मुख्यमंत्री ने सहारनपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के हवाई और स्थलीय निरीक्षण किया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद सहारनपुर भ्रमण के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ बैठक के उपरान्त मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि के कारण जनपद सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली के कुछ गांवों के साथ जनपद बिजनौर, गाजियाबाद एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जनपदों में बाढ़ और जलभराव के मामले सामने आए है। इसके दृष्टिगत वे निरीक्षण करने यहां आए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना, हिण्डन, पॉवधोई और ढमोला नदी में बाढ़ और उससे उत्पन्न जलभराव की स्थिति का हवाई एवं स्थलीय निरीक्षण किया गया है। जनप्रतिनिधियों, स्वंयसेवकों एवं जिला प्रशासन द्वारा संचालित बाढ़ राहत शिविरों में से 02 राहत शिविरों का भी निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया है। जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बाढ़ एवं राहत बचाव कार्यों के सम्बन्ध में बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली में भारी वर्षा के कारण यमुना नदी के जलस्तर में बढोत्तरी हुई है। इसके कारण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़ने के बाद यह समस्या और अधिक विकराल हुई थी। अब हालात धीरे-धीरे सुधर रहे हैं और राहत मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहारनपुर जनपद के 118 गांव और शहर के 28 मोहल्ले जलभराव की चपेट में आए थे, जिससे यहां निवास करने वाले लगभग पौने तीन लाख लोग प्रभावित हुए थे। जो लोग पूरी तरह से प्रभावित थे उनको जिला प्रशासन ने राहत शिविरों में पहुंचाया है। बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की गयी है। जनपद सहारनपुर में 13 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि बाढ़ की चपेट में आने की जानकारी प्राप्त हुई है। इसका शीघ्र आकलन कराया जाएगा। यहां 07 जनहानि एवं 03 पशु हानि भी हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ बैठक में बाढ़ एवं राहत कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गयी है। पूरी तरह से बाढ़ से पीड़ित परिवारों के लिए राहत सामग्री की एक किट बनायी गयी है। राहत सामग्री किट में 10 किग्रा0 आटा, 10 किग्रा0 चावल, 10 किग्रा0 आलू, 02 किग्रा0 अरहर दाल, 01 किग्रा0 नमक, हल्दी, मिर्च, धनिया व सब्जी मसाले, 01 लीटर रिफाइन्ड, 05 किग्रा0 लाई, 02 किग्रा0 भुना चना, 01 किग्रा0 गुड़, 10 पैकेट बिस्कुट, माचिस एवं मोमबत्तियों का पैकेट, नहाने का साबुन, 20 लीटर का जरीकेन और एक तिरपाल शामिल है। महिलाओं के लिए डिग्निटी किट की व्यवस्था की गयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिनके मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उन्हें मुआवजे के साथ बरसाती भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। राहत शिविर में रह रहे लोगों के उचित खान-पान की व्यवस्था करने के निर्देश दिये गए। नगर निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतीराज एवं ग्राम्य विकास विभाग को स्वच्छता सुनिश्चित करने एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग को स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह सावधानी बरतने के साथ दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। बरसात में सांप, बिच्छू एवं अन्य जहरीले कीड़ों से किसी प्रकार की शिकायत के लिए एंटी स्नेक वेनम एवं एंटी रेबीज वैक्सीन की सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं जिला अस्पतालों में उपलब्धता रखने के लिए कहा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक तरफ हम आपदा की चुनौती का सामना कर रहे हैं। दूसरी तरफ सावन के पवित्र माह में कांवड़ यात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ जारी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगभग 04 करोड कांवड़ यात्री हरिद्वार से जल लेकर अपने अपने गंतव्यों एवं शिवालयों में जा रहे हैं, जो शिवरात्रि के दिन जल चढ़ायेंगें। कांवड़ियों की आस्था को ध्यान में रखते हुए उनकी सुरक्षा के साथ-साथ अन्य सुविधाएं शासन-प्रशासन, जनप्रतिनिधयों एवं स्वयंसेवी संगठनों द्वारा प्रदान की जा रही हैं। आस्था का सम्मान करने के लिए कल सहारनपुर में कांवड़ यात्रियों पर पुष्पवर्षा की जाएगी। आज जनपद शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ और गाजियाबाद में पुष्पवर्षा का कार्य चल रहा है। आस्था के सम्मान के साथ हर नागरिक की सुरक्षा के लिए सरकार पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रही है। डबल इंजन की सरकार जनता को इस आपदा के समय न केवल सुरक्षा बल्कि उनकी आस्था का सम्मान करने के लिए तत्परता से कार्य करेगी।

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