UPCM ने चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रस्तुतिकरण का अवलोकन किया
लखनऊ (06 जून, 2019)। UPCM ने यह विचार लोक भवन में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रस्तुतिकरण का अवलोकन करने के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने 108 और 102 नम्बर की एम्बुलेन्सों के संचालन में आने वाली दिक्कतों और शिकायतों पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य लोगों को अविलम्ब एम्बुलेन्स सेवाएं उपलब्ध कराने का है, परन्तु इनके त्रुटिपूर्ण संचालन से कदाचित ऐसा सम्भव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि इन एम्बुलेन्स सेवाओं के संचालन का जिम्मा जिस एजेन्सी को दिया गया है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और खराब सेवाओं के मद्देनजर उसे ब्लैक लिस्ट करने की भी कार्रवाई की जाए।
UPCM ने कहा कि प्रदेशवासियों को उत्कृष्ट एवं प्रभावी स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। यह सेवाएं गांव, गरीब और समाज के अन्तिम व्यक्ति तक पहुंचें, इसे हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने मरीजों की सुविधा के लिए प्रदेश के सभी जिला चिकित्सालयों में एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह अधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि अस्पताल में आने वाले मरीजों का पर्चा आसानी से बन सके। उन्हें स्टेंचर और इलाज की सुविधा मिलने में कोई दिक्कत न हो। मरीज जब अस्पताल से डिस्चार्ज हो, तो उसका पेपर वर्क कम्पलीट करवाना भी सुनिश्चित करें।
UPCM ने कहा कि MRI, कलर डॉप्लर, सी.टी. स्कैन इत्यादि जैसी जांचों को पी.पी.पी. मोड के आधार पर संचालित किया जाए। इसके लिए जनपद में ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली पैथोलॉजियों की एक सूची बना ली जाए और सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर उनसे यह सेवायें मरीजों को मुहैया कराई जाएं। उन्होंने कहा कि इन सेवाओं को आयुष्मान भारत के तहत भी मरीजों को उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने हेल्थ एण्ड वेलनेस सेण्टर (आरोग्य केन्द्रों) पर योग प्रशिक्षण की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान भारत के तहत कार्यर त आयुष्मान मित्रों को जिम्मेदार बनाते हुए इस योजना के तहत इलाज के लिए चिकित्सालय आने वाले मरीजों की सहायता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान भारत के तहत आच्छादित सभी चिकित्सालयों में आयुष्मान योजना के अन्तर्गत इलाज के आकांक्षी मरीजों (आयुष्मान कार्डधारकों) के लिए अलग से एक काउण्टर स्थापित करने के भी निर्देश दिए।
UPCM ने कहा कि अभी भी बहुत सारे गरीब परिवार आयुष्मान भारत योजना से लाभान्वित होने से वंचित रह गए हैं। इसलिए ऐसे गरीब परिवारों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के तहत शामिल किया जाए। उन्होंने वनटांगिया, मुसहर और थारू जैसी जनजातियों को भी इन योजनाओं में शामिल किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में फैलने वाली बीमारियों जैसे-चिकनगुनिया, मलेरिया, डेंगू आदि की रोकथाम के लिए भी विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों के इलाज के उपरान्त उपचार देने वाले अस्पताल को एक माह के अन्दर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपचार के उपरान्त अस्पताल को हर हाल में समयबद्धता के साथ भुगतान कर दिया जाए। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के तहत उपलब्ध कराए जाने वाले आरोग्य कार्डों का वितरण अभियान चलाकर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए जनपदों में शिविर लगाकर जनप्रतिनिधियों से इनका वितरण कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।
UPCM ने मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के तहत चिन्हित लाभार्थियों को उनके द्वारा योजना की जानकारी एवं पात्रता के सम्बन्ध में जो पत्र लिखा गया है, उसे भी अभियान चलाकर शीघ्रता के साथ वितरित करने के निर्देश दिए। वेक्टर जनित रोगों जैसे-ए.ई.एस./जे.ई. के नियंत्रण के लिए नियमित अभियान चलाने के निर्देश दिए और कहा कि इसके लिए सभी तैयारियां कर ली जाएं। उन्होंने इन बीमारियों से बचाव के लिए स्थापित की गई पीडियाटिंक इण्टेन्सिव केयर यूनिट (पीकू) में स्थापित किए गए संवेदनशील उपकरणों के इस्तेमाल के सम्बन्ध में स्टाफ को प्रशिक्षण दिए जाने के भी निर्देश दिए।
UPCM ने टी.बी. की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान को पोषण से जोड़ने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से टी.बी. के इलाज के लिए चलाए जा रहे डॉटस अभियान की प्रगति की भी जानकारी ली। टीकाकरण अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इसके प्रभावी क्रियान्वयन से रोगों को फैलने से रोका जा सकता है।
UPCM को प्रस्तुतिकरण के दौरान प्रमुख सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सुरेश चन्द्रा द्वारा चिकित्सा इकाइयों के सुदृढ़ी करण, उ.प्र. मेडिकल सप्लाइज कॉरपोरेशन लिमिटेड के कार्यकलापों, आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन, संक्रामक रोगों के नियंत्रण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के सम्बन्ध में किए जा रहे कार्यकलापों, राजकीय स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की स्थिति और कुम्भ के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को उपलब्ध कराए जाने के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी गई।
इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह, परिवार कल्याण राज्यमंत्री स्वाती सिंह, मुख्य सचिव डॉ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक मुकुल सिंघल, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।