विकास खंड भोजपुर में ब्लॉक दिवस का आयोजन, CDO सहित अन्य अधिकारी रहे मौजूद

विकासखंड भोजपुर में ब्लॉक दिवस का आयोजन किया गया. जिसमें मुख्य विकास अधिकारी विक्रमादित्य सिंह मलिक, ब्लॉक प्रमुख सुचेता सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी , खंड विकास अधिकारी भोजपुर, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक मोदीनगर, खंड शिक्षा अधिकारी भोजपुर, जिला युवा कल्याण अधिकारी, मुख्य सेविका आईसीडीएस, उत्तर प्रदेश कौशल मिशन के एमआईएस मैनेजर तथा विकास खंड भोजपुर के समस्त प्रधानों, सचिवों सहायक विकास अधिकारियों एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों के द्वारा प्रतिभाग किया गया।

ब्लॉक दिवस में ओडीएफ प्लस का सभी ग्राम प्रधानों को प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि विकासखंड भोजपुर में 9 ग्राम पंचायतें ओ डी एफ प्लस हेतु शासन द्वारा चयनित की गई है और उनमें धनराशि भी खाते में प्रेषित की जा चुकी है। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा चिन्हित 9 ग्राम पंचायतों के प्रधानों से अति शीघ्र कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए गए। इस योजना के अंतर्गत ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा उपस्थित सभी ग्राम प्रधानों को विस्तार से जानकारी दी गई।

इसके पश्चात उद्यान विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक ऑडी शर्मा द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, ग्रीन हाउस ,वन ड्रॉप मोर क्रॉप, कोल्ड स्टोरेज और साग भाजी की योजनाओं के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा पशुओं में फैल रही लंपी डिजीज के बारे में उपस्थित सभी प्रधानों को उसके लक्षणों के विषय में बताया गया और उसके नियंत्रण के क्या-क्या उपाय करने हैं इस संबंध में सभी को अवगत कराया गया।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोवीड की बूस्टर डोज लगवाए जाने के संबंध में सभी ग्राम प्रधानों से अनुरोध किया गया।

विकासखंड परिसर में स्थित आईसीडीएस की मुख्य सेविका के कार्यालय में महिलाओं की गोद भराई , बच्चों का अन्नप्राशन कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा प्रतिभाग किया गया तथा आंगनवाड़ी में आने वाले बच्चों द्वारा उनको दिए जा रहे पुष्टाहार से बनाए गए विभिन्न प्रकार के व्यंजनों को भी देखा गया।

अंत में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा सभी ग्राम प्रधानों से अपेक्षा की गई कि ग्राम पंचायत के पंचायत भवनों में जन सुविधा केंद्रों का संचालन अनिवार्य रूप से कराएं क्योंकि सभी योजनाएं वर्तमान में ऑनलाइन हैं अतः एक ही स्थान पर सभी ग्रामीणों को शासन की सुविधा उपलब्ध करानी है। सभी सचिवों को नियमित रूप से एवं समय पर रोस्टर के अनुसार ग्राम पंचायतों में स्थापित किए गए मिनी सचिवालय में उपस्थित रहकर कार्य करने के निर्देश दिए गए।

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