मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की

लखनऊ।
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व उप प्रधानमंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयन्ती के अवसर पर राजभवन में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी अर्पित की।

इस अवसर पर आयोजित ‘भारतरत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय एकता के महानायक चित्र एवं अभिलेख प्रदर्शनी’ का अवलोकन राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। उन्होंने सरदार पटेल के जीवन पर केन्द्रित एक पुस्तिका तथा एक पुस्तक का भी विमोचन किया।
राज्यपाल ने अतिथि पुस्तिका में अपना उद्गार व्यक्त करते हुए लिखा कि राष्ट्रीय एकता के प्रतीक वल्लभ भाई पटेल सत्यनिष्ठ, सत्यप्रिय, देशभक्त और गांधीभक्त थे। आज पूरा देश उनको नमन करते हुए उनका जन्मदिन राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मना रहा है।
मुख्यमंत्री yogi Adityanath ने अतिथि पुस्तिका में अपने विचार व्यक्त करते हुए लिखा कि राजभवन में राष्ट्रीय एकता दिवस पर लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की प्रतिमा का अनावरण भारत माता के महान सपूत के प्रति विनम्र श्रद्धांजलि है। इस अवसर पर लौह पुरुष की चित्र प्रदर्शनी हमें भारत गणराज्य के अतीत की ओर ले जाकर अधिक प्रेरणा देती है। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजकों को इस प्रयास के लिए साधुवाद दिया।
राज्यपाल आनंदी पटेल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि सरदार पटेल कर्मठता, राष्ट्रीयता और देश भक्ति के उत्तम उदाहरण हैं। खेड़ा और वारदोली सत्याग्रह के माध्यम से उन्होंने राष्ट्रीय एकता की अलख जलाने का कार्य किया। गांधी जी कहते थे कि यदि सरदार पटेल न होते, तो आजादी मिलने में 10 वर्ष और लगते।
राज्यपाल ने कहा कि भारत की एकता और अखण्डता के लिए लौह पुरुष सरदार पटेल के योगदान पर उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए प्रधानमंत्री ने गुजरात में सरदार सरोवर बांध पर सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा स्थापित की है, जो दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। यह केवल एक प्रतिमा मात्र नहीं है, बल्कि एक बहुत बड़ा प्रोजेक्ट है। इसके माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री ने भारत माता के महान सपूत और भारतीय गणराज्य की एकता के सूत्रधार लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयन्ती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा कि उन्होंने एक सामान्य किसान परिवार में जन्म लिया था। भारत माता के प्रति श्रद्धा और आस्था के कारण उन्होंने अपना पूरा जीवन भारत माता की एकता और अखण्डता के लिए समर्पित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता के समय ब्रिटिश सरकार की नीति थी कि वो भारत को अलग-अलग टुकड़ों में बांटकर हजारों वर्षों से चले आ रहे सनातन राष्ट्र को छिन्न-भिन्न कर दे। उस कुत्सित मंशा को समय रहते सरदार पटेल ने भांप लिया और अपनी सूझ-बूझ और दृढ़ इच्छा शक्ति के बल पर 562 देशी रियासतों को एकता के सूत्र में बांधकर वर्तमान भारत गणराज्य की रूपरेखा प्रस्तुत की।
इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य स्वतंत्रदेव सिंह, मुख्य सचिव आर0के0 तिवारी, अपर मुख्य सचिव राज्यपाल महेश कुमार गुप्ता, अपर मुख्य सचिव एम0एस0एम0ई0 एवं सूचना नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन मुकेश मेश्राम, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।








