वेब मीडिया सूचीबद्धता खेल: किस पर गिरने चाहिए गाज…शशांक शुक्ला, जितेंद्र सिंह या……?

  • शशांक शुक्ला को था जितेंद्र सिंह का संरक्षण, वेब मीडिया में ये वेबसाइट करवा दी सूचीबद्ध

लखनऊ।

उत्तर प्रदेश की जनता को सूचनाएं उपलब्ध कराने वाला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग जन सूचनाओं का जवाब नहीं दे पाता। इसके पीछे यही राज है कि उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के वेब मीडिया में तैनात कर्मचारी और अधिकारी मिलकर वेबसाइट सूचीबद्धता में खेल कर रहे हैं।

मानकों को ताख पर रखकर शशांक शुक्ला ने जितेंद्र के संरक्षण में कई वेबसाइट वर्ष 2022 की बैठक में सूचीबद्ध करवा दी। जो वेबसाइटें कई महीने से सर्वर रिन्यू न होने के कारण बंद होने के बाद भी सूचीबद्ध रही और उत्तर प्रदेश सरकार सूचना विभाग के वेब मीडिया पॉलिसी की खूब धज्जियां उड़ाई।

सूचना अधिकारी जितेंद्र सिंह का भी अहम रोल

पूर्व में वेब मीडिया में तैनात सूचना अधिकारी जितेंद्र सिंह ने भी शशांक शुक्ला का इस भ्रष्टाचार में साथ दिया। जिसका नतीजा यह रहा कि शशांक शुक्ला खुद को निदेशक समझने लगा।

जांच हुई तो इनपर गिर सकती है गाज?

सूचना निदेशक अगर वेब मीडिया में सूचीबद्ध की गई सभी वेबसाइट की जांच करवा ले तो शशांक शुक्ला, जितेंद्र सिंह और अन्य पर गाज गिर सकती है। अब देखना है कि जांच होती है या जांच खुद अपना दम तोड लेगी।

कैसे हो गई ये वेबसाइट सूचीबद्ध? वेबसाइट में खबर एक भी नहीं…

आखिर ये वेबसाइट किसकी हैं? जिनपर एक भी खबर नहीं होने के बाद भी सूचीबद्धता की श्रेणी में शामिल कर ली गई। और तो और खबर लिखने बाद वेबसाइट को लाइव कर दिया गया।

  • लिस्ट बड़ी लंबी है इसलिए कुछ वेबसाइट के लिंक नीचे

https://www.hindustanvarta.com/

 

 

https://www.hindustansamay.com/

https://www.hindustankhabar.com/

सूचना अधिकारी जितेंद्र सिंह भी पूर्व में वेब मीडिया में तैनात थे और इनके नीचे बैठे शशांक शुक्ला ने जमकर इनका फायदा उठाया। जितेंद्र सिंह वर्तमान में प्रचार प्रसार के जिम्मेदार अधिकारी हैं। इन्होंने G 20 में भी अपनी प्रतिभा का खूब प्रदर्शन किया है और अगर इनकी जिम्मेदारियों की जांच करवा ली जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी साफ हो जाएगा।

अगली खबर के प्रकाशन में वर्ष 2022 में सूचीबद्ध की गई वेबसाइट की लिस्ट पोस्ट की जाएगी।

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