एलडीए प्रवर्तन जोन 5 के अधिकारियों को रतौंधी की संभावना..नहीं दिख रहे अवैध निर्माण..शक्तियां क्षीण !

लखनऊ विकास प्राधिकरण के बीकेटी अंतर्गत प्रवर्तन जोन-5 में अवैध निर्माणों की भरमार है लेकिन अभियंता और जोनल अधिकारी अपने में मस्त है। जानकारी मुताबिक 6 महीने से लगातार निर्माण हो रहा है और एलडीए के अफसर मौन व्रत धारण किए हुए है।
जोनल अधिकारी माधवेश कुमार को खुद के कामों से फुर्सत नहीं है कि कभी क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माणों का निरीक्षण करें।
उप सचिव पद के साथ साथ मधवेश कुमार से नहीं संभाल रहा प्रवर्तन जोन 5 का कार्यभार..जोन 5 के अभियंता राहुल विश्वकर्मा और सहायक अभियंता अबंरीश त्यागी पर बिल्डरों से सांठगांठ के आरोप भी है लेकिन जोनल की मेहरबानी के चलते किसी को कार्रवाई का डर नहीं है।
- खास बात है कि बिल्डरों ने कबूला है कि अफसरों से मिलकर कराया जा रहा निर्माण कार्य। अब भला कौन तुर्रम है जो आकर अवैध निर्माण को रुकवा दें.
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार एक तरफ जहां अवैध निर्माण पर लगाम लगाने की कोशिश कर रहे हैं तो दूसरी तरफ युवा अभियंता और अवैध निर्माण में महारथ हासिल सहायक अभियंता अनाधिकृत निर्माण को संरक्षण दे रहे हैं!
भैंसामऊ क्रॉसिंग से लेकर आरआर इंस्टीट्यूट तक दर्जनों बहुमंजिला अवैध इमारतें खड़ी हो चुकी हैं, जिनके पीछे जोनल अधिकारी और अभियंताओं की मिलीभगत स्पष्ट रूप से दिख रही है। जिन बिल्डरों के नाम इस अवैध निर्माण में सामने आए हैं उनमें जावेद खान, सत्रोहन गौतम, अरविंद मिश्रा, अनिल शुक्ला, अभिषेक सिंह और जगदीश लोधी शामिल हैं।
- अब सवाल है कि क्या एलडीए में बिल्डर माफिया का कब्जा हो चुका है?
क्या एलडीए उपाध्यक्ष के आदेश भी ताक पर रखे जा रहे हैं?
या फिर यूं कहें कि प्रशासन की चुप्पी के पीछे कुछ काला तो जरूर है।
अब देखना यह है कि एलडीए शीर्ष नेतृत्व इस लापरवाही पर क्या ठोस कदम उठाता है, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह धूल फांकता रहेगा।








