प्रदेश में 04 वर्षों में 21,065 हे0 ड्रिप इरीगेशन संयंत्र स्थापित : संजय आर0 भूसरेड्डी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में गन्ना किसानों के न्यूनतम निवेश पर गन्ना उत्पादन को बढ़ाने के लिए कृषि निवेशों का बेहतर प्रबंधन और वितरण पर विशेष बल दिया है। चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग द्वारा इसी उद्देश्य कि पूर्ति हेतु ड्रिप इरीगेशन संयंत्र स्थापित कराकर गन्ने की खेती की जा रही है। प्रदेश में अब तक 21,065 हे0 क्षेत्रफल में ड्रिप इरीगेशन संयंत्र स्थापित कर गन्ना की खेती की गयी है। इस तरह कम पानी के उपयोग से अधिकतम उत्पादन किया जा रहा है।
इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए अपर मुख्य सचिव गन्ना एवं चीनी संजय आर0 भूसरेड्डी ने बताया कि इस संयंत्र की स्थापना से सिंचाई जल के साथ पोषक तत्वों के प्रयोग (फर्टिगेशन) से 50 प्रतिशत रासायनिक उर्वरकों की बचत होती है और 50 प्रतिशत तक सिंचाई जल की बचत भी होती है। उन्होंने बताया कि ड्रिप इरीगेशन संयंत्र से क्षार युक्त और कम वर्षा वाले क्षेत्रों में भी गन्नें की खेती सम्भव हो सकी है।
भूसरेड्डी ने बताया कि ड्रिप इरीगेशन पद्धति अपनाने से फसलों में खरपतवारों को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है और किसानों को गन्नें की खेती की लागत में कमी आती है और किसान की आमदनी में वृद्धि हो रही है।








