मुख्यमंत्री ने चालू वित्तीय वर्ष में कर एवं करेत्तर राजस्व प्राप्तियों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक में चालू वित्तीय वर्ष में कर एवं करेत्तर राजस्व प्राप्तियों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। बैठक में जी0एस0टी0, वैट, आबकारी, स्टाम्प एवं पंजीयन, परिवहन, भू-राजस्व तथा ऊर्जा में राजस्व संग्रह के लक्ष्य और उसके सापेक्ष प्राप्तियों की समीक्षा की गयी। मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नियोजित प्रयासों से प्रदेश के कर एवं करेत्तर राजस्व संग्रह में सतत वृद्धि हो रही है। वर्तमान वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही तक विविध माध्यमों से अब तक 92 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राजस्व प्राप्ति हुई है। इसमें जी0एस0टी0/वैट से 52 हजार करोड़ रुपये, एक्साइज टैक्स के रूप में 20 हजार करोड़ रुपये, स्टाम्प एवं पंजीयन से 13 हजार करोड रुपये और परिवहन से 4700 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व संग्रह हुआ है। यह स्थिति संतोषजनक कही जा सकती है। हर विभाग ने विगत वर्ष की पहली दो तिमाहियों के सापेक्ष अच्छा राजस्व संग्रहीत किया है। यह जनता से एकत्रित राशि है, जो प्रदेश के विकास व लोककल्याणकारी कार्यों में व्यय होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार के नियोजित प्रयासों से यहां मैन्युफैक्चरिंग की गतिविधियां भी बढ़ी हैं। प्रदेश को इसका लाभ मिलना चाहिए। राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए नए स्रोत भी बनाये जाने चाहिए। चालू वित्तीय वर्ष के लिए 2.62 लाख करोड़ रुपये के राजस्व संग्रह के लक्ष्य के अनुरूप ठोस कोशिश की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व की चोरी राष्ट्रीय क्षति है। जी0एस0टी0 सहित कर चोरी/अपवंचन की कोशिशों को रोकने के लिए सजगता बढ़ाये जाने की जरूरत है। छापेमारी की कार्यवाही से पहले पुख्ता जानकारी इकठ्ठा की जाए। इंटेलिजेंस को और बेहतर करने की आवश्यकता है। इंफोर्समेंट की कार्यवाही की गोपनीयता और शुचिता से खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों को चिन्हित कर, उनके विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि विशेष अनुशासनिक इकाइयों और सचल दल इकाइयों की सक्रियता और बढ़ाये जाने की जरूरत है। यद्यपि हाल के समय में इनकी सजगता से कर चोरी/अपवंचन पर प्रभावी रोक लगाने में सफलता मिली है। फिर भी, अभी कार्यशैली को बेहतर किए जाने की जरूरत है। इसके लिए तकनीक का अधिकाधिक उपयोग किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने पर्व-त्योहार के माहौल में अवैध शराब बनाने व बेचने वालों के फिर से सक्रिय होने की आशंका के दृष्टिगत पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि अवैध शराब से सम्बन्धित गतिविधियों पर पूरी सख्ती की जाए। किसी भी जनपद में ऐसी गतिविधि नहीं होनी चाहिए। सभी जनपदों में सभी थानों की टीम एक्टिव मोड में इनकी निगरानी करें। खनन कार्य में संलग्न वाहनों में किसी भी दशा में ओवरलोडिंग न हो। यह नियम विरुद्ध है, जो दुर्घटनाओं का कारक भी बनता है। इस दिशा में सख्ती की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बालू, मोरंग, गिट्टी जैसे उपखनिजों का आम आदमी से सीधा जुड़ाव है। इनकी कीमतों में अनावश्यक बढ़ोत्तरी न हो। विभिन्न विकास परियोजनाएं भी इससे प्रभावित होती हैं। ऐसे में उपखनिजों का कृत्रिम अभाव पैदा करने वाले कालाबाजारियों के खिलाफ विधिक कार्यवाही की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा अनेक नीतिगत कदम उठाए गए हैं। इलेक्ट्रिक वाहन के उपयोग के प्रति जनजागरूकता बढ़ायी जाए। परिवहन के साधन के रूप में स्कूल, परिवहन निगम, नगर निगम आदि में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाए। चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाये जाने के लिए प्रयास तेज किए जाएं। उन्होंने परिवहन निगम में अनुबन्धित बसों की संख्या और बढ़ाये जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

इस अवसर पर वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, आबकारी एवं मद्य निषेध मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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