जोन 3 में सेंट मैरिज स्कूल की बहुमंजिला इमारत के पीछे किसका हाथ?

लखनऊ।
लखनऊ विकास प्राधिकरण में अवैध निर्माण पर कार्यवाही करना केवल मात्र खानापूर्ति ही है। कोर्ट की फटकार के बाद एलडीए उपाध्यक्ष ने आनन फानन में राजधानी में बन रहे अवैध निर्माण को नोटिस, सील, ध्वस्तीकरण जैसे कई कागजी आदेश दिए जोकि केवल दिखावा था।
जोन 3 के पारा थाना क्षेत्र के पीछे बन रही एक निजी स्कूल की बिल्डिंग जिस पर अधिकारियों ने वाद संख्या दर्ज की है बावजूद इसके काम नहीं रुक रहा है। आपको बता दें कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर स्कूल अनेक अभियान चलाते हैं लेकिन इस निर्माण के दौरान ग्रीन नेट का भी प्रयोग नहीं किया जा रहा है जो कि नियम विरुद्ध है। निर्माण का मानचित्र तो स्वीकृत है लेकिन मानक के विरुद्ध निर्माण होने पर अपर सचिव की जांच में वाद दर्ज किया गया।
एलडीए द्वारा पहले अवैध निर्माण को प्रत्येक प्रवर्तन जोन में सील किया गया और अब कमाई का जरिया बनाने के लिए हाल ही में सील खोलने के सम्बन्ध में प्रेस नोट जारी कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि बीते 3 माह में जिस तरह एलडीए ने अनाधिकृत निर्माण को गुपचुप तरीके से मीडिया में बिना आंकड़े जारी किये नोटिस, सील और ध्वस्तीकरण किये। यह एक अत्यंत रहस्यमय मुद्दा है।
सील डील के रहस्य के बाद सील ओपन करने का नया पैतरा
आपको बता दें कि बीते कुछ माह एलडीए ने जमकर अवैध निर्माण सील किये और अब उन्हीं सील अवैध निर्माण की सील खोलकर मनमाफिक वसूली का खेल शुरू होने ही वाला है। जब अवैध निर्माण की सील ओपन ही करनी थी तो निर्माण सील किया ही क्यों?
वैसे सच तो यही है कि कोर्ट की फटकार के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अपने ही विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों पर लगाम न लगाने के बदले पत्रकारों को नोटिस भेज डरा रहे हैं।
आपको बता दें कि 2015 में लखनऊ जिलाधिकारी और एलडीए उपाध्याय रहे सतेंद्र सिंह भी ज्यादा काली कमाई के चक्कर में कई मामलों के जांच के पात्र बने। लेकिन ये बात अलग है कि रुतवा और पैसे के आगे जांच भी कागजों के ध्वस्त हो जाती है। जैसे कि एलडीए द्वारा दिये गए अनाधिकृत निर्माण को ध्वस्तीकरण के आदेश कार्यालयों के बंद पिटारे में रखे कागज में ध्वस्त हो जाते हैं वैसे ही इन भ्रष्ट अधिकारियों पर हो रही जांच के आदेश भी ठंडे बस्ते ध्वस्त हो जाते हैं।








