर के साथ साथ सूख गई। विधायक ने कहा कि हर चुनाव में नहर में पानी एक मुद्दा बन गया था, क्षेत्र के लोग इसको लेकर नेताओं पर ताने मारते थे लेकिन उन्होंने क्षेत्र की जनता से किया वायदा निभाया, और लोगों का नहर में टेल तक पानी आने का सपना पूरा होने जा रहा हैं।
विधायक माधवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि वह इसके लिए मुख्यमंत्री व सिंचाई मंत्री का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि नहर की आंतरिक संरचना काफी खराब और जर्जर हो चुकी थी, जिसके चलते टेल तक पानी नहीं पहुंच सकता था। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने उनके आग्रह पर नहर के आंतरिक सेक्शन की पुनर्स्थापना की मंजूरी दे दी। 15 जून तक सवायजपुर व बरवन रजवाहा में टेल तक पानी आ जायेगा, इससे 70 गांव की 15 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित हो सकेगी। विधायक ने कहा कि सवायजपुर विधानसभा क्षेत्र में उन्होंने तमाम विकास कार्य कराकर जनता के भरोसे को कायम रखा हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की योगी सरकार न सिर्फ महिलाओं व नौजवानों के लिए हित मे काम कर रही हैं बल्कि गांव और किसानों के हित मे भी तमाम योजनाएं लागू करना उनका विकास करने का काम कर रही हैं। इस मौके पर सिंचाई कार्य मण्डल सीतापुर के अधीक्षण अभियंता प्रभाकर प्रसाद, शारदा नहर खंड शाहजहांपुर के अधिशासी अभियंता आर.के.वर्मा, रूपापुर चीनी मिल के महाप्रबंधक पी.के.सिंह, सहायक अभियंता द्वितीय ऋतुराज सिंह, अवर अभियंता रवींद्र गौतम, विधायक प्रतिनिधि रजनीश त्रिपाठी, दीपांकुर सिंह, बागीश सिंह, शिवम तिवारी, आकाश गुप्ता, अमित गुप्ता,आदि मौजूद रहे।








