एलडीए प्रवर्तन जोन 1 : प्रभु की कृपा भयऊ सब काजू, अवैध निर्माण सम्पन्न हुआ आजू ! जोनल जब है साथ, तो किस बात की चिंता !
जोनल अधिकारी की समझ से बाहर...अभियंता की कृपा और सुपरवाइजर सेटिंग का गठजोड़ ! जोनल तुम अवैध निर्माण सील करो...डील करेंगे हम....की रणनीति पर काम कर रहे हैं प्रवर्तन जोन 1 के अभियंता और सुपरवाइजर

राजधानी लखनऊ में एलडीए की नाक के नीचे अवैध निर्माण चरम पर पहुंच चुके हैं। कभी योजनाबद्ध विकास का मॉडल कहा जाने वाला गोमतीनगर आज अवैध निर्माणों और मनमाने व्यावसायिक उपयोग का गढ़ बन गया है।
विवेक, विशाल, विकास, विभव, विक्रांत और विजयंत खंड—हर इलाके में नियम और मानक ‘खंड-खंड’ होते दिखाई दे रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, एलडीए के जोनल अधिकारी ने कई अवैध रो-हाउस सोसाइटीज़ और यहां तक कि पहले से सील की जा चुकी इमारतों में भी निर्माण कार्य की मौन स्वीकृति दे रखी है।
“जोनल जब है साथ तो किस बात की चिंता!”
अगर ज़ोनल अधिकारी साथ में हो, तो फिर किसी भी नियम-कानून की चिंता नहीं – साफ संकेत है कि निर्माण कार्य करने वालों को अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है।
सबसे हैरान करने वाला मामला विराम खंड-1 के पत्रकारपुरम चौराहे के पास सामने आया है, जहां एक सील की गई इमारत में 9 अक्टूबर को एक ज्वेलरी शोरूम का उद्घाटन हुआ। यह वही इमारत है जिसे एलडीए ने नियमों के उल्लंघन पर पहले ही सील कर दिया था। अवर अभियंता का बयान और भी चौंकाने वाला है—उनके अनुसार, “प्राधिकरण के अति उच्च अधिकारी की सिफारिश पर शोरूम खोलने की अनुमति दी गई है।”
यह इमारत आवासीय भूखंड पर खड़ी है, लेकिन इसका 100% व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। शोरूम के बाहर कोई पार्किंग व्यवस्था नहीं है, जिससे ग्राहकों की गाड़ियाँ दिनभर सड़क पर खड़ी रहती हैं। इसका नतीजा है—भीषण जाम, असुविधा और अव्यवस्था।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन प्राधिकरण के अधिकारी मौन धारण किए बैठे हैं।
अब सवाल यह उठता है—क्या राजधानी लखनऊ में नियमों की धज्जियां इसी तरह खुलेआम उड़ती रहेंगी? क्या प्राधिकरण की ‘मौन स्वीकृति’ ही इन अवैध गतिविधियों का सबसे बड़ा संरक्षण बन चुकी है?
प्रवर्तन जोन 1 में तैनात अभियंता और सुपरवाइजर जोनल अधिकारी को वही निर्माण का निरीक्षण करवाते हैं जहा मामला सेट नहीं हुआ था. और उन अवैध निर्माणों पर वर्तमान में अभियंता और सुपरवाइजर एलडीए का लाल पट्टा लगवा रहे हैं.








