एलडीए के अपार्टमेंट बने पहली पसंद, ‘पहले आओ-पहले पाओ’ योजना के तहत 510 करोड़ रूपये में बिके 1125 फ्लैट

बेशकीमती सम्पत्तियों से हटे अवैध कब्जे तो दमका एलडीए का खजाना, वित्तीय वर्ष में रिकाॅर्ड 2629.89 करोड़ रूपये की सम्पत्ति बेची

लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डाॅ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी द्वारा सम्पत्तियों के आवंटन में पारदर्शी प्रक्रिया लागू करने से बढ़ा खरीददारों का रूझान

व्यावसायिक एवं आवासीय भूखण्डों के ई-आक्शन में भी जमकर लगी बोली, 2058.64 करोड़ रूपये में बिके 138 भूखण्ड व 83 दुकानें

एलडीए के बल्क सेल अनुभाग ने शासकीय विभागों को 8 बड़े भूखण्ड आवंटित करके की 302.07 करोड़ रूपये की आय

लखनऊ में अपने आशियाने का सपना देखने वालों के लिए एलडीए के अपार्टमेंट बने पहली पसंद, ‘पहले आओ-पहले पाओ’ योजना के तहत 510 करोड़ रूपये में बिके 1125 फ्लैट

गोमती नगर व गोमती नगर विस्तार योजना में स्थित विभिन्न अपार्टमेंट्स के 175 फ्लैटों को लाॅटरी के माध्यम से 61.25 करोड़ रूपये में बेचा गया

लखनऊ विकास प्राधिकरण ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 2629.89 करोड़ रूपये की सम्पत्ति बेची है। इसमें सर्वाधिक 2058.64 करोड़ रूपये की आय ई-आॅक्शन से बेची गयी उन व्यावसायिक एवं आवासीय सम्पत्तियों से प्रस्तावित है, जिन पर कई वर्षों से भू-माफिया का अवैध कब्जा था। एलडीए उपाध्यक्ष डाॅ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी ने सिलसिलेवार तरीके से अभियान चलाकर प्राधिकरण की इन बेशकीमती सम्पत्तियों से अवैध कब्जा हटवाया। जिसके बाद इन सम्पत्तियों का साइट प्लान तैयार कराके इन्हें ई-आॅक्शन में लगाया गया। नतीजा यह रहा कि इन भूखण्डों पर दो से तीन गुना अधिक कीमत तक बोली लगी और एलडीए के खजाने में करोड़ों रूपये आये।

उपाध्यक्ष डाॅ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि प्राधिकरण की कई व्यावसायिक व आवासीय सम्पत्तियों पर अनाधिकृत लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा था। जिसकी वजह से ये सम्पत्तियां बेशकीमती होने के बाद भी बिक नहीं पा रही थीं। लिहाजा सबसे पहले अवैध कब्जे/निर्माण के खिलाफ अभियान चलाकर इन जमीनों को खाली करवाने की कार्यवाही की गयी। इसके अंतर्गत गोमती नगर, गोमती नगर विस्तार, सी0जी0 सिटी, जानकीपुरम व बसन्तकुंज योजना में भूखण्ड व दुकानेें समेत लगभग 1700 करोड़ रूपये कीमत की सम्पत्ति खाली करवायी गयी। जिसके बाद इन सम्पत्तियों को भी ई-आक्शन में लगाया गया। उपाध्यक्ष ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में व्यावसायिक एवं आवासीय सम्पत्तियों का 06 बार ई-आक्शन कराया गया। इसमें 2058.64 करोड़ रूपये में 138 भूखण्ड व 83 दुकानों की बिक्री हुयी। इसके अलावा विभिन्न शासकीय विभागों को बल्क सेल की 08 बड़ी सम्पत्तियां आवंटित की गयी हैं, जिससे प्राधिकरण के खाते में 302.07 करोड़ रूपये आए हैं।

आनलाइन बुकिंग के फार्मूले से 1125 फ्लैट बिके
सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि पहले प्राधिकरण द्वारा अपनी विभिन्न योजनाओं में रिक्त फ्लैटों को ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के अंतर्गत आफलाइन पद्धति से बेचा जाता था। इसमें फ्लैट खरीदने के इच्छुक लोगों को कार्यालय में आकर संपर्क करना पड़ता था और तमाम औपचारिकताएं पूर्ण करनी पड़ती थीं। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डाॅ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी ने ‘पहले आओ-पहले पाओ’ योजना के अंतर्गत रिक्त फ्लैटों के आवंटन के लिए आनलाइन बुकिंग की व्यवस्था शुरू की। पारदर्शी प्रक्रिया के तहत यह व्यवस्था लागू होने से लोगों ने घर बैठे एलडीए पोर्टल के माध्यम से अपने मनपसंद फ्लैट चुने और खरीदे। नतीजा यह रहा कि एलडीए ने पहले आओ-पहले पाओ योजना के तहत महज एक साल में 1125 फ्लैट बेचे। इससे प्राधिकरण को 510 करोड़ रूपये की आय हुयी है।

इन अपार्टमेंट में सर्वाधिक फ्लैट बिके
अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा ने बताया कि पहले आओ-पहले पाओ योजना के अंतर्गत सर्वाधिक जनेश्वर इन्क्लेव में 207, सी0जी0 सिटी में 140, देवपुर पारा योजना में 163, सरगम अपार्टमेंट में 127, ऐशबाग हाईट्स में 88 व दीपशिखा अपार्टमेंट में 69 फ्लैट बिके हैं। उन्होंने बताया कि अब जनेश्वर इन्क्लेव में एक भी फ्लैट नहीं बचा, सभी बिक गये हैं।

लाॅटरी से 175 फ्लैटों का आवंटन
अपर सचिव ने बताया कि लखनऊ में अपने आशियाने का सपना देखने वालों के लिए एलडीए के अपार्टमेंट पहली पसंद साबित हुये हैं। पहले आओ-पहले पाओ योजना के अंतर्गत 1125 फ्लैट बेचने के अलावा गोमती नगर व गोमती नगर विस्तार योजना में रिक्त फ्लैटों व भवनों को लाॅटरी के माध्यम से बेचा गया। उन्होंने बताया कि लाॅटरी के माध्यम से 175 फ्लैट/भवन आवंटित किये गये, जिससे प्राधिकरण को 61.25 करोड़ रूपये की आय हुयी है।

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