लखनऊ नगर आयुक्त को मत करना फ़ोन, फिजूल जाएगा आपका बैलेंस

राजधानी लखनऊ में अगर आपको नगर निगम से कोई सम्बंधित शिकायत करनी हो तो लखनऊ नगर आयुक्त को गलती से भी फ़ोन मत करना। वैसे तो नगर आयुक्त साहब बहुत अच्छे हैं लेकिन उनके अगल बगल बैठे अधिकारी उनकी ही छवि खराब करने पर तुले हैं।

आपको बता दें कि IGRS के माध्यम से 2 महीने पूर्व एक शिकायत की गई उनकी रिपोर्ट अधिकारियों ने ऐसे भेजी की, खुद उनके ही अधिकारी नहीं पढ़ सकते। जानकर हैरानी होगी कि IGRS में रिपोर्ट लगाने के बाद उसे पढ़ना मुख्यमंत्री महोदय के बस की बात नहीं है।

शिकायत में अवैध अतिक्रमण को लेकर एक IGRS की गई। जिसमें अधिकारियों ने रिपोर्ट में शिकायत पर जांच और कार्यवाही के लिए कह दिया लेकिन अवैध अतिक्रमण आज भी जस का तस बना हुआ है।

आपको बता दें कि लखनऊ के पुराना पारा स्थित हँसखेड़ा जाने वाली मुख्य रोड पर पुलिस पिंक बूथ के बगल से लेकर ओवर ब्रिज तक अवैध अतिक्रमण फैला है लेकिन नगर निगम और सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के चलते यह अतिक्रमण कभी नही हटता।

सच तो यह है कि हाल ही में नगर निगम जोन 6 के अधिकारियों ने गरीब लोगों की झुग्गियों को बुलडोजर से अतिक्रमण के नाम पर हटा दिया। लेकिन उसी से चंद कदम की दूरी पर अवैध सब्जी मंडी और अवैध रूप से सड़क किनारे अवैध ढाबा, बास बल्ली का अतिक्रमण है पर क्या मजाल कोई अधिकारी उसे हटाता। इसके पीछे अधिकारियों की मिलीभगत है।

अब आपको बताते है कि नगर आयुक्त को कई बार इस समस्या के लिए फ़ोन करके बताया गया लेकिन उनके अधिकारी ने सूचना लिखकर ठंडे बस्ते में डाल दी। जिससे जिससे साफ जाहिर होता है कि अधिकारियों की मिलीभगत के चलते कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। इस लिए नगर आयुक्त महोदय को फ़ोन करके कुछ नहीं होने वाला।

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