जोन 3: हादसे के बाद ही जागता है एलडीए, आवासीय भूखंड पर हो रहा व्यवसायिक अवैध निर्माण

लखनऊ विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन जोन 3 के पारा क्षेत्र में आवासीय भूखंड पर बिना मानचित्र स्वीकृत कराए व्यवसायिक अवैध निर्माण कराया जा रहा है। घनी आबादी के बीच इस अवैध निर्माण से आस पास रहने वाले लोगों को खतरे का अहसास होने लगा है और डर सताने लगा है कि कहीं सरोजनीनगर के ट्रांसपोर्ट नगर मामले जैसा हादसा यहां भी न हो जाए!
अवैध निर्माणकर्ता और ठेकेदार के आगे एलडीए के अफसर नतमस्तक होने को तैयार हैं क्योंकि एलडीए के अभियंता और सुपरवाइजर क्षेत्र में बन रहे अवैध निर्माण को खुला संरक्षण दे रखे हैं। जिसके एवज में मोटा नजराना मिल जाता है। खास बात है कि व्यवसायिक अवैध निर्माण सील किए जाने के बाद अभियंता द्वारा अवैध निर्माणकर्ता को ज्ञान दिया जाता हैं कि कुछ समय के लिए इसे आवासीय बनाकर निर्माण पूरा कर लिया जाए। बाद में यही निर्माण अभियंता बदलने के बाद फिर से व्यवसायिक रूप धारण कर लेता है।
अक्सर देखा जा रहा है कि लखनऊ विकास प्राधिकरण शहर में हो रहे अवैध निर्माण पर कार्यवाही करने के स्थान पर अवैध निर्माण से मोटी वसूली कर अवैध निर्माण को बनाने के लिए अपना खुला संरक्षण दे देता हैं। जिससे निर्माणकर्ता के भी हौसले बुलंद हो जाते हैं। पत्रकारों द्वारा खबर लिखने के पर अभियंता ही फर्जी मुकदमा लिखवाने की फ्री ऑफ कास्ट सलाह निर्माणकर्ता को दी जाती हैं ताकि इन दोनों का आसानी से होता रहे और इनका काम भी बन जाए।
प्रवर्तन जोन 3 में अभियंताओं और सुपरवाइजर की मिलीभगत से अवैध निर्माण दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं जिससे कभी भी सरोजनी नगर जैसा बड़ा हादसा हो सकता है और फिर लखनऊ विकास प्राधिकरण के जिम्मेदार अफसर अपना ढोंग का पिटारा दूसरों के सर डालते फिरेंगे।
प्रवर्तन जोन 3 में आवासीय भूखंड पर लगभग सैकड़ों अवैध निर्माण बनकर तैयार हो गए हैं और जिसपर अधिकारियों को मोटा नजराना पहुंच चुका है जिसके चलते अधिकारी कार्यवाही करने में आनाकानी करते हैं।
बिना कंपाउंडिंग के सील बिल्डिंग बनकर तैयार
प्रवर्तन जोन 3 में अधिकारियों द्वारा सील अवैध निर्माण को चोरी छिपे बनवा दिया गया। जिसमें वर्तमान समय में डीलिंग के सहारे काम जारी है। एलडीए वीसी के आदेश के बाद भी बिना कंपाउंडिंग के अवैध निर्माण बनकर तैयार हो रहे हैं और विभाग को उनके ही जिम्मेदार नुकसान पहुंचा रहे हैं।








