मत्स्य मंत्री ने विभिन्न विभागीय योजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास एवं शुभारम्भ किया
सहकारी संघ द्वारा 1.65 करोड़ रूपये लाभांश राज्य सरकार को किया गया - डा0 संजय कुमार निषाद

उत्तर प्रदेश के मत्स्य विकास कैबिनेट मंत्री डा० संजय कुमार निषाद द्वारा मत्स्य निदेशालय के मुख्य भवन में आयोजित कार्यक्रम में रु० 29.94 लाख रूपये से कराए गए जीर्णोद्धार कार्य का लोकार्पण एवं मत्सय विकास निगम लि. के अधीन 04 हैचरियो गोरखपुर, बस्ती, अयोध्या एवं अमेठी हैचरी की मत्स्य बीज उत्पादन क्षमता बढाने के हेतु कुल रू0 912.76 लाख की लागत से हैचरियो का जीर्णोद्धार/सुदृढीकरण के कार्य का शिलान्यास किया गया।
लोकार्पण के अवसर पर रमाकांत निषाद, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश मत्स्य विकास निगम लि० लखनऊ, तथा वीरू साहनी, सभापति, मत्स्य जीवी सहकारी संघ लि०, लखनऊ, विशिष्ठ अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के. रविन्द्र नायक प्रमुख सचिव, मत्स्य की गरिमामयी उपस्थिति में तथा राजेश प्रकाश,महानिदेशक मत्स्य एवं एन.एस रहमानी, निदेशक मत्स्य, पुनीत कुमार उप निदेशक मत्स्य, मोनिशा सिंह प्रबंध निदेशक उ.प्र. मत्स्यजीवी सहकारी संघ लि. एवं अंजना वर्मा मुख्य महाप्रबंधक मत्स्य विकास निगम लि. की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

इसके साथ ही विभाग द्वारा नदियों में मत्स्याखेट पट्टा एवं रिवर रैंचिंग की नदीवार एवं खण्डवार सूचना समयबद्ध रूप से संकलन, निगरानी एवं समीक्षा हेतु बनाए गए पोर्टल का उद्घाटन एवं मत्स्य पालकों को तकनीकी रूप से दक्ष किए जाने हेतु मत्स्य पालन एवं मत्स्य व्यवसाय से संबंधित विषयों पर विभाग द्वारा तैयार किए गए 15 विषयों की प्रशिक्षण पुस्तिका एवं मत्स्य विकास निगम लि. लखनऊ की पुस्तिका का भी विमोचन किया गया।
इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि प्रदेश में मछुआ समुदाय एवं मत्स्य पालकों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान तथा मत्स्य उत्पादन बढ़ाने हेतु केंद्र सरकार के सहयोग से एवं राज्य सरकार द्वारा परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजनान्तर्गत मत्स्य पालन के साथ-साथ मात्स्यिकी से जुड़ी अन्य परियोजनाएं यथा-मत्स्य विपणन एवं मार्केटिंग, कोल्ड चेन, फिश फ़ीड मिल तथा प्रयोगशालाओ की स्थापना संबंधी अनेक परियोजनाएं संचालित हैं। राज्य सरकार द्वारा शत प्रतिशत सहायतित मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, निषादराज बोट सब्सिडी योजना, उत्तर प्रदेश मत्स्य पालक कल्याण कोष, सघन मत्स्य पालन हेतु एयरेशन सिस्टम की स्थापना योजना संचालित है। मत्स्य पालकों के सामाजिक सुरक्षा हेतु सामूहिक दुर्घटना बीमा योजना एवं मत्स्य व्यवसाय हेतु कृषि की भांति मत्स्य पालन में निवेश हेतु किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा प्रदान की जा रही है। उक्त संचालित योजनाओं से वर्ष में प्रदेश का मत्स्य उत्पादन 13.31 लाख टन प्राप्त हुआ है, जो विगत वर्ष की तुलना में 1.71 लाख टन अधिक है।
कार्यक्रम में बताया गया कि उ.प्र. मत्स्य विकास निगम लि. लखनऊ को शासन द्वारा मत्स्य विभाग के 35 निष्क्रिय मत्स्य प्रक्षेत्र मत्स्य विकास निगम को बीज उत्पादन हेतु हस्तांतरित किये गए हैं। 35 निष्क्रिय प्रेक्षेत्रों में से 22 मत्स्य प्रक्षेत्रो का आबंटन बीज उत्पादन एवं मत्स्य गतिविधि हेतु किया गया है, जिससे निगम को रू0 17,13,077.00 की आय भी अर्जित हुई है। इसके अलावा 22 मत्स्य प्रक्षेत्रों के आबंटियों को आबंटन पत्र एवं शुभ कामना संदेश दिया गया।
उत्तर प्रदेश मत्स्य जीवी सहकारी संघ लिमिटेड को शासन द्वारा अन्तरित 35 निष्क्रिय मत्स्य प्रक्षेत्रों के सापेक्ष प्रदेश में प्रथम बार 09 मत्स्य प्रक्षेत्रों को ई-निविदा के माध्यम से निस्तारित किया गया, जो मत्स्य बीज उत्पादन एवं मत्स्य गतिविधियों के क्षेत्र में योगदान देकर मत्स्य विकास क्षेत्र में योगदान दिया जा रहा है। उक्त 09 प्रक्षेत्रों के ठेकेदारों को उत्पादन एवं मत्स्य गतिविधियों के क्षेत्र में उद्यमी के रूप में योगदान दिये जाने हेतु डा0 निषाद, सभापति, उ.प्र. मत्स्य जीवी सहकारी संघ लि. लखनऊ द्वारा शुभकामना देते हुए 09 मत्स्य प्रक्षेत्रों के आबंटियों को आबंटन प्रमाण-पत्र एवं शुभ कामना संदेश दिया गया। संघ द्वारा रू0 1.656 लाख लाभांश का चेक राज्य सरकार को जमा अंश पूजी के सापेक्ष दिया गया।








