UPCM ने श्रम विभाग के प्रस्तुतिकरण का अवलोकन किया और कार्याें की समीक्षा की
लखनऊ (13 जून, 2019)। UPCM ने लोक भवन में श्रम विभाग के प्रस्तुतिकरण का अवलोकन किया और कार्याें की समीक्षा की। उन्होंने बाल श्रमिकों की समस्या का व्यावहारिक समाधान निकालने के निर्देश देते हुए कहा कि उनके भोजन और आवास की व्यवस्था की जाए। उनकी शिक्षा की व्यवस्था करने के साथ-साथ उनका कौशल विकास भी सुनिश्चित किया जाए। इससे भविष्य में उन्हें आजीविका मिलने में आसानी होगी। उन्होंने प्रदेश के सभी 18 मण्डलों में पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों के लिए विद्यालय स्थापित करने के निर्देश दिए।
UPCM ने ऐसे श्रमिक, जो जीविकोपार्जन के सिलसिले में खाड़ी के देशों में काम करने जाते हैं और वहां मुश्किल में फंस जाते हैं, की मदद के लिए प्रयास करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में फंसने वाले श्रमिकों की सुरक्षा के प्रति सरकार चिन्तित है और उनकी हर सम्भव मदद की जाएगी।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण के दौरान UPCM को राज्य में श्रम परिदृृश्य, श्रम अधिनियमों में संशोधन, प्रभावी एवं पारदर्शी प्रवर्तन और प्रक्रियात्मक सुधार, पंजीयन, लाइसेन्स एवं नवीनीकरण की ऑनलाइन प्रक्रिया के विषय में अवगत कराया। उन्होंने अवगत कराया कि श्रम अधिनियमों में संशोधन के द्वारा 5 अधिनियमों में 1 दिन में पंजीयन और अनुज्ञप्ति अनिवार्य है। आठ श्रम अधिनियमों में उपशमन की व्यवस्था की गयी है।
UPCM को अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि लघु उद्योगों के लिए अनुपालन भार कम कर दिया गया है। उन्होंने प्रक्रियात्मक सुधार पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इकाइयों के निरीक्षण के लिए पारदर्शी प्रक्रिया अपनायी जाती है। इसके लिए श्रम आयुक्त से पूर्व अनुमति अनिवार्य है। उन्होंने उ.प्र. असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के गठन, प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना, बाल एवं बंधुआ श्रम-चिन्हांकन, योजनाएं एवं पुनर्वास के विषय में भी UPCM को अवगत कराया। उन्होंने श्रम आयुक्त संगठन द्वारा वर्ष 2019-20 एवं वर्ष 2020-21 की कार्य योजना से UPCM को अवगत कराया। उन्हें श्रम विभाग के तहत कार्यरत प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय के क्रियाकलापों के विषय में भी अवगत कराया गया।
बैठक के दौरान श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, प्रमुख सचिव श्रम सुरेश चन्द्रा, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।