फाइलें लंबित होने पर एलडीए वीसी नाराज, डिप्टी कलेक्टर-तहसीलदार से जवाब तलब

लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डाॅ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी ने विभिन्न अनुभागों का किया औचक निरीक्षण
कार्यालय अवधि में सीट से नदारद कर्मचारियों की उपाध्यक्ष ने तलब की सूची, लिखित स्पष्टीकरण के साथ पेश होने के निर्देश
अलमारी में खाली जगह होने के बावजूद अव्यवस्थित ढंग से रखी थी फाइलें, उपाध्यक्ष ने कर्मचारियों को लगायी फटकार
लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डाॅ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी ने सोमवार को प्राधिकरण भवन में विभिन्न अनुभागों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सीट पर लंबित फाइलों को देख उपाध्यक्ष ने कड़ी नाराजगी जताते हुए डिप्टी कलेक्टर श्रद्धा चौधरी व तहसीलदार शशिभूषण पाठक समेत अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों से जवाब तलब किया है। उपाध्यक्ष ने कार्यालय अवधि में सीट से नदारद कर्मचारियों की सूची तलब की है। साथ ही फाइलों का रख-रखाव अव्यवस्थित मिलने पर उपाध्यक्ष ने सम्बंधित कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए तीन दिन में व्यवस्था दुरूस्त करने के निर्देश दिये हैं।
सोमवार दोपहर करीब 3 बजे उपाध्यक्ष औचक निरीक्षण पर निकले। इस दौरान उनके द्वारा सर्वप्रथम मुख्य अभियंता कार्यालय का निरीक्षण किया गया। कार्यालय में डिस्पैच लिपिक सीट से नदारद थे, जानकारी करने पर पता चला कि सम्बंधित लिपिक भोजनावकाश के बाद से कहीं गये हैं। इस पर सम्बंधित लिपिक का स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं, कार्यालय में बड़ी संख्या में गार्ड फाइल व अन्य पत्रावलियां अव्यवस्थित ढंग से रखी मिलीं। इस पर उपाध्यक्ष ने स्टाॅफ आफिसर को निर्देश दिये कि फाइलों को व्यवस्थित ढंग से अलमारी में रखा जाए तथा समस्त कर्मचारियों की नेम प्लेट उनके पटल पर लगायी जाए।
इसके बाद उपाध्यक्ष ने तहसीलदार शशिभूषण पाठक के कार्यालय का निरीक्षण किया, जहां मार्च एवं अप्रैल महीने में प्राप्त फाइलें लंबित पायी गयीं और इनमें तहसीलदार द्वारा कोई आदेश नहीं किया गया था। उपाध्यक्ष ने मौके पर उपस्थित कर्मचारी से इन समस्त फाइलों की सूची तलब की है। उपाध्यक्ष ने एन0ओ0सी0 रजिस्टर भी चेक किया, जिसमें पाया गया कि अर्जन, नजूल, इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट एवं अर्बन सीलिंग से सम्बंधित कई एन0ओ0सी0 तहसीलदार के स्तर पर लंबित है। वहीं, तहसीलदार के कक्ष का निरीक्षण करने पर भी बड़ी संख्या में पत्रावलियां लंबित पायी गयीं। इस सम्बंध में तहसीलदार शशिभूषण पाठक से तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके बाद उपाध्यक्ष ने डिप्टी कलेक्टर श्रद्धा चौधरी के कैम्प कार्यालय का निरीक्षण किया, जहां बड़ी संख्या में पत्रावलियां लंबित पायी गयीं। कैम्प सहायक द्वारा यह नहीं बताया जा सका कि इनमें से कितनी फाइलों का निस्तारण किया जा चुका है। इस पर उपाध्यक्ष ने डिप्टी कलेक्टर को तीन दिन में अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।
इसके उपरांत उपाध्यक्ष ने विशेष कार्याधिकारी अरूण कुमार सिंह के कार्यालय का निरीक्षण किया। कार्यालय में डिस्पैच लिपिक अनुपस्थित थे और उनके स्थान पर चौकीदार परमानन्द पाण्डेय द्वारा फाइलों के विषय में जानकारी दी गयी। पता चला कि परमानन्द पाण्डेय की तैनाती अन्य स्थान पर है और इसके बाद भी उनके द्वारा यहां कार्य किया जा रहा है। इस पर विशेष कार्याधिकारी से सम्बंधित कर्मचारी के विषय में स्पष्टीकरण तलब किया गया है। इस क्रम में उपाध्यक्ष ने विशेष कार्याधिकारी प्रिया सिंह के कार्यालय का भी निरीक्षण किया, जहां लगभग 20 दिन पहले प्राप्त कुछ फाइलें लंबित पायी गयीं। इस पर उपाध्यक्ष ने पत्रावलियों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण कराने के निर्देश दिये हैं।
इसके अतिरिक्त उपाध्यक्ष ने अर्जन अनुभाग, रजिस्ट्री सेल एवं व्यवसायिक सेल अनुभाग का भी निरीक्षण किया। यहां लंबित रजिस्ट्रियों के सम्बंध में सही जानकारी न देन पर उपाध्यक्ष ने अनुभाग अधिकारी सीमा अग्रवाल से स्पष्टीकरण तलब किया है। निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने फाइलों को व्यवस्थित ढंग से रखने और साफ-सफाई के सम्बंध में निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह बाद उनके द्वारा पुनः औचक निरीक्षण किया जाएगा तथा लापरवाही उजागर होने पर सम्बंधित के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।








