UPCM ने सोनभद्र के विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक की

उत्तर प्रदेश (सोनभद्र)।
UPCM ने जनपद सोनभद्र के कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों व कानून व्यवस्था की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने बेहतर कानून व्यवस्था बनाए रखने और जिले का बिना किसी भेद-भाव के चतुर्दिक विकास करने, जनपद में हो रहे विकास कार्यों की सूची जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराए जाने और कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि पुलिस नागरिकों के साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार करे। किसी गरीब व्यक्ति को परेशान न किया जाए। अवांछनीय व असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्यवाही की जाए।

UPCM ने कहा कि जनपद सोनभद्र में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति की बहुलता है और इनके लिए लागू योजनाओं, कार्यक्रमों व सुविधाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सोनभद्र आकांक्षात्मक जिला है। इसे दो साल के अन्दर विकासशील जिले की श्रेणी में शामिल कराया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद में जिन परियोजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है, उनका लोकार्पण जनप्रतिनिधियों द्वारा कराया जाए। साथ ही, परियोजना स्थल पर सम्बन्धित सभी जानकारियां बोर्ड लगाकर प्रदर्शित की जाएं। उन्होंने कहा कि जिनके राशन कार्ड, आधार कार्ड से लिंक नहीं है, उन्हें भी खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद सोनभद्र में किसानों की बेहतरी के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र का प्रस्ताव भेजा जाए। जिले में नियमानुसार वर्षा ऋतु में बालू का खनन कार्य बंद रखा जाए। किसी भी हाल में अवैध खनन व ओवरलोडिंग न हो।
इस अवसर पर केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल, प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री, ग्राम्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ. महेन्द्र सिंह, भूतत्व एवं खनिकर्म राज्यमंत्री अर्चना पाण्डेय सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।








