जापान टूरिज्म एक्सपो 2025 में यूपी टूरिज्म की भागीदारी: जयवीर सिंह

राज्य को वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने का प्रयास

लखनऊ: 24 सितंबर, 2025

उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग प्रतिष्ठित जापान टूरिज्म एक्सपो 2025 में प्रदेश की समृद्ध बौद्ध विरासत, प्रमुख तीर्थ स्थल, ऐतिहासिक स्मारक, विविधतापूर्ण संस्कृति, व्यंजन और हस्तशिल्प प्रदर्शित करेगा। यह आयोजन कल 25 से 28 सितंबर, 2025 तक जापान के टोकोनामे शहर स्थित आइची स्काई एक्सपो में किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यूपी पर्यटन का पवेलियन एक्सपो में आगंतुकों को राज्य की सांस्कृतिक विविधिता और धार्मिक विरासत से अवगत कराएगा।

मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यूपी पर्यटन के पवेलियन ने आगंतुकों को भगवान बुद्ध से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों और बौद्ध सर्किट की विशेषताओं से अवगत कराया जाएगा। जापान में बौद्ध धर्मावलंबी बहुतायत हैं। ऐसे आयोजनों से प्रदेश की आध्यात्मिक पर्यटन को विशिष्ट पहचान मिलेगी। साथ ही, उत्तर प्रदेश को विश्व स्तर पर एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि जापान के टोकोनामे शहर में आयोजित होने वाले टूरिज्म एक्सपो 2025 में जेएटीए ट्रैवल (जेएटीए 2025) मार्ट भी शामिल है। यह चार दिवसीय कार्यक्रम होगा, जिसमें एक दिन अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, दो दिन का बी2बी ट्रैवल मार्ट और शेष एक दिन सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए आयोजित किया जाएगा।

जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश पर्यटन का पवेलियन इस एक्सपो का प्रमुख आकर्षण होगा। राज्य के पर्यटन विभाग की ओर से चलाए जा रहे अभियान ‘बोधि यात्रा की शुरुआत उत्तर प्रदेश से करें (एम्बार्क ऑन योर बोधि यात्रा इन उत्तर प्रदेश) के तहत आगंतुकों को भगवान बुद्ध के जीवन और उपदेशों का अनुभव मिलेगा। साथ ही, यह पवेलियन राज्य के समग्र पर्यटन परिदृश्य और विविध आकर्षणों को भी उजागर करेगा। भारत-जापान पर्यटन सहयोग पर नेतृत्व सत्र और डेस्टिनेशन ब्रीफिंग्स होगी। दूसरे दिन (26 सितंबर) को बी2बी मीटिंग्स जापानी टूर ऑपरेटर्स के साथ साझेदारी पर केंद्रित होगा। इसके अलावा बौद्ध सर्किट व स्पिरिचुअल ट्रायंगल (प्रयागराज-अयोध्या-काशी) पर पैकेज प्रदर्शित किए जाएंगे।

इस आयोजन में उत्तर प्रदेश से वरिष्ठ अधिकारी और पर्यटन सेक्टर के साझेदार आदि शामिल हो रहे हैं। ये जापानी ट्रेवल प्रोफेशनल्स के साथ संवाद, सहयोग को मजबूत करते हुए पर्यटन को बढ़ावा देने की रोडमैप तैयार करेंगे। उल्लेखनीय है, कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और लखनऊ के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के माध्यम से बेहतर कनेक्टिविटी के कारण उत्तर प्रदेश अब दुनिया भर के यात्रियों को अपनी अद्वितीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का अनुभव करने के लिए आमंत्रित कर रहा है।

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