UPCM ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक की

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने शास्त्री भवन में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि थोक एवं फुटकर औषधि लाइसेन्स प्रदान करने में भी देरी न की जाए। उन्होंने लाइसेन्स प्रणाली का सुदृढ़ीकरण करते हुए पारदर्शिता के साथ संचालित किए जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

UPCM ने पर्वों और त्योहारों के पूर्व खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालें तत्वों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, उन्होंने मिलावटी नमूनों के विरुद्ध जांच रिपोर्ट में भी तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि इस सम्बन्ध में दीर्घ अवधि तक प्रकरणों के लम्बित रहने से मिलवाटखोरों और भ्रष्टाचारियों को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि नमूनों का विश्लेषण शीघ्र कर जांच रिपोर्ट निर्धारित समय-सीमा के अन्दर दी जाए।

UPCM ने मिलावटी खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच रिपोर्ट मानकों के विपरीत पाए जाने पर सम्बन्धित व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि यह भी देखा जाए कि संग्रहीत नमूनों में बदलाव या परिवर्तन की गुंजाइश न रहे। साथ ही, उन्होंने जांच और लाइसेन्स निर्गत करने के नाम पर अनावश्यक उत्पीड़न को रोके जाने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट और खाद्य सुरक्षा के सम्बन्ध में जनजागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएं। अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षित और जनता को जागरूक किया जाए।

बैठक के दौरान प्रमुख सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन हिमांशु कुमार ने UPCM को विभागीय कार्यों के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि जांच के नमूनों की रिपोर्ट के कार्यों में तेजी लायी गई है। लाइसेन्स प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है। सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों में खाद्य सुरक्षा के सम्बन्ध में विभागीय अधिकारियों द्वारा जनजागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। व्यापारी संगठनों के सहयोग से खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा के सम्बन्ध में प्रशिक्षित किया गया है।

इस अवसर पर खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री अतुल गर्ग, खाद्य सुरक्षा आयुक्त, औषधि नियंत्रक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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