प्रदेश में वर्तमान में सरकारी क्षेत्र में 260 लैब तथा निजी क्षेत्र में 138 लैब के साथ कुल 398 लैब उपलब्ध : योगी

लखनऊ 17 दिसम्बर, 2020
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में चिकित्सा शिक्षा विभाग कोविड-19 के जांच व उपचार की उत्तम सुविधा प्रदेश की जनता को उपलब्ध कराने हेतु कटिबद्ध है। प्रदेश सरकार अधिक से अधिक जनसंख्या को जांच सुविधा उपलब्ध कराने हेतु प्रयासरत है। प्रदेश सरकार के निरंतर अथक प्रयास के पश्चात अब तक प्रदेश में दो करोड़ 15 लाख से अधिक कोरोना जांच की जा चुकी है, जो देश के विभिन्न राज्यों की तुलना में सर्वाधिक है।
चिकित्सा शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में वर्तमान में सरकारी क्षेत्र में 260 लैब तथा निजी क्षेत्र में 138 लैब के साथ कुल 398 लैब उपलब्ध हैं, जिनमें प्रतिदिन लगभग 1.70 लाख से अधिक जांच की जा रही है। यह जांच आरटीपीसीआर, ट्रू-नेट मशीन तथा रैपिड एंटीजन टेस्ट द्वारा संपन्न की जा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिदिन जांच का यह आंकड़ा अन्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक है।
चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य के कुल 36 मेडिकल कॉलेज/ यूनिवर्सिटी/संस्थान तथा केंद्रीय संस्थानों में आरटीपीसीआर लैब की सुविधा उपलब्ध है। उत्तर प्रदेश की 23 करोड़ जनसंख्या के दृष्टिगत प्रदेश में अधिक जांचों की आवश्यकता को पूर्ण करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा राजकीय क्षेत्र में 10 नवीन बीएसएल -2 लैब राजकीय मेडिकल कॉलेज जालौन, आजमगढ़, अंबेडकर नगर, सहारनपुर, बस्ती, बहराइच,, फिरोजाबाद, अयोध्या तथा बदायूं में स्थापित की गई हैं। इसके अतिरिक्त चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के अधीन भी आठ जिला चिकित्सालय में आरटीपीसीआर लैब स्थापित की गई है। राजकीय मेडिकल कॉलेज झांसी एवं गोरखपुर में बीएसएल-3 लैब की सुविधा का विस्तारीकरण किया गया है। राजकीय मेडिकल कॉलेज कन्नौज में भी बीएसएल-3 लैब स्थापित की गई है। इस प्रकार प्रदेश में सरकारी क्षेत्र में कुल 45 आरटीपीसीआर लैब क्रियाशील हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रयागराज में आधुनिकतम उपकरण कोबास मशीन की भी स्थापना की गई है।
कोरोना के विरुद्ध प्रदेश सरकार के संघर्ष में निजी क्षेत्र का भी पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ है। वर्तमान में प्रदेश में कोरोना की जांच हेतु 138 निजी लैब संचालित है, जिनमें से कुल 48 लैब में आरटीपीसीआर जांच की सुविधा उपलब्ध है।








