UPCM मंत्रिमंडल के गन्ना मंत्री के साथ सहकारी चीनी मिल संघ और चीनी निगम के अधिकारियों की समीक्षा बैठक सम्पन्न

उत्तर प्रदेश।
UPCM मंत्रिमंडल के गन्ना मंत्री सुरेश राणा की अध्यक्षता में गन्ना किसान संस्थान लखनऊ के सभागार में सहकारी चीनी मिल संघ और चीनी निगम के अधिकारियों की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई।
बैठक में गन्ना मंत्री के समक्ष प्रमुख सचिव गन्ना एवं चीनी संजय आर. भूसरेड्डी और चीनी मिल संघ के प्रबन्ध निदेशक विमल कुमार दुबे द्वारा सहकारी चीनी मिलों के आधुनिकीकरण और चीनी की गुणवत्ता में सुधार के लिये तैयार की गयी कार्ययोजना से संबंधित तैयारियों व सहकारी चीनी मिलों में अपग्रेडेशन की स्थिति और सल्फरलेस चीनी उत्पादन से संबंधित तकनीक का विस्तृत ब्यौरा और इसके लिये कराई गई टेंडर प्रक्रियाओं आदि के बारे में किये गये कार्यों की अध्यावधिक स्थिति प्रस्तुत की गई।
समीक्षा बैठक में चीनी मिल संघ के प्रबन्ध निदेशक द्वारा गन्ना मंत्री को सहकारी चीनी मिलों के आधुनिकीकरण और सल्फरलेस चीनी के उत्पादन से संबंधित तकनीकी पक्ष से अगवत कराते हुए बताया गया कि प्रदेश सरकार द्वारा चीनी की गुणवत्ता सुधार और सहकारी चीनी मिलों के आधुनिकीकरण हेतु 100 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है, जिसमे से चीनी मिलों की कार्यक्षमता में सुधार हेतु 25 करोड़ रुपये सहकारी चीनी मिल संघ को प्राप्त हो गए है। 18 सहकारी चीनी मिलों में शुगर कलर वैल्यू की जांच के लिये सुक्रोस्केन तकनीक की स्थापना की जायेगी, जिसके लिए ई-टेण्डर की प्रक्रिया सम्पन्न कर दी गई है। उन्होने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 45 मिल संचालित हैं, जिनमें से सहकारी क्षेत्र की 06, निजी क्षेत्र 39, 91.57 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई, चीनी उत्पादन 8.12 लाख क्विंटल और रिकवरी 8.87 प्रतिशत है।
चीनी मिल संघ के प्रबन्ध निदेशक द्वारा यह भी बताया गया कि पाॅंच हजार प्रतिदिन पेराई क्षमता वाली तीन चीनी मिलो, ननौता, बेलरायां व सम्पूर्णानगर में सल्फरलेस चीनी के उत्पादन का प्रस्ताव दिया गया है। उन्होंने बताया कि पिपराईच चीनी मिल में गन्ने के जूस से इथानाॅल बनाने वाला कार्य प्रदेश में अभूतपूर्व होगा।
समीक्षा बैठक में गन्ना मंत्री द्वारा निगम क्षेत्र की चीनी मिलों में कर्मचारियों की स्थिति सुधार करने और मोहिद्दीनपुर चीनी मिल हेतु बेहतर प्रबंधन क्षमता का विकास करने के लिए भी वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों को औपचारिक सम्मान प्रदान करने की नसीहत भी दी और चीनी मिलों के आधुनिकीकरण हेतु प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध कराये गए बजट को तय समय सीमा में बेहतर प्रबंधन और मितव्ययता के आधार पर ही व्यय की रणनीति तैयार करने के आदेश भी दिए।







