यूपी-बिहार के बीच नए बस रूट पर मंथन, यूपी-बिहार के परिवहन मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक

यूपी-बिहार के बीच परिवहन कनेक्टिविटी होगी और मजबूत, मंत्रियों की अहम बैठक

  • यूपी-बिहार के बीच बढ़ेगी बस सेवा, नए मार्गों पर बनी सहमति

  • सीमावर्ती जिलों को मिलेगी बेहतर बस सुविधा, यूपी-बिहार ने बढ़ाया कदम

  • यूपी-बिहार के बीच नए बस रूट पर मंथन, जल्द होगी दूसरे चरण की बैठक

  • नए हाईवे से जुड़ेंगे नए बस रूट, यूपी-बिहार परिवहन विभाग की अहम पहल

  • यूपी-बिहार बस सेवा विस्तार की तैयारी, किराये में एकरूपता पर भी सहमति

  • आवागमन होगा आसान, यूपी-बिहार के बीच अंतर्राज्यीय बस सेवाओं को विस्तार

  • 25 अंतर्राज्यीय मार्गों की समीक्षा, नए रूट पर भी जल्द होगा फैसला

  • यूपी-बिहार के यात्रियों को बड़ी राहत की तैयारी, बस सेवाओं के विस्तार पर बनी सहमति

  • यूपी-बिहार परिवहन समझौते को मिलेगी नई रफ्तार, नए मार्गों पर होगा काम

  • बस कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर, यूपी-बिहार के परिवहन मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक

  • नए हाईवे, नए बस रूट और एक समान किराया—यूपी-बिहार ने बनाई बड़ी योजना

लखनऊ, 07 सितंबर 2026

उत्तर प्रदेश और बिहार की जनता के बीच आवागमन की सुविधा को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आज लखनऊ में उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह एवं बिहार सरकार के परिवहन मंत्री दामोदर रावत के मध्य महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में दोनों राज्यों के बीच अंतर्राज्यीय बस सेवाओं के विस्तार और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में वर्ष 2016 से प्रभावी उत्तर प्रदेश-बिहार अंतर्राज्यीय परिवहन करार, जिसे मई 2026 में विस्तारित किया गया है, के अंतर्गत निर्धारित 25 मार्गों पर बस संचालन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से बिहार के अन्य जनपदों से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के लिए बस सेवा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया गया।

अंतर्राज्यीय मार्गों पर स्टेज कैरिज बसों के संचालन के संबंध में मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 88 के अंतर्गत निर्धारित व्यवस्था पर दोनों राज्यों के परिवहन विभाग एवं परिवहन निगम के अधिकारियों ने विचार-विमर्श किया। प्रस्तावित मार्गों पर संचालन के संबंध में आपसी समन्वय के माध्यम से अग्रेतर कार्रवाई किए जाने पर सहमति बनी।

नए हाईवे के अनुरूप तय होंगे नए बस मार्ग

बैठक में यह भी सामने आया कि वर्ष 2016 के बाद दोनों राज्यों में कई नए हाईवे का निर्माण हुआ है। इन नए हाईवे को बस सेवा से आच्छादित करने के दृष्टिगत नए मार्गों का निर्धारण किया जाएगा। इसके लिए शीघ्र ही द्वितीय चरण की बैठक आयोजित की जाएगी।

बिहार राज्य की ओर से आश्वासन दिया गया कि बिहार में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों के संचालन में किसी प्रकार की बाधा अथवा असुविधा उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी। दोनों राज्यों की जनता, विशेष रूप से सीमावर्ती जनपदों में बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आपसी सहयोग पर बल दिया गया।

बस किराये में एकरूपता लाने पर सहमति

बैठक में दोनों राज्यों की बसों में किराये के निर्धारण में एकरूपता लाने पर भी सहमति व्यक्त की गई। साथ ही नए मार्गों का पुनः परीक्षण कर समतुल्य किलोमीटर के आधार पर समझौता किए जाने पर सहमति बनी।

शीघ्र शुरू होगी आगे की कार्रवाई

बिहार राज्य द्वारा अनुरोधित मार्गों का मानचित्र सहित विस्तृत विवरण शीघ्र उपलब्ध कराया जाएगा। प्राप्त विवरण का परीक्षण कर मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 88 के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही नविनिर्मित हाईवे आधारित नए मार्गों के निर्धारण के लिए द्वितीय चरण की बैठक की तिथि निर्धारित की जाएगी।

बैठक में उपस्थित अधिकारीगण

बैठक में अर्चना अग्रवाल, अपर मुख्य सचिव, परिवहन विभाग एवं अध्यक्ष, राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश तथा अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम प्रभु एन. सिंह, प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम आशुतोष निरंजन, परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के.पी. सिंह, विशेष सचिव, परिवहन विभाग, उत्तर प्रदेश अतुल कुमार वर्मा, भा.प्र.से., प्रशासक, बिहार राज्य पथ परिवहन निगम, पटना एवं उनके सहयोगी अधिकारीगण तथा परिवहन विभाग, उत्तर प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

दोनों राज्यों के बीच हुई यह पहल अंतर्राज्यीय परिवहन कनेक्टिविटी को मजबूत करने और यात्रियों को अधिक सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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