ग्राम प्रधानों के उन्मुखीकरण कार्यक्रम हेतु आयोजित ‘प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण” का तृतीय दिवस सम्पन्न

लखनऊ।
पंचायती राज प्रशिक्षण संस्थान (प्रिट), लोहिया भवन, लखनऊ, में पंचायती राज विभाग, उ0प्र0 द्वारा ग्राम प्रधानों के उन्मुखीकरण कार्यक्रम हेतु आयोजित ‘प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण” के तृतीय दिवस का समापन हुआ।
पंचायती राज विभाग द्वारा प्रधानों की भूमिका एवं उत्तरदायित्व तथा विभागीय योजनाओ, ग्राम पंचायत विकास योजना, एस.डी.जी. ई-गवर्नेंस, स्वच्छ भारत मिशन(ग्रा0) ठोस एवं तरल अपशिष्ट पदार्थ प्रबंधन जैसे विषयों पर 24 से 29 जून की अवधि में 6 बैच में प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे कि विषय-विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रधानों को विषयवार प्रशिक्षित कर उनका ज्ञानवर्धन किया जा सके। ‘‘एक बैच की प्रशिक्षण अवधि एक दिवसीय है तथा यह आम प्रतिभागी नही बल्कि मास्टर टेªनर है, जोकि प्रशिक्षण सम्बंधी विषयों में पारंगत है। इन्हीं मास्टर ट्रेनरों की सहायता से प्रधानों के प्रशिक्षण का कार्य को जुलाई माह के द्वितीय सप्ताह में विडियों, आडियों एवं संदर्भ साहित्य की सहायता से मंडलीय उपनिदेशक (पं.) के नेतृत्व में मंडलवार व आनलाइन किया जाएगा, यह जानकारी प्रवीणा चैाधरी, उपनिदेशक (पं0) एवं नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आर.जी.एस.ए.) द्वारा दी गई।
इस अवसर पर प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए श्रीमती किंजल सिंह, निदेशक, पंचायती राज विभाग, उ0प्र0 द्वारा कहा गया कि ”ग्राम पंचायतों के सर्वांगीण विकास में ग्राम प्रधान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ग्राम पंचायतों में नवनिर्वाचित प्रधानों को उनके कार्य एवं दायित्वों की नियामक जानकारी, वित्त प्रबंधन, विभागीय महत्वपूर्ण योजनाओं आदि की जानकारी प्रदान करने से निश्चित रूप से उनकी कार्यकुशलता एवं क्षमता में वृृद्धि होगी। कोरोना संक्रमण काल में पंचायतों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण है एवं नव निर्वाचित प्रतिनिधि इन चुनौतियों से कुशलतापूर्वक लड़े एवं कार्य क्षेत्र में पूरी तैयारी से उतरे, यह अति आवश्यक है। आप प्रशिक्षक है, आपका काम जो न रूचि ले, उसको भी पढ़ाकर आयें। आप द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त कर पंचायत प्रतिनिधि स्वयं को और भी अधिक सशक्त महसूस करेंगे ऐसा मेरा विश्वास है।
इस अवसर पर पंचायतों में ई-गवर्नेंस विषय पर प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए 18 मंडलों के मंडलीय उपनिदेशक(पं0) एन.आई.आर.डी. एवं पी.आर. के सत्यापित 23 मास्टर टेªनरों के साथ प्रवीणा चैधरी, नोडल अधिकारी, राज्य सलाहकार एवं प्रशिक्षक उपस्थित रहे।
बताते चले कि कार्यक्रम के द्वितीय दिवस का उद्घाटन दिनांक 25 जून, 2021 को सुनील कुमार, सचिव, पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया गया था एवं उनके द्वारा गुणवत्तापरक प्रशिक्षणों का आयोजन के साथ ग्राम पंचायतों में सचिवालय की स्थापना, कर जन समस्याओं के निस्तारण एवं आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता पर बल देने की बात प्रशिक्षकों से कही। उन्होनें प्रतिभगियों से कहा कि प्रधानों को अवश्य बताए कि पंचायतों को स्वयं की आय स्त्रोत विकसित करने की दिशा में भी कार्य करना है ताकि वह आत्मनिर्भर बन सके, पंचायतें अपनी कार्य प्रणाली में सुधार करते हुए जेम पोर्टल को अपनाए एवं कुशलतापूर्वक कार्य कर ग्रामीण भारत के विकास को सही दिशा दें।। आप द्वारा ग्रामीण विकास की बात अवश्य ही प्रधानों तक पहुॅचेगी, ऐसा मेरा विश्वास है। इस अवसर पर सचिव महोदय द्वारा आर.जी.एस.ए. एवं वित्त आयोग से कराई जा रही गतिविधियों की समीक्षा की।








