UPCM ने विधान सभा में अनुपूरक बजट पर अपने विचार व्यक्त किए

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने विधान सभा में अनुपूरक बजट पर अपने विचार व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने शुरू से ही किसानों पर फोकस करते हुए योजनाएं बनाई हैं। उत्तर प्रदेश किसानों का फसली ऋण माफ करने वाला पहला राज्य है। किसानों के फसली ऋण मोचन की अन्तिम किश्त के लिए इस अनुपूरक बजट में लगभग 1500 करोड़ रुपए व्यवस्था की गई है। उन्होंने PM-नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत सरकार ने फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को लगभग दोगुना और कुछ फसलों में 3 से 4 गुने तक की वृद्धि करके किसानों को बहुत बड़ी राहत दी है।

UPCM ने कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब, किसान, नौजवान, महिलाओं और समाज के प्रत्येक तबके के हित के लिए बिना भेदभाव के कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार द्वारा सामान्य बजट की लगभग 53 प्रतिशत धनराशि व्यय की जा चुकी है। यह अनुपूरक बजट प्रदेश सरकार का अब तक का सबसे बड़ा अनुपूरक बजट है। राज्य सरकार के सतत प्रयास से प्रदेश का तीव्र विकास सम्भव हो रहा है।
UPCM ने कहा कि प्रदेश में 34 लाख गन्ना किसान हैं। गत वर्ष गन्ना किसानों के गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए जो कार्यवाही प्रारम्भ की। इसके परिणामस्वरूप किसानों ने गन्ने के दायरे को बढ़ाने का कार्य किया। वर्ष 2016-17 में जहां गन्ना उत्पादन का क्षेत्रफल 20.54 लाख हेक्टेयर था, वहीं वर्ष 2017-18 में यह बढ़कर 22.99 लाख हेक्टेयर हो गया। इस वर्ष गन्ना उत्पादन का क्षेत्रफल 26.72 लाख हेक्टेयर हो गया है। गत वर्ष और इस वर्ष अब तक प्रदेश सरकार द्वारा 35 हजार करोड़ रुपए के गन्ना मूल्य का भुगतान किया जा चुका है, जो अब तक की सबसे बड़ी धनराशि है।
UPCM ने कहा कि प्रदेश में 120 लाख मी.टन चीनी का उत्पादन हुआ है। यह पहली बार हुआ है कि जब अक्टूबर से लेकर जून के अन्तिम सप्ताह तक प्रदेश में चीनी मिलें चली हैं। राज्य सरकार 15 अक्टूबर तक अधिकतर गन्ना मूल्य का भुगतान किसानों को कराने का प्रयास कर रही है। इसके लिए प्रदेश सरकार 4 हजार करोड़ रुपए के ऋण चीनी मिलों को करने की व्यवस्था कर रही है। साथ ही, यह व्यवस्था भी की जा रही है कि चीनी मिल मालिक को दिए गए ऋण का भुगतान सीधे किसानों के खाते में हो।
UPCM ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, कृषि सिंचाई योजना, स्वायल हेल्थ कार्ड आदि योजनाओं के माध्यम से किसानों के हित में साढ़े चार वर्ष में जो भी कार्य किए हैं, उनका लाभ किसानों को मिल रहा है। आलू उत्पादन करने वाले किसानों को विगत वर्ष भावान्तर योजना के अन्तर्गत पहली बार राशि उपलब्ध कराई गई है। इस वर्ष लगभग 53 लाख मी.टन गेहूं क्रय और 43 लाख मी.टन धान क्रय किया गया है।

UPCM ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा मीरजापुर में बाण सागर परियोजना का लोकार्पण किया गया है। इससे एक लाख हेक्टेयर खेती का सिंचन हो रहा है और एक लाख 70 हजार किसान सीधे इस परियोजना के माध्यम से लाभान्वित हो रहे हैं। इसको ड्रिप इरीगेशन के साथ जोड़ा जाएगा, जिससे खेती के लिए सिंचाई का क्षेत्रफल बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि बाण सागर परियोजना, सरयू नहर परियोजना, मध्य गंगा परियोजना और बुन्देलखण्ड की 06 परियोजनाएं, जो वर्षों से लम्बित थीं, इन सभी को केन्द्र सरकार व नाबार्ड के साथ बातचीत कर एकमुश्त धनराशि उपलब्ध कराने का काम किया गया है।
UPCM ने कहा कि देश में पिछड़ी जाति आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया है। अनुपूरक बजट में पिछड़ी जाति से जुड़े छात्र-छात्राओं के लिए विशेष योजना बनाई गई है। वर्ष 2016-17 में दशमोत्तर छात्रवृत्ति के माध्यम से 34 लाख 96 हजार तथा वर्ष 2017-18 में 41 लाख 21 हजार छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया गया है। इसके अलावा, इस वर्ष 45 लाख छात्र-छात्राओं को दशमोत्तर छात्रवृत्ति का लाभ दिया जाएगा। इसी प्रकार वर्ष 2016-17 में 30 लाख 81 हजार और वर्ष 2017-18 में 33 लाख 89 हजार छात्र-छात्राओं को शुल्क प्रतिपूर्ति प्रदान की गई है। इस वर्ष 38 लाख छात्र-छात्राओं को इस योजना से लाभान्वित किया जाएगा। पूर्वदशम छात्रवृत्ति के माध्यम से वर्ष 2016-17 में 10 लाख 70 हजार और वर्ष 2017-18 में 14 लाख 22 हजार छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया गया है। साथ ही, इस वर्ष इस योजना से 17 लाख छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया जाएगा।
UPCM ने कहा कि केन्द्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना देश की अब तक की स्वास्थ्य बीमा की सबसे बड़ी योजना है, जिसमें देश के लगभग 50 करोड़ लोग सीधे लाभान्वित होने जा रहे हैं। ऐसे 10 करोड़ परिवारों को 5 लाख रुपए प्रति वर्ष की स्वास्थ्य बीमा की सुविधा से लाभान्वित किया जाएगा।
UPCM ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन जैसी सभी योजनाओें में उत्तर प्रदेश ने लम्बी छलांग लगायी है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जहां अक्टूबर, 2014 से मार्च, 2017 तक प्रदेश में कुल 28 लाख शौचालय बन पाए थे, वहीं प्रदेश सरकार द्वारा विगत 15 माह के दौरान 01 करोड़ 25 लाख शौचालयों का निर्माण कराया गया है। साथ ही, शहरी क्षेत्रों में 06 लाख 19 हजार 945 शौचालय बनाए गए हैं।
UPCM ने कहा कि वर्ष 2016-17 में जनपद कन्नौज में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 67 हजार 645 शौचालयों का निर्माण कराया गया था। विगत एक वर्ष के दौरान 01 लाख 23 हजार 731 शौचालयों का निर्माण किया गया। जनपद कन्नौज में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 8395 गरीबों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अन्तर्गत 943 गरीब परिवारों को लाभान्वित किया गया है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में 230 जोड़ों का विवाह सम्पन्न हुआ।
इसी प्रकार, जनपद कन्नौज में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अन्तर्गत 61 हजार 408 लोगों को लाभान्वित किया गया। 99 आंगनबाड़ी केन्द्र बनवाए गए। विगत वर्ष 33564 मी0टन तथा इस वर्ष 43582 मी0टन गेहूं का क्रय सीधे किसानों से किया गया। प्रधानमंत्री उजाला योजना में 63 हजार 882 परिवारों को निःशुल्क L.E.D. लाइट्स वितरित की गईं। सौभाग्य योजना के तहत 72 हजार 410 लोेगों को निःशुल्क विद्यत कनेक्शन उपलब्ध कराए गए।
UPCM ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश सरकार द्वारा 8 लाख 85 हजार आवासों का निर्माण कराया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत इस वर्ष लगभग 04 लाख 32 हजार आवास गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 31 अगस्त तक गरीबों को 01 लाख 20 हजार रुपए का एक-एक आवास तथा 12 हजार रुपए की लागत का शौचालय उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा, मनरेगा के तहत गरीबों को 90 दिन की मजदूरी दिए जाने की व्यवस्था भी की जा रही है।
UPCM ने कहा कि विगत 01 वर्ष में बाढ़ से बचाव और पीड़ितों को राहत देने के लिए प्रदेश में अभूतपूर्व कार्य हुआ है। इसके फलस्वरूप इस वर्ष लगभग पूरा प्रदेश बाढ़ से सुरक्षित रहा है, जबकि विगत वर्ष 24 जिले बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए थे।
UPCM ने कहा कि प्रदेश में 12 लाख स्ट्रीट लाइट्स में से 06 लाख स्ट्रीट लाइट्स को L.E.D. लाइट्स में बदला गया है। इससे प्रदेश को 250 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष की बचत हो रही है। विगत 15 महीनों में विद्युत विभाग द्वारा 72 हजार मजरों का विद्युतीकरण किया गया है। साथ ही, 47 लाख से अधिक गरीबों को निःशुल्क विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। इस अवधि में 33/11 के.वी. के 380 विद्युत सबस्टेशन के कार्य भी सफलतापूर्वक सम्पन्न हुए हैं, जिससे विद्युत हानि कम हुई है। इससे प्रदेश को 3400 करोड़ रुपए की बचत भी हुई है।
UPCM ने कहा कि विगत 01 वर्ष में चिकित्सा के क्षेत्र में बहुत अच्छे कार्य हुए हैं। पूर्व के वर्षों में गोरखपुर के B.R.D. मेडिकल काॅलेज में इंसेफ्लाइटिस से सर्वाधिक मौतें होती थीं। विगत वर्ष अगस्त माह में वहां पर 400 से अधिक मरीज भर्ती हुए थे। इस वर्ष अगस्त महीने में मात्र 40 मरीज आए हैं। यह स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, नगर विकास, महिला कल्याण एवं बाल विकास, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज आदि 06 विभागों के समन्वित प्रयास से सम्भव हुआ है। इन सभी ने टीम वर्क के साथ काम किया। स्वच्छता के कार्यक्रम चलाए गए। फरवरी, अप्रैल, जुलाई में विशेष अभियान संचालित हुए। अप्रैल माह में एक पखवाड़ा वैक्सीनेशन को समर्पित किया गया। 0 से 15 वर्ष के प्रत्येक बालक-बालिका का वैक्सीनेशन किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम्य विकास तथा शहरी क्षेत्रों में नगर विकास विभाग द्वारा पेयजल की व्यवस्था की गई।
UPCM ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था के क्षेत्र में व्यापक सुधार हुआ है। वर्ष 2016 में डकैती की 168 घटनाओं के सापेक्ष वर्ष 2018 में 96 घटनाएं सामने आई हैं। इसी प्रकार लूट, हत्या, रोड होल्ड-अप, फिरौती, दहेज मृत्यु, बलात्कार आदि की घटनाओं में भी कमी आई है। 15 वर्षों में आज प्रदेश की कानून व्यवस्था सबसे अच्छी है। पिछले 16 महीनों में प्रदेश में एक भी दंगा नहीं हुआ है।
UPCM ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रभावी ढंग से जो कार्य किए हैं, उसे परिणामस्वरूप आज देश और दुनिया का हर उद्योगपति उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए इच्छुक है। माह फरवरी में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट-2018’ के दौरान हुए समझौतों में से 60 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शिलान्यास प्रधानमंत्री द्वारा 29 जुलाई, 2018 को किया गया है। बहुत शीघ्र ही 50 हजार करोड़ रुपए की नई परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा। बुन्देलखण्ड के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही, डिफेन्स काॅरीडोर के निर्माण के लिए अनुपूरक बजट में धनराशि की व्यवस्था की गई है।
UPCM ने कहा कि आजादी के 72वें वर्ष में प्रदेश में वन विभाग ने बेहतर कार्य किए हैं। पहली बार प्रदेश में 9.5 करोड़ वृक्षारोपण हुआ है। यह कार्य जनसहभागिता से सम्भव हुआ है। भारत सरकार के सहयोग से फैजाबाद, बस्ती, फिरोजाबाद, शाहजहांपुर, बहराइच में मेडिकल काॅलेज स्थापित किए जा रहे हैं। विगत 01 वर्ष में फैजाबाद में मेडिकल काॅलेज के निर्माण में 65 प्रतिशत, बस्ती में 62 प्रतिशत, फिरोजाबाद में 55 प्रतिशत, शाहजहांपुर में 45 प्रतिशत और बहराइच में 52 प्रतिशत की प्रगति हुई है।

इसके अलावा एटा, फतेहपुर, गाजीपुर, हरदोई, मीरजापुर, प्रतापगढ़, सिद्धार्थनगर और देवरिया में मेडिकल काॅलेज की स्थापना की स्वीकृति भारत सरकार से इस वर्ष प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा रायबरेली में एम्स का कार्य युद्धस्तर पर पूरा कराकर प्रारम्भिक चरण की O.P.D. का कार्य सफलतापूर्वक प्रारम्भ कराया गया है। इसके अलावा, गोरखपुर एम्स का कार्य भी युद्धस्तर पर चल रहा है। गोरखपुर, इलाहाबाद, कानपुर, आगरा, झांसी और मेरठ के राजकीय मेडिकल काॅलेजों में 08 नई सुपर स्पेशियलिटी प्रारम्भ करने के लिए भी भारत सरकार ने धनराशि की व्यवस्था की है।
UPCM ने कहा कि देश ने 16 अगस्त, 2018 को पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी को खोया है। प्रदेश सरकार ने अनुपूरक मांगों में श्रद्धेय अटल को समर्पित अनेक प्राविधान किए हैं। श्रद्धेय अटल की पैतृक जन्मभूमि बटेश्वर में एक स्मारक बनाने, उनकी उच्च शिक्षा के केन्द्र D.A.V. काॅलेज, कानपुर में सेण्टर आॅफ एक्सीलेन्स के लिए अनुपूरक बजट में धनराशि की व्यवस्था है। सार्वजनिक जीवन में अटल जी का पदार्पण बलरामपुर जनपद से हुआ था। यहां पर K.G.M.U. का एक सेटेलाइट सेण्टर बनाने की व्यवस्था की जा रही है और बाद में श्रद्धेय अटल के नाम पर मेडिकल काॅलेज की स्थापना भी की जाएगी। इसके साथ ही, श्रद्धेय अटल के नाम पर एक चिकित्सा विश्वविद्यालय भी बनाया जाएगा।
UPCM ने कहा कि प्रदेश का सौभाग्य है कि वर्ष 2019 में जनवरी से मार्च तक कुम्भ का आयोजन हो रहा है। यह दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन है। इसमें दुनिया के 192 देशों को भी आमंत्रित किया जा रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि देश के सभी 06 लाख गांव इस आयोजन से जुड़ें। हमारा प्रयास होगा कि गंगा जी की धारा को 15 दिसम्बर, 2018 तक पूरी तरह से अविरल और निर्मल बना दिया जाए। कुम्भ के पहले वाराणसी, तीर्थराज प्रयाग, लखनऊ, आगरा और अयोध्या में 05 वैचारिक कुम्भ का वृहद् स्तर पर आयोजन किया जाएगा। यह वैचारिक कुम्भ महिलाओं, युवाओं, पर्यावरण, सामाजिक समरसता आदि को केन्द्र बिन्दु बनाकर आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश में 20 से 22 जनवरी, 2019 की अवधि में वाराणसी में प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन किया जाएगा। इसमें दुनिया के अलग-अलग देशों में रहने वाले 06 हजार से अधिक प्रवासी भारतीय शामिल होंगे। हमारा प्रयास होगा कि इन आयोजनों से उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बेहतर टूरिज्म डेस्टिनेशन के तौर पर प्रस्तुत कर सकें।
UPCM ने कहा कि वर्ष 2016-17 में GST के रूप में मात्र 27,270 करोड़ रुपए की धनराशि प्राप्त हुई थी। वर्तमान में यह धनराशि 42,974 करोड़ रुपए हो गई है। इसी प्रकार खनन के क्षेत्र में इस वर्ष 1134 करोड़ रुपए, आबकारी में 8369 करोड़ रुपए, स्टाम्प और निबन्धन में 5344 करोड़ रुपए, परिवहन में 2343 करोड़ रुपए, भू-राजस्व के रूप में 351 करोड़ रुपए, ऊर्जा के क्षेत्र में 489 करोड़ रुपए की धनराशि प्राप्त हुई है।








