मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र से प्रोन्नत डिप्टी कलेक्टर्स ने की भेंट

लखनऊ। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र से प्रोन्नत डिप्टी कलेक्टर्स के 71वें आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत प्रोन्नत डिप्टी कलेक्टर्स ने भेंट की।

 

अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने कहा कि देश में बहुत तेजी से बदलाव हो रहे हैं। अवस्थापना सुविधायें व टेक्नोलाॅजी तीव्र गति से विकसित हो रही है। प्रधानमंत्री जी ने संकल्प लिया है कि 2047 तक देश को विकसित देश बनायेंगे।

 

उन्होंने कहा कि विकसित देश की व्यवस्थायें पारदर्शी, जवाबदेह और उनमें तुरंत निर्णय लेने की क्षमता है। इसी तरह उत्तर प्रदेश में व्यवस्थाओं को पारदर्शी व जवाबदेह बनाने पर कार्य किया जा रहा है। टेक्नोलाॅजी का बेहतर प्रयोग कर सभी की जिम्मेदारी निर्धारित होगी। हम क्या कर रहे हैं, कैसे कर रहे हैं, इसपर सभी की नजर होगी। इसलिये सभी अधिकारियों को अपनी कार्य संस्कृति में बदलाव लाने की जरूरत है।

 

उन्होंने कहा कि जिस गति से प्रदेश में विकास हो रहा है, उसी के अनुरूप अधिकारियों को अपने आप को ढालना होगा। हवा के रुख के साथ चलने से उनकी कार्य करने की क्षमता दोगुनी हो जायेगी। आने वाले चुनौतियों के लिये तैयार रहना होगा।

 

उन्होंने कहा कि ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट में करीब 33.50 लाख करोड़ रुपये के एम0ओ0यू0 साइन हुये है, इन्हें धरातल पर लाना है, इसके लिये सभी को कड़ी मेहनत करनी होगी। प्रदेश में निवेश के लिये अनुकूल माहौल है, माहौल को परिणाम में तब्दील करना सभी लोक सेवकों की जिम्मेदारी है।

 

इससे पूर्व उन्होंने प्रोन्नत डिप्टी कलेक्टर्स को बधाई देते हुये कहा कि अपने आप को अपडेट रखें और अपने आप को अपग्रेड करते हुये अपनी कार्यक्षमता में वृद्धि करें। समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ पहुंचायें। उन्होंने जीआईएस में लाइजनिंग आॅफिसर के रूप में तैनात रहे प्रशिक्षु अधिकारियों से उनके अनुभवों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।

 

यहां पर यह भी उल्लेखनीय है कि 71वें आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 65 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जिनमें बैच वर्ष 2015 व 2017 1-1, 2018, 2019 व 2020 के 4-4, वर्ष 2021 के 7 तथा बैच वर्ष 2022 के 44 प्रतिभागी सम्मिलित हैं। आधारभूत प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रशिक्षु अधिकारियों को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के दायित्व व भूमिका, राजस्व नियम एवं प्रक्रिया, रेवेन्यू केस जजमेंट राइटिंग, दण्ड प्रक्रिया संहिता एवं निर्णय लेखन, लोक प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन, आपदा प्रबंधन, नियोजन, वन एवं कृषि प्रबंधन पर विषय विशेषज्ञों के माध्यम से अभिज्ञानित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त यूपी डायल 112, कान्हा उपवन (गौशाला), वन स्टाप सेन्टर, जनगणना निदेशालय, सशस्त्र पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय-सीतापुर का 1-1 दिन का शैक्षिक भ्रमण कराया जाना प्रस्तावित है।

 

बैठक में महानिदेशक उपाम श्री एल0वेंकटेश्वर लू सहित उपाम के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

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