प्रदेश में जब रक्षक ही बने भक्षक : सुनील सिंह

लखनऊ।

लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा है कि प्रदेश में आभूषण कारोबारियों से सोना लूटने के मामले में जब रक्षक ही अपराधियों जैसा कार्य करने लगेंगे तो क्या होगा? प्रदेश में पुलिस कर्मियों द्वारा भ्रष्टाचार व अन्य संगीन आरोपों में पुलिस कर्मियों का हाथ पाया जा रहा है। इस प्रकार के कानून के ही लोगों का घटना में होना बेहद शर्मिंदगी की बात है। प्रदेश में पुलिसकर्मियों पर संगीन आरोपों का सिलसिला बरकरार है डेढ़ वर्ष में कई आईपीएस अधिकारी व भी भ्रष्टाचार व अपराधियों से सांठगांठ के संगीन आरोप में पाए जा रहे हैं पशुधन विभाग में टेंडर दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी का मामला, महोबा में कुशल कारोबारी की आत्महत्या का मामला, आईपीएस अधिकारियों का भगोड़ा होना, कानपुर में बहुचर्चित बिक्री कांड को भुलाया नहीं जा सकता है देवरिया में तैनात निरीक्षक के अश्लील वीडियो ने भी विभाग की असली चेहरे को उजागर किया है।

सिंह ने मांग की है कि ऐसे दोषी पुलिस कर्मियों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जाए उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाए अपराधियों के साथ सांठगांठ अथवा किसी अपराध में संलिप्तता पाए जाने पर ऐसे पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए ऐसी लोकदल की मांग है।दूसरी ओर लखनऊ में छात्रा के द्वारा आत्महत्या की घटना पुलिस के कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह है सरकार द्वारा बनाए गए शिकायत नंबर 1090 हो, डायल 112 पर शिकायत दर्ज नहीं की जाती है, यदि शिकायत को गंभीरता से लिया गया होता तो युवक द्वारा लगातार परेशान किए जाने पर पुलिस द्वारा कार्रवाई की गई होती तो छात्रा जिंदा होती।

Related Articles

Back to top button
btnimage