UPCM ने मुरादाबाद में 20 सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु A.P.O को प्रमाण-पत्र प्रदान किया

उत्तर प्रदेश (मुरादाबाद)।
UPCM ने डाॅ. भीमराव अम्बेडकर उत्तर प्रदेश पुलिस अकादमी, मुरादाबाद में प्रशिक्षु सहायक अभियोजन अधिकारियों के आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि प्रदेश में कानून का राज एवं सुशाकरने में अभियोजन अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। अभियोजन अधिकारी अपराधियों को दण्डित कराने एवं पीड़ितों को न्याय दिलाने हेतु अपने कर्तव्यों एवं उत्तरदायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करें।
UPCM ने सहायक अभियोजन अधिकारियों का आह्वान किया कि वे अपने सेवाकाल में अनुशासन, समयबद्धता एवं चरित्र निर्माण के मूलभूत सिद्धान्तों का अनुशरण करते हुये सैद्धान्तिक पक्ष के साथ-साथ मानवीय एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण विकसित करके विशिष्ट छवि बनाएं ताकि लोकतन्त्र में अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को न्याय मिल सके और न्याय पैसे के बल पर कदापि खरीदा न जा सके। उन्होंने अभियोजन अधिकारियों को पद की गरिमा व मर्यादा को सदैव बनाये रखकर दोषियों को सजा दिलाने और निर्दोषों को सजा मिलने से रोकने हेतु हर सम्भव प्रयास करने सहित आतंकवाद एवं भ्रष्टाचार के खात्मे हेतु निरन्तर प्रयत्नशील रहने का आह्वान किया।

UPCM ने कहा कि किसी भी सामाजिक व्यवस्था में न्याय का स्थान सर्वोपरि होता है और सुशासन का पहला आधार कानून का राज है। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था के सरल और सुदृढ़ होने से जनसामान्य का विष्वास कायम रहता है और अभियोजन अधिकारी इस वास्तविकता को ध्यान में रखें कि पक्ष कमजोर दिखायी पड़ने पर सरकार अधिकतम मुकदमे न्यायालयों में हार जाती है। इसकी प्रभावी रोकथाम की आवश्यकता है और इसी परिपे्रक्ष्य में जनसामान्य को न्याय उपलब्ध कराने में अभियोजन अधिकारियों का महत्वपूर्ण दायित्व है।
UPCM ने सहायक अभियोजन अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि लोक अभियोजक के रूप में उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि लोक अपराधों में लिप्त कोई भी व्यक्ति दण्डित हुए बिना न छूटने पाए। साथ ही, यह सुनिश्चित करने का दायित्व होगा कि कोई बेगुनाह दण्डित न हो। इसलिए सभी अभियोजन अधिकारियों को चाहिए कि वे कानून की बारीकियों से परिचित होकर लगाये गये अभियोग को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए न्यायालयों में अपने से अधिक अनुभवी और प्रतिष्ठित अधिवक्ताओं के विरुद्ध पूरी तैयारी करें ताकि अभियुक्तों को दण्ड दिलाना सुनिश्चित हो सके और कोई भी अपराधी दण्डित होने से बच ना पाए।

UPCM ने कहा कि शासकीय कार्य के दौरान अभियोजन अधिकारियों का सरोकार आमजन से भी होगा। ऐसे में, जनसामान्य के हितों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए बिना भेदभाव व पक्षपात के जनहित में कार्य करने हेतु संवेदनशील होने की जरूरत है। उन्होंने अभियोजन अधिकारियों का आह्वान किया कि वे चुनौतियों का सामना करते हुए पूरी ईमानदारी, कार्यकुशलता, सत्यनिष्ठा और समर्पण की भावना से शुुचिता और पारदर्शिता के साथ कार्य करते हुए समाज के उपेक्षितों व वंचितों को न्याय दिलाने हेतु प्रतिबद्धता से कार्य करें।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव गृह अरविन्द कुमार ने सहायक अभियोजन अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि अधीनस्थ न्यायालयों में आपराधिक मामलों की पैरवी के लिये लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित A.P.O को अकादमी में तीन माह के प्रशिक्षण के उपरान्त न्यायालय एवं पुलिस कार्यप्रणाली के सम्बन्ध में दो माह के व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए विभिन्न जनपदों में नियुक्त किया गया है, जिसके पश्चात अधीनस्थ न्यायालयों में राज्य की ओर से दायर मामलों की कुशलतापूर्वक एवं व्यावसायिक दक्षता के साथ पैरवी करने का सभी A.P.O का दायित्व होगा, ताकि नागरिकों को सुलभ व त्वरित न्याय मिले और प्रदेश से गुण्डाराज को जड़ से उखाड़ फेंकने में सफलता मिल सके। प्रमुख सचिव गृह ने अभियोजन की गुणवत्ता में सुधार लाकर शासन की प्राथमिकता के अनुरूप अनुसूचित जाति, जनजाति एवं महिलाओं से सम्बन्धित अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने में अपनी अहम भूमिका निभाने का सहायक अभियोजन अधिकारियों का आह्वान किया।

UPCM ने उत्तर प्रदेश पुलिस अकादमी, मुरादाबाद में तीन माह में आधारभूत प्रशिक्षण में उल्लेखनीय उपलब्धि हेतु जिन प्रशिक्षु सहायक अभियोजन अधिकारियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया, उनमें अंकित राम को प्रथम, नीलेश सिंह को द्वितीय, प्रभात एवं विजयेता सिंह को तृतीय सहित नाजनीन बानो, प्रदीप कुमार सिंघल, हेमेन्द्र प्रताप सिंह, नीतू वर्मा, प्रीति, कमलेश कुमार विमल, मो. तारिक खान, सोनिया अग्रवाल, विकास कुमार वर्मा, ऋषिपाल सिंह, संदीप कुमार वर्मा, नेहा चौधरी, जितेन्द्र सिंह, कमलेश कुमार, सौरभ कुमार, बरखा सिंह व संगीता गौतम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले सभी 231 प्रशिक्षु A.P.O को भी प्रमाण-पत्र प्रदान किये गये। इस अवसर पर UPCM ने पुलिस अकादमी में स्थित साइबर क्राइम प्रशिक्षण लैब का भी अवलोकन व निरीक्षण किया।
इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री चेतन चौहान, पंचायती राज राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भूपेन्द्र सिंह चौधरी, अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री बलदेव ओलख सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।








