LDA Lucknow: उपाध्यक्ष जी आखिर कैसे रुकेगा अवैध निर्माण? जब अधिकारी काट रहे मलाई

राजधानी को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए सूबे की सरकार लगातार प्रयास कर रही है और इसी के मद्देनजर सरकार बनने के बाद से ही लखनऊ विकास प्राधिकरण में एक के बाद एक काबिल अफसरों को उपाध्यक्ष की कमान सौंपी गई है. मौजूदा समय में प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी अवैध निर्माण को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाए हुए हैं और इसके लिए कई बार अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देशित भी कर चुके हैं लेकिन एलडीए के होनहार अधिकारी उनके मंसूबों पर पानी फेरने से नहीं चूक रहे हैं.

जोन 4 के अलीगंज मे सालो से रुके अवैध निर्माण भी बीते 3 महीनों मे बनकर हुए तैयार:-
राजधानी के पॉश कॉलोनी में से एक अलीगंज में है इन दिनों अवैध निर्माणों का ताता लगा हुआ है। इस इलाके में सालों से जिन अवैध निर्माणों पर कार्य बंद था वह भी बिल्डिंग है बीते 2 से 3 महीने में बनकर तैयार हो गयी है और अपने आखिरी दौर में है.

अलीगंज मे सेक्टर E से लेकर P तक मुख्य मार्गो पर धड़ल्ले से चल रहा अवैध निर्माण:-
प्राधिकरण के जोन 4 के अलीगंज थाना क्षेत्र मे आवासीय भूखंडों पर धड़ल्ले से व्यवसायिक इमारतें खड़ी हो रही है और प्राधिकरण के जिम्मेदार आंखें बंद करे हुए हैं. अवैध इमारतों मे ग्राउंड और प्रथम तल पर शॉपिंग कंपलेक्स और ऊपर के हिस्सों मे फ्लैट बनकर तैयार हो रहे हैं. इन अवैध इमारतों में ना ही पार्किंग की सुविधा है और न ही ये सुरक्षा की दृष्टि से प्राधिकरण के मानकों पर खरे उतरते हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि अगर इस तरीके से मुख्य मार्गों पर लगातार आवासीय भूखंडों का व्यवसायिक इस्तेमाल होने लगा तो आने वाले वक्त में जो ट्रैफिक जाम की समस्या अभी कम संख्या मे बनी व्यवसायिक इमारतों की वजह से थोड़ी कम है वह विकराल रूप धारण कर लेगी क्योंकि इन अवैध व्यवसायिक इमारतों मे पार्किंग की सुविधा नहीं दी गयी है. प्लाट संख्या बी -27 सेक्टर k,B/12 सेक्टर E के साथ-साथ P ब्लॉक के मुख्य मार्गों पर एसबीआई एटीएम के बगल में स्थित और उसे चंद कदमों की दूरी पर बन रहे दोनों अवैध निर्माण काफी लंबे वक्त से बंद थे और इन पर प्राधिकरण ने सीलिंग की कार्रवाई भी की थी, लेकिन पिछले 2 महीने में यह दोनों ही अवैध निर्माण बनकर पूरी तरीके से तैयार हो चुके हैं.
सालों से बंद अवैध निर्माण भी बीते 2 से 3महीने मे बनकर हुए तैयार:-
अलीगंज का माहौल अवैध निर्माणों के लिए पिछले 3 महीनों में इस कदर बदला कि जिन इमारतों पर प्राधिकरण ने अपना हंटर चला कर काम रुकवाया था अब वह सभी लगभग बनकर तैयार हो चुके हैं. इस तरीके की इमारतों में अलीगंज के सेक्टर B का b-1/1 भूखंड संख्या जो कि आवासीय भूखंड है उस पर लंबे समय से निर्माणाधीन अवैध व्यवसायिक इमारत जिसमे लगभग 6 महीने से भी ज्यादा वक्त से काम बंद था वह पिछले 3 महीनों में बनकर तैयार हो गयी. राम राम बैंक चौराहे पर स्थित यह अवैध इमारत प्राधिकरण के नियमों का खुला मखौल उड़ा रही है. वहीँ अलीगंज के सेक्टर C में भी लंबे समय से भूखंड संख्या A-1 सेक्टर C मे निर्माणाधीन अवैध व्यवसायिक इमारत जिसमें लगभग एक साल से भी ज्यादा के समय से निर्माण कार्य बंद था वह भी अब अपने पूर्ण होने के आखिरी दौर में हैं.

आखिर किसके संरक्षण में हो रहा जोन 3 और अन्य जोन में अवैध निर्माण:-
लखनऊ विकास प्राधिकरण में वीसी के आदेश की विभागीय अधिकारी उड़ा धज्जियाँ रहे. पारा क्षेत्र के जोन 3 और अन्य जोन में जगह जगह अवैध निर्माण हो रहा है लेकिन अधिकारी कोई कार्यवाही नहीं। मोहन रोड, हरदोई रोड पर जगह जगह अवैध निर्माण जोरो से चल रहा है क्योंकि मोटी रकम अधिकारियों के जेब में जा रही है और एलडीए वीसी को इसकी कोई जानकारी नहीं है जिसके कारण राजधानी में अवैध निर्माण जोरो से चल रहा है। मानक को ताख पर रखकर निर्माण कार्य कराया जा रहा है और लखनऊ विकास प्राधिकरण किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है।

अब सवाल है कि एलडीए वीसी को zone3 में चल रहा अवैध निर्माण क्यों नहीं दिखाई दे रहा। जिस प्रकार जोन1 में अवैध निर्माण पर LDA कार्रवाई कर रहा है, क्या उसी तरह Zone3 में नहीं हो सकती? आखिर केवल VIP क्षेत्रों में क्यों चल रहा है LDA का बुलडोजर।

भ्रष्ट अधिकारियों की वजह से LDA वीसी अक्षय त्रिपाठी की छवि धूमिल हो रही है। आखिर एलडीए वीसी ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के पेंच क्यों नहीं कस रहे हैं।

क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी:-
जोन 3 के अधिकारी से इस संबंध में बात की तो उनका कहना है कि साहब हर जगह अवैध निर्माण चल रहा है लेकिन रोकने के लिए नहीं जा सकते। कुछ अधिकारी तो ऐसे हैं जो सीधे मुँह बात करना पसंद नहीं करते। एक LDA अधिकारी का कहना है कि मीडिया में जो लिखना है लिख दो, कोई फर्क नहीं पड़ता।

अब फर्क क्या पड़ेगा जब अधिकारियों की दसों उँगलियाँ घी में हो और अवैध निर्माण जोरो पर हो. अगर ऐसे में कोई बड़ा हादसा होता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?
लखनऊ विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी अगर समय से भ्रष्ट अधिकारियों पर नकेल नहीं कसेंगे तो लखनऊ में कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है.








