लखनऊ सीएमओ कार्यालय के अधिकारी आरटीआई में देते हैं गलत सूचनाएं, ACMO के भरोसे चल रहा CMO का काम

राजधानी लखनऊ में प्राइवेट हॉस्पिटल रेवड़ी की तरह पनप रहे हैं जिसका पूरा श्रेय लखनऊ मुख्य चिकित्सा अधिकारी और ACMO को जाता है।
एक आरटीआई के माध्यम से खुलासा हुआ है कि जनपद लखनऊ में पंजीकृत प्राइवेट हॉस्पिटल की संख्या 867 है। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से उपलब्ध कराई गई है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में बैठे भ्रष्ट अधिकारी अपनी कुर्सी बचाने के लिए किसी आरटीआई में कुछ भी गलत सूचनाएं देने में पीछे नहीं हटे। आरटीआई में दिए गए जवाब में कई प्राइवेट हॉस्पिटल को 2-2 बार प्रदर्शित करके भ्रष्टाचार को छुपाने का प्रयास किया गया। लेकिन आवेदक द्वारा सूची देखने पर ज्ञात हुआ है कि सूची में एक अस्पताल कई जगह दर्ज है। जिससे साफ हाजिर होता है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में बैठे अधिकारी गलत सूचनाएं देकर अपने भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहे हैं।
लखनऊ सीएमओ से जब इस प्रकरण में जानकारी लेनी चाही तो उन्होंने ACMO से बात करने की सलाह दी। लेकिन जब ACMO A.P. Singh से इस संबंध में बात की तो उन्होंने कहा आरटीआई से सूचना मांगिए।
अब सवाल है कि राजधानी लखनऊ के सीएमओ कार्यालय में तैनात अधिकारी ऐसा जवाब देगे तो लखनऊ की जनता फर्जी अस्पतालों के काल के गाल में जरूर समा जाएगी।
यूपी सीएम न्यूज, लखनऊ सीएमओ कार्यालय से पंजीकृत प्राइवेट हॉस्पिटल की लिस्ट जल्द प्रकाशित करेगा। जिससे विभाग में तैनात अधिकारियों के भ्रष्टाचार का खुलासा भी होगा।








