भटऊ जमालपुर पंचायत सचिवालय और सामुदायिक शौचालय चढ़ा भ्रष्टाचार की भेंट, लाखों का बजट भी पूरी नहीं कर पाया सुविधाएं

जहाँ एक तरफ सरकार गावों के विकास के लिए लाखों-करोड़ों की योजनाएं संचालित कर रही हैं वहीं दूसरी तरह भ्रष्ट तंत्र में बैठे भ्रष्ट अधिकारी, सरकार की योजनाओं को पलीता लगा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में पंचायती राज विभाग द्वारा लाखों का बजट ग्राम पंचायत में पंचायत सचिवालय के लिए दिया जा रहा है लेकिन सरकारी धन का दुरुपयोग ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव जमकर कर रहे हैं।
राजधानी लखनऊ के खंड विकास काकोरी, ग्राम पंचायत भटऊ जमालपुर में वर्ष 2020-21 में पंचायत सचिवालय और सामुदायिक शौचालय के निर्माण कार्य हेतु लाखों रुपये का बजट सरकार ने दिया। लेकिन निर्माण कार्य मे लगने वाला लाखों रुपये ग्राम प्रधान और पूर्व ग्राम सचिव ने कहां किस मद में लगाया है? यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा।
ग्राम प्रधान रमेश चन्द्र यादव और ग्राम सचिव संजीत कुमार की मिलीभगत के चलते लाखों का बजट पास होने के बाद भी पंचायत सचिवालय का प्लास्टर अधिकतम बालू की मात्रा से कराया गया है। पंचायत भवन के पास बने सामुदायिक शौचालय में भी आधे अधूरे काम करवा कर सचिव और ग्राम प्रधान ने सरकारी धन का बंदरबाट किया है।
उत्तर प्रदेश सरकार लाखों रुपये सामुदायिक शौचालय पर खर्च कर रही है ताकि शौचालय में सभी व्यवस्थाएं पूरी रहे। लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत के कारण शौचालय में पानी की टोटी तक गायब है। वर्ष 2020-21 बना शौचालय प्रयोग के लिए आज भी तैयार नही है। पंचायत भवन में मौजूद महिला कर्मचारी का आरोप है कि पंचायत भवन के साथ साथ शौचालय में भी व्यवस्थाएं पूरी नहीं है। जिसके कारण महिला कर्मचारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
यूपी सीएम न्यूज़ द्वारा लखनऊ मुख्य विकास अधिकारी रिया केजरीवाल को मामले की जानकारी दी है। सीडीओ लखनऊ ने भ्रष्टाचार के इस मामले को संज्ञान में लिया है।
पंचायत राज विभाग द्वारा भी पंचायत सचिवालय और सामुदायिक शौचालय के निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच करने से दूध का दूध पानी का पानी साफ हो जाएगा।







