#PM मोदी द्वारा विश्व के पहले नैनो यूरिया (तरल) संयंत्र का किया गया लोकार्पण

इस अवसर पर अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि देश में लंबे समय से सहकारिता क्षेत्र से जुड़े लोगों की एक मांग थी कि केन्द्र सरकार में सहकारिता के लिए एक अलग मंत्रालय बनाया जाए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने एक क्रांतिकारी क़दम उठाते हुए पहले सहकारिता मंत्रालय की रचना की। ये क़दम आने वाले सौ साल तक सहकारिता आंदोलन को नया जीवन देने और प्राण फूंकने वाला है। मंत्रालय बनने के साथ ही इस साल के बजट में कई क़दम उठाए गए। देश की सहकारी चीनी मिलों की कई सालों से एक समस्या थी कि ज़्यादा मुनाफ़ा किसानों को अंतरित करने पर कर लगता था। इस बजट में पीएम मोदी ने उस व्यवस्था को समाप्त कर किसानों को 8,000 करोड़ रूपए से ज़्यादा का फ़ायदा पहुँचाया है। इसके अलावा सहकारिता की सभी इकाईयों पर लगने वाले सरचार्ज को 12 प्रतिशत से घटाकर सात प्रतिशत कर दिया। क्रेडिट गारंटी फ़ंड ट्रस्ट के तहत सहकारी बैंकों को मान्यता नहीं थी, लेकिन भारत सरकार ने ये निर्णय लिया कि क्रेडिट गारंटी फ़ंड की जितनी भी योजनाएं हैं उन्हें सहकारी बैंकों के माध्यम से भी नीचे तक पहुंचाया जा सकेगा।
केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत सरकार और नाबार्ड मिलकर देशभर के 65,000 से ज़्यादा पैक्स (PACS) के कम्प्यूटराईज़ेशन का काम करने वाले हैं। नई सहकार नीति बनाने के लिए भी भारत सरकार ने सुझाव मांगे हैं और सरकार पैक्स को बहुद्देशीय बनाने के लिए भी काम कर रही है। सहकारिता की सभी इकाईयों का एक बहुत बड़ा डेटा बैंक भी भारत सरकार बनाने जा रही है। ऑर्गेनिक कृषि उत्पादों की मार्केटिंग के लिए वर्तमान में कोई व्यवस्था नहीं है, लेकिन भारत सरकार ने अमूल के तत्वाधान में एक पहल की है। उन्होने कहा कि सरकार मल्टी स्टेट कॉपरेटिव सोसाइटी एक्ट में भी सुधार करने जा रही है। नरेन्द्र मोदी द्वारा सहकारिता मंत्रालय बनाने के बाद इस नई शुरूआत से जो बदलाव आएगा उससे हमारी भर्ती, ख़रीद और ऑडिट सिस्टम आदि में भी पारदर्शिता आएगी। इससे देश की जनता में सहकारिता आंदोलन की विश्वसनीयता बढ़ेगी और सहकारिता आंदोलन एक नए प्राण लेकर मोदी जी के 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के स्वप्न को साकार करने में योगदान देने के लिए तैयार होगा।
अमित शाह ने कहा कि आज शुरू हो रहे नैनो यूरिया तरल फॉर्म के बहुत सारे फायदे हैं। इससे हमारी भूमि, पानी और हवा प्रदूषित नहीं होगी, किसानों का स्वास्थ्य भी सुरक्षित रहेगा और इसे साथ ले जाना बहुत आसान होगा जिससे किसी प्रकार के ट्रांसपोर्टेशन की जरूरत भी नहीं होगी और बहुत सारा श्रम भी बचेगा। उन्होने कहा कि गुजरात का सहकारिता आंदोलन देशभर में सहकारिता के लिए सफल मॉडल माना जाता है और गुजरात ने सहकारिता की आत्मा को बचाए रखने का काम किया है। देश में बहुत कम राज्य ऐसे हैं जहां पैक्स से लेकर ऐपैक्स तक सहकारिता अच्छे तरीक़े, सिद्धांतो के अनुरूप और पारदर्शिता के साथ चलती हो, उनमें गुजरात शामिल है। आज़ादी के समय से स्वदेशी और स्वावलंबन के दो स्तंभों के आधार पर सरदार पटेल और मोरारजी देसाई ने गांधीजी के नेतृत्व में सहकारिता आंदोलन की शुरूआत की और बाद में त्रिभुवनदास पटेल और बैकुंठभाई मेहता से लेकर अनेक कार्यकर्ता इसके साथ जुड़ते गए। उन्होंने पूरा जीवन सहकारिता को मज़बूत बनाने में लगा दिया और उनके द्वारा बोया गया वो बीज आज एक वटवृक्ष बनकर देश और दुनिया के सामने खड़ा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गांधीनगर, गुजरात में इफ्को कलोल इकाई में स्थापित विश्व के पहले नैनो यूरिया (तरल) संयंत्र का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि नैनो यूरिया के उत्पादन से यूरिया पर विदेशी निर्भरता कम होगी। आत्मनिर्भर भारत निर्माण के लिए गांव का आत्मनिर्भर होना बहुत आवश्यक है। आज हम मॉडल को-आपरेटिव विलेज की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के हित के लिए जो भी जरूरी है वह सब किया जायेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा देश विश्व में फर्टीलाइजर के दूसरे नंबर का कंज्यूमर है तथा उत्पादन के मामले में हम तीसरे नंबर पर हैं। इस संयंत्र के अतिरिक्त देश में 08 और नैनो यूरिया (तरल) संयंत्र लगाये जायेंगे, जिससे फर्टिलाइजर उत्पादन में हमारी स्थिति में सुधार होगा तथा हमारे किसानों को कम लागत में ही फर्टिलाइजर उपलब्ध हो सकेगा।
लोकार्पण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सहकारिता भवन में प्रदेश के सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जे0पी0एस0 राठौर तथा प्रमुख सचिव सहकारिता बी0एल0 मीणा, अपर निबन्धक सहकारिता (प्रशासन) राजेन्द्र प्रसाद, अपर निबन्धक बैंकिंग बी. चन्द्र कला, सहकारिता विभाग के समस्त अपर निबन्धक, समस्त प्रबन्ध निदेशक एवं अन्य विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया।
इस अवसर पर सहकारिता मंत्री राठौर ने कहा कि नैनो यूरिया खेती के लिए एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा। इससे कम लागत में अधिक फसल का उत्पादन होगा तथा किसानों की आय में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार करने तथा उनकों समृद्ध बनाने के लिए भारत सरकार तथा प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री जी द्वारा नैनो यूरिया (तरल) संयंत्र का लोकार्पण किया गया है, जिससे नैनो यूरिया का वृहद स्तर पर उत्पादन किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि 45 किलो की यूरिया की बोरी को आधे लीटर नैनो यूरिया से रिप्लेस किया जा रहा है। नैनो यूरिया को पानी में मिलाकर पौधों की पत्तियों पर छिड़काव किया जाता है। इसके उपयोग से पौधों में अपना भोजन बनाने की क्षमता में वृद्धि होती है, जिससे पौधों में अच्छी ग्रोथ आती है तथा उपज में भी वृद्धि होती है। इससे किसी भी प्रकार का प्रदूषण भी नहीं होता है। उन्होंने बताया कि किसानों को नैनो यूरिया के उपयोग से होने वाले लाभों की जानकारी के संबंध में जागरूक करने के लिए सहकारिता विभाग द्वारा 05 मई से 15 मई 2022 तक प्रदेश के समस्त 823 विकास खण्डों में गोष्ठी आयोजित कर किसानों को जागरूग किया गया।
इस अवसर पर सहकारिता मंत्री द्वारा उत्तर प्रदेश सहकारी उपभोक्ता संघ द्वारा उत्पादों की जानकारी के संबंध में तैयार किये गये फोल्डर का लोकार्पण किया गया।








