UPCM के निर्देश पर सहकारी चीनी मिल संघ की 6 आसवनियों को चलाने के प्रयास प्रारंभ किए गये

उत्तर प्रदेश।
UPCM NEWS, केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशानुसार उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ की कुल 06 आसवनियों के संचालन से पर्यावरण पर पड़ते हुए दुष्प्रभावों के दृष्टिगत इन आसवनियों के संचालन को अस्थायी रूप से बन्द कर दिया गया था। लेकिन UPCM के निर्देश पर इन आसवनियों को चलाने के प्रयास प्रारंभ किए गये हैं।
UPCM के निर्देश पर किसानों के हित में सरकार द्वारा निर्णय लिया गया कि सहकारी क्षेत्र की आसवनियों को कृषकों एवं क्षेत्र की जनता के उत्तरोत्तर विकास हेतु चलाया जाना नितान्त आवश्यक है। इस हेतु सरकार द्वारा कुल 156.00 करोड़ रू. की बायो कम्पोस्ट आधारित जीरो लिक्विड डिस्चार्ज संयंत्रों की परियोजना की स्वीकृति आसवनियों हेतु दी गयी है।
गन्ना विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इन आसवनियों में बाॅयो कम्पोस्ट आधारित जीरो लिक्विड डिस्चार्ज संयंत्र स्थापित किये जायेंगे, जिससे न केवल पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित की जायेगी अपितु कम्पोस्ट खाद का उत्पादन भी किया जायेगा और किसानों को भी उपलब्ध कराया जायेगा। इन संयत्रों के लगने से क्षेत्र के कृषकों की रसायनिक खादों पर आश्रिता भी खत्म होगी और वे बाॅयो कम्पोस्ट खाद् का प्रयोग कर मृदा की गुणवत्ता का संरक्षण करते हुए अधिक उत्पादन कर सकेंगे। सहकारी चीनी मिल संघ की समस्त आसवनियों के संचालन से लगभग 28 लाख कुन्तल शीरा का उपयोग करते हुए एथेनाॅल उत्पादन के लगभग 300 करोड़ रु. की वार्षिक आय प्राप्त होगी।
सरकार द्वारा किसानों के हित गये इस निर्णय से हजारों किसान लाभान्वित होंगे और आसवनियों पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। UPCM के इस निर्णय से सभी इकाइयां इस सीजन में चालू हो जायेंगी एवं शीरे का सदुपयोग होगा जिससे गन्ना किसानों के समयबद्ध भुगतान में भी सहयोग मिलेगा।








