मां दुर्गा साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था के तत्वावधान में विचार संध्या गोष्ठी का आयोजन

मां दुर्गा साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था के तत्वावधान में गत 9 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के शुभ अवसर पर गूगल मीट पर एक साहित्यिक विचार संध्या गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का विषय वर्तमान समय में महिला:परिवार था।
इस कार्यक्रम की अध्यक्ष डाॅ संतोष खन्ना, दिल्ली एडिटर इन चीफ, विधि भारती जोर्नल/वरिष्ठ साहित्यकार, हिन्दी संस्थान द्वारा सम्मानित रही है। मुख्य अतिथि डाॅ शकुन्तला कालरा, दिल्ली एसोसियेट प्रोफेसर, दिल्ली यूनिवर्सिटी, सेवानिवृत्त, बाल साहित्यकार विशिष्ट अतिथि स्नेह लता, लखनऊ वरिष्ठ लेखाधिकारी उत्तर रेलवे, उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान द्वारा तीन बार सम्मानित विशिष्ट अतिथि अलका प्रमोद, लखनऊ उ.प्र. पाॅवर काॅरपोरेशन अनुसचिव, उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान द्वारा तीन बार सम्मानित, प्रतिष्ठित बाल साहित्यकार मुख्य वक्ता के रूामें लखनऊ के राजाजीपुरम् से पधारी मंजू सक्सेना, अ.भ. अगीत परिषद कार्यकारिणी सदस्य,कवयित्री गज़लकार/साहित्यकार) आमंत्रित साहित्यकार डाॅ अलका शर्मा, दिल्ली निजी एक्सपोर्ट कम्पनी डायरेक्टर, अध्यापिका, साहित्यकार, योग संस्कृति उत्थान पीठ संस्था, सहसम्पादक गोष्ठी का संचालन लखनऊ की कवयित्री व संस्था की महासचिव अलका अस्थाना के मुर्खाबिन्दु से किया गया। सर्वप्रथम वाणी वन्दना के लिए दिल्ली से आयी डाॅ अलका शर्मा ने किया।
कार्यक्रम की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए मंजू सक्सेना ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज महिला की स्थिति कुछ इस तरह देखने को मिलती हॅ कि कार्य करने के बाद महिला जो घर में रह रहे बुर्जगों की सेवा सत्कार नही करती।वो संस्कारों को भूलती जा रहीं है। उन्होने इस बात पर बहुत चिन्ता व्यक्त की। उसके बाद डाॅ अलका शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि महिला आज बहुत आगे बढ़ रही है उसे कई नामों से वैदिक साहित्य में पुकारा जाता रहा. कोरोना काल में महिलाओं ने घर में रहकर ही सारे कामों को किया आज जमीन से लेकर नभ तक महिला ने सिक्का जमा रखा है। महिला बहुत ही कार्यशील हो गयी है वो कभी भी कमजोर नहीं थी।
साथ में पुनः अलका प्रमोद ने अपने विचार रखे कहा कि महिलाओं को अपने अस्मिता का विशेष ख्याल रखना पडेगा आगे बढ़ने के लिए उसे अपने आत्मसम्मान का ध्यान रखना पड़ेगा। अलका अस्थाना अमृतमयी ने कहा कि हमे गांव की ओर भी झांकना पडेगा अभी भी महिलाएं अशिक्षित है। ये एक अहम् विषय है। स्नेह लता ने भी कहा कि महिला प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ रही है।
दिल्ली से जुड़ी एसोसियेट प्रो. डाॅ शकुन्तला कालरा से कहा कि महिलाओं को बच्चों की ओर विशेष ध्यान देने की जरूरत है आज बच्चे अपने को अकेला महसूस कर रहे हैं और साथ में एक बाल कविता सुनाकर ध्यान आकर्षित किया। पुनः डाॅ सन्तोष खन्ना दिल्ली ने कहा कि आधी आबादी की बात तो सही है पर हम पुरूषों की ओर भी ध्यान दे उनकी मनः स्थिति को भी परखें ये एक बड़ी जरूरत है। जिनसे हमें शिकायत है उनका भी शामिल होना जरूरी है।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन बाल साहित्यकार अलका प्रमोद ने किया और सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।








