अंबेडकर नगर: SDM आलापुरा झूठा है या तो BDO राम नगर, जांच बनी रबड़ी

अंबेडकर नगर।

उत्तर प्रदेश सरकार गावों के विकास के लिए योजनाएं तो चला रही है लेकिन विभागों में बैठे अधिकारी विकास की गंगा में अपने हाथ धो रहे हैं।

मामला जनपद अंबेडकर नगर के आलापुरा तहसील के खंड विकास अधिकारी कार्यालय रामनगर के ग्राम पंचायत रामकोला का है। जहां दबंग ग्राम प्रधान ने सरकारी महकमों को अपने संगठन के दम पर नाक के चने चबवा दिए हैं।

खंड विकास कार्यालय अंतर्गत ग्राम पंचायत रामकोला में एक ANM सेंटर का निर्माण कार्य मानक के अनुरूप चल रहा था। लेकिन जिस ग्राम पंचायत में दबंग किश्म का प्रधान हो, वहां बिना विवाद हुए कोई काम हो कैसे सकता?

 

दबंग ग्राम प्रधान राजपति यादव ने ग्राम पंचायत में बन रहे ANM सेंटर की दीवाल तोड़कर एक नया गेट खुद के रुपए से लगवा दिया। जोकि कार्यदायी संस्था को रास नहीं आया।

सीएमओ ने सबको किया घनचक्कर

कार्यदाई संस्था के अभियंता ने अंबेडकर नगर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखा जिसमें ग्राम प्रधान द्वारा किए गए कृत और सरकारी काम में बाधा डालने की बात कही। लेकिन CMO ने भी कोई उचित जांच नहीं की।

सीएमओ ने पत्र एक पत्र जिलाधिकारी अंबेडकर नगर को लिखा जिसमें जांच की बात बताई और ग्राम प्रधान द्वारा जबरन गेट लगाने की बात लिखी। लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

शिकायतकर्ता ने आईजीआरएस पर की शिकायत, अधिकारियों का छूटा पसीना

शिकायतकर्ता रणधीर यादव ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर IGRS के माध्यम से शिकायत की। लेकिन जिले के अधिकारियों ने जांच के नाम पर शिकायतकर्ता को गुमराह किया।

क्या एसडीएम बोला रहा झूठ?

एसडीएम आलापुरा से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामले की जांच चल रही है और जिलाधिकारी अंबेडकर नगर ने जांच कर एफआईआर के आदेश दिए हैं। जोकि खंड विकास अधिकारी राम नगर को भेज दिया है।

बीडीओ रामनगर ने मुंह में लगाया ताला

हैरत करने वाली बात है कि खंड विकास अधिकारी राम नगर से जब इस मामले में बात की तो उन्होंने गोल मोल जवाब देते हुए बताया कि एसडीएम आलापुरा द्वारा कोई ऐसा मामला मेरे पास नहीं है। अब सवाल है कि क्या एसडीएम झूठ बोल रहा है या खंड विकास अधिकारी?

सोचने वाली बात है कि खंड विकास कार्यालय अंतर्गत ग्राम पंचायत रामकोला में ANM सेंटर बन रहा है और बीडीओ साहब को इसकी जानकारी नहीं।

अधिकारियों की मिलीभगत के चलते जांच अधर में लटकी है और प्रधान की दबंगई के आगे जिला प्रशासन नतमस्तक है। साथ ही ग्राम प्रधान द्वारा जबरन निर्माण कार्य में बाधा डालना और अवैध गेट लगाना स्थानीय पुलिस पर पर सवाल खड़े करता है।

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