भारत निर्वाचन आयोग ने लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 के लिए नियुक्त किये विशेष पर्यवेक्षक

सामान्य विशेष पर्यवेक्षक के रूप में  अजय वी नायक आईएएस (से0नि0) को किया गया नियुक्त

मनमोहन सिंह आईपीएस (से0नि0) को मिली पुलिस विशेष पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी

राजेश टुटेजा पूर्व आईआरएस, इनकम टैक्स की विशेष व्यय पर्यवेक्षक के रूप में हुई तैनाती

उत्तर प्रदेश में सतर्कता के साथ चुनावी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे विशेष पर्यवेक्षक

भारत निर्वाचन आयोग ने लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 और विधानसभा उपनिर्वाचन के दौरान चुनाव में धन, बाहुबल और अफवाहों से उत्पन्न चुनौतियों की कड़ी निगरानी करने के साथ निर्वाचन प्रक्रिया की मॉनिटरिंग के लिए उत्तर प्रदेश में विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि प्रदेश में सामान्य विशेष पर्यवेक्षक के रूप में  अजय वी नायक आईएएस (से0नि0), मनमोहन सिंह आईपीएस (से0नि0) को पुलिस विशेष पर्यवेक्षक तथा राजेश टुटेजा पूर्व आईआरएस, इनकम टैक्स को विशेष व्यय पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया है। उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा नियुक्त सभी पर्यवेक्षकों के पास संबंधित क्षेत्र के साथ निर्वाचन प्रक्रिया में विशेषज्ञ है। नियुक्त किये गये विशेष पर्यवेक्षक प्रदेश में सतर्कता के साथ चुनावी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आयोग द्वारा निर्वाचन में धनबल के दुरुपयोग, अवैध शराब और मुफ्त उपहारों के वितरण पर रोक लगाने के लिए विशेष पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जाती है। विशेष पर्यवेक्षकों को कर्मियों के रैडमाइजेशन, सुरक्षा बलों और वोटिंग मशीनों की औचक निगरानी करने का महत्वपूर्ण कार्य सौंपा गया है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया और समान अवसरों को प्रभावित करने के किसी भी प्रयास को विफल किया जा सके। उन्होंने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया में धन, बल पर शिकंजा कसने के दृढ़ संकल्प के साथ मौजूदा निर्वाचन व्यय की निगरानी को सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश में विशेष व्यय पर्यवेक्षक भी तैनात किए गए है।

उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग निर्वाचन के दौरान संविधान के अनुच्छेद-324 में प्रदत्त शक्तियों के तहत विशेष पर्यवेक्षकों को नियुक्त करता है। पर्यवेक्षकों को चुनावों की निष्पक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की महत्वपूर्ण और गंभीर जिम्मेदारी सौंपी गई है। विशेष पर्यवेक्षक न केवल आयोग को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और समावेशी चुनाव कराने में सहायता करेंगे, बल्कि निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान मतदाता जागरूकता और मतदान में भागीदारी को बढ़ाने में भी सहायता करेंगे।

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