UP_Dy_CM ने बोर्ड परीक्षा-2019 की तैयारियों के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की

उत्तर प्रदेश।
UP_Dy_CM डॉ. दिनेश शर्मा द्वारा बोर्ड परीक्षा 2019 की तैयारियों के संबंध में योजना भवन में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान गत वर्ष की सफल परीक्षा हेतु अधिकारियों को बधाई देते हुए शिक्षा के विकास और नकल विहीन परीक्षा हेतु दिशा निर्देश प्रदान किये गये।

UP_Dy_CM ने कहा कि वर्ष 2019 की बोर्ड परीक्षाएं 7 फरवरी 2019 से प्रारंभ कराकर 16 कार्य दिवसों में और यथा संभव फरवरी माह में संपन्न करा ली जाय। अधिकारियों को निर्देश दिए कि फरवरी, 2019 में त्यौहार अवकाश, कुम्भ पर्व संचालन अवधि के दृष्टिगत बोर्ड परीक्षा का न्यूनतम 16 दिन का कार्यक्रम तैयार कर शासन को उपलब्ध कराया जाय, ताकि उसे प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जन सामान्य हेतु सर्वसुलभ किया जाय। गत वर्ष की भाॅति भी इस वर्ष परीक्षा केन्द्रों का स्थलीय निरीक्षणध्सत्यापन परिषद की वेबसाइट पर अनिवार्य रूप से अपलोड करा लिया जाय।

जिला विद्यालय निरीक्षकों के स्तर पर विद्यालयध्परीक्षा केन्द्रों के निरीक्षण की कार्यस्थिति 15 सितम्बर, 2018 तक अवश्य पूर्ण कर लिया जाय। इस हेतु अपर सचिव, क्षेत्रीय कार्यालय, माध्यमिक शिक्षा परिषद तथा मण्डलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक एक नियंत्रण कक्ष बनाकर उक्त कार्यवाही पूर्ण करा लें। संवेदनशील परीक्षा केंद्रों का चिन्हाॅकन कर लिया जाय। परीक्षा केन्द्र निर्धारण में किसी भी प्रकार की अनियमित्ता पर जिला विद्यालय निरीक्षक को प्रथमतः दोषी माना जायेगा ।परीक्षा केन्द्रों पर CCTV में वाइस रिकार्डिंग की व्यवस्था करायी जाय। इस वर्ष परीक्षार्थियों का नामांकन आधार से लिंक कराने की कार्यवाही करायी गई ताकि फर्जी परीक्षार्थियों के बैठने पर अंकुश लगाया जा सके।

UP_Dy_CM बोर्ड परीक्षा-2019 की तैयारियों के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करते हुए
UP_Dy_CM बोर्ड परीक्षा-2019 की तैयारियों के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करते हुए

वर्ष 2018 के उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्याॅकन हेतु मानदेय का भुगतान तत्काल करा लिया जाय। इसके पूर्व वर्षो का अवशेष का भुगतान वर्तमान वित्तीय वर्ष में आबंटित धनराशि से कदापि न किया जाय। नव निर्मित विद्यालयों का लोकापर्ण कराया जाय, जिसमें विभागीय मंत्री, क्षेत्रीय विधायक का नाम अवश्य अंकित किया जाय।

UP_Dy_CM ने कहा कि उत्तर पुस्तिकाओं में डी कोडिंग प्रक्रिया अपनाई जाय। परीक्षा केन्द्र में मोबाइल व अवाॅछित नकल सामग्री पूर्णतः बैध करायी जाय ,परीक्षा केन्द्र के 200 मीटर की परिधि में किसी भी प्रकार की अवाॅछनीय गतिविधि हेतु प्रबन्धक जिम्मेदार होगा।

बालिकाओं हेतु यथासंभव स्वकेन्द्र परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण किया जाय किन्तु केन्द्र के अध्यापकों को अन्यत्र केन्द्रों पर कक्ष निरीक्षक के रूप नियुक्त किया जाय। केन्द्र निर्धारित होने के उपरान्त किसी भी दशा में परिवर्तित नहीं होगा। इस हेतु जिला विद्यालय निरीक्षक को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। जिन विद्यालयों में इन्फ्राइन्सट्रक्चर पूर्ण न हो उसे कदापि केन्द्र न बनाया जाय। जनपद स्तर पर एक कन्ट्रोलरूम की स्थापना की जाय, जहाॅ पर प्रत्येक केन्द्र का पूर्ण विवरण उपलब्ध रहे। प्रत्येक केन्द्र GPS से लिंक हो। जिला विद्यालय निरीक्षक समुचित निगरानी की व्यवस्था करे। केन्द्र निर्धारण विसंगति की शिकायत के लिए एक अतिरिक्त ई-मेल आईडी बनाकर उसमें दर्ज आपत्तियों के निराकरण यथासंभव कराया जाय।

गत वर्षो में ब्लाक लिस्ट (डिबार) किये विद्यालयों को डिबार अवधि पूर्ण होने पर वर्तमान मानक पूर्ण होने पर ही केन्द्र निर्धारित किया जा सकता है। पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ नकल विहीन परीक्षा का आयोजन किया जाय, किसी भी प्रकार के दबाव में कार्य न किया जाय। ध्यान रहें कि परीक्षा अवधि के दौरान समाचार पत्रों में किसी भी प्रकार का दुष्प्रचार न हो।

न्यायालयी प्रकरणों में न्यायालय द्वारा स्पष्ट आदेश न होने पर कोई आदेश निर्गत न किया जाय। प्रत्येक न्यायालयीय आदेश में तीन दिन के भीतर विभागाध्यक्षध् शासन को अवगत कराया जाय।

UP_Dy_CM ने निर्देश दिए कि सभी राजकीय विद्यालयों में चाहर दीवार, शौचालय, स्वच्छ पेय जल, फर्नीचर तथा विद्युत संयोजन का कार्य पूर्ण करा लिया जाय। यदि किसी विद्यालय में उक्त कार्य हेतु धनराशि उपलब्ध नहीं है तो कार्ययोजना बनाकर निदेशालय के माध्यम से शासन को उपलब्ध करायी जाय। महात्मा गाॅधी जी की 150वीं जयंती के अवसर पर 15 सितम्बर, 2018 से 2 अक्टूबर, 2018 तक प्रत्येक विद्यालय, जनपदीयध् मण्डलीयध्विभागीय कार्यालयों में स्वच्छता अभियान चला कर स्वच्छ भारत अभियान में भागीदारी निभायी जाय। शैक्षिक पंचाग के अनुसार ही शिक्षण कार्य कराया जाय इस हेतु अनुश्रवण किया जाय।

UP_Dy_CM डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि उ.प्र. माध्यमिक शिक्षा सेवा चयनबोर्ड, उ.प्र. इलाहाबाद से चयनित अभ्यर्थियों की ज्वानिंग में किसी प्रकार शिकायतें न प्राप्त हो। उन्हें तत्काल कार्यभार ग्रहण कराया जाय। यदि विद्यालय द्वारा किसी प्रकार की शिथिलता बरती जा रही है तो विद्यालय के अनुदान रोकने और मान्यता प्रत्याहरण की कार्यवाही की संस्तुति की जाय। अभिलेखों के सत्यापन के अभाव में वेतन कदापि अवरूद्ध न किया जाय।

अक्टूबर, 2018 तक राजकीय विद्यालयों में प्रवक्ताध्सहायक अध्यापक के पदों पर लोक सेवा आयोग से चयनित अभ्यर्थियों का परीक्षाफल आने की सम्भावना है। सर्वप्रथम सुदूर ग्रामीण अंचलों में स्थित राजकीय विद्यालयों में रिक्त पदों को भरा जाय । जिन विद्यालयों का निर्माण हो चुका है एवम् उनके पद सृजन नहीं हुआ है उन विद्यालयों की सूची निदेशालय के माध्यम से शासन को उपलब्ध करायी जाय। नवीन पेंशन योजना में अंशदायी कटौती से संबंधित सभी पहलुओं का समधन किया जाय, आगामी वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग में निस्तारित सूची उपलब्ध करायी जाय। शुल्क निर्धारण हेतु पारित विधेयक के अनुसार जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन 20 सितम्बर, 2018 तक अवश्य करा कर कमेटी को एक्टिव किया जाय।

किन-किन विद्यालयों ने प्रथम त्रैमास में शुल्क वृद्धि में कमी लायी गयी है उनकी सूची निदेशालय के माध्यम से शासन को उपलब्ध करायी जाय। जिला विद्यालय निरीक्षक गाजियाबादध्नोयडा जनपद में स्थिति निजी विद्यालयों में शुल्क नियत्रण हेतु तत्काल जिलाधिकारी की अध्यक्षता मे समिति का गठन कर सम्बन्धित विद्यालय पर एक्ट के अनुसार नोटिस देते हुए कार्यवाही कराना सुनिश्चित करें। जिन जनपदों में शासकीय वाहन काफी जर्जर स्थिति में उसकी नीलामी प्रक्रिया अपनाते हुए तत्सम्बन्धी पत्राजातों सहित मांग निदेशालय को उपलब्ध करायी जाय।

समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव,माध्यमिक एवम् उच्च शिक्षा संजय अग्रवाल, सन्ध्या तिवारी, सचिव, माध्यमिक शिक्षा, उ.प्र. शासन, चन्द्र विजय तिवारी, विशेष सचिव, विनय कुमार पाण्डेय, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा के साथ-साथ शासन और निदेशालय के अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

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